हरियाणा में BJP ने उम्मीदवार से टिकट वापस ली:मोदी को सबसे निकम्मा प्रधानमंत्री कहा था, पाकिस्तानी आर्मी संग फोटो वायरल हुईं, अजराना बोले- मैंने लौटाई
हरियाणा चुनाव के बीच कुरूक्षेत्र की पिहोवा सीट से भाजपा उम्मीदवार कवलजीत सिंह अजराना विवादों में घिर गए हैं। टिकट मिलते ही सोशल मीडिया पर उनकी पाकिस्तानी आर्मी के साथ फोटो वायरल हो गईं। इनमें वह पाकिस्तानी अधिकारी के हाथों मिठाई खा रहे हैं और आर्मी के साथ ग्रुप फोटो खिंचवा रहे हैं।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, अजराना की तस्वीरें सामने आते ही राष्ट्रवादी छवि को झटका लगने से पार्टी में घमासान मच गया। इसके बाद अजराना की टिकट बदलने के लिए दबाव पड़ना शुरू हो गया। इसके बाद अजराना पर भी दबाव डाला गया। तब अजराना ने टिकट लौटा दी।
हालांकि, अजराना का कहना है कि उन्हें प्रचार के दौरान और पार्टी में विरोध झेलना पड़ रहा है। ऐसी सूरत में वह चुनाव नहीं लड़ सकते। इसलिए, उन्होंने ही पार्टी को चुनाव लड़ने से इनकार किया है। उन्हें भाजपा ने पिहोवा सीट से पूर्व मंत्री संदीप सिंह की टिकट काटकर उम्मीदवार बनाया था।
वहीं भाजपा से टिकट मिलने के बाद कवलदीप अजराना का एक 24 सेकेंड का वीडियो भी वायरल हुआ था। जिसमें वह पीएम नरेंद्र मोदी को सबसे निकम्मा प्रधानमंत्री कह रहे थे।
वायरल वीडियो में अजराना ने PM नरेंद्र मोदी के बारे में कहा था- ”लगता था कि ये बंदा कुछ न कुछ करेगा। उनकी बातों और लच्छेदार भाषण में आकर हमने उन्हें देश का प्रधानमंत्री बना दिया। लेकिन दुख की बात है कि आज तक जितने प्रधानमंत्री हुए हैं, सबसे निकम्मा कोई प्रधानमंत्री है तो वह नरेंद्र मोदी है।”
12 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कवलजीत की 4 बड़ी बातें…
प्रचार के दौरान लोगों ने विरोध किया कवलजीत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा भाजपा ने मुझ पर विश्वास जताकर टिकट दिया, उसके लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार है। छोटे से कार्यकर्ता को बहुत बड़ा मान दिया है। इसके बाद मैं लोगों के बीच प्रचार में गया। जो लोग टिकट मांगने के लिए दिल्ली गए हुए थे, वे भी मुझे मिले। टिकट के दावेदारों ने यह बात कही थी कि अगर किसी भी भाई को टिकट मिलता है तो सब उसका साथ देगें। हम खुद को कार्यकर्ता तब ही कह सकते हैं जो पार्टी हमें निर्देश देती है उसे अनुसरण करें। प्रचार के दौरान हमारे सरपंच भाइयों या फिर ओर लोगों ने भी विरोध किया और टिकट बदलने की मांग की। नेताओं ने कहा कि हम इस्तीफा दे देंगे।
टिकट मिलने पर सिख नेताओं के सुर बदले सिख चेहरों ने सबसे ज्यादा मेरा विरोध किया है। मेने अपनी जिंदगी के 30 साल सिख कौम की सेवा को दिए हैं। 8 सितंबर को सिख सम्मेलन हुआ है, जहां बड़ी-बड़ी बातें हुईं कि हमारे लोगों को विधानसभा और लोकसभा में भेजो, लेकिन जब मेरा टिकट आया तो सिख कौम के नेताओं के सुर ही बदल गए। जिसका मुझे दुख हुआ।
आहत होकर हाईकमान से टिकट वापस लेने का आग्रह किया मैं अमृतधारी सिख हूं और अपनी कौम को समर्पित हूं। जब मेरे बारे में ऐसी बातें की तो मुझे दुख हुआ। जिससे आहत होकर मैंने हाईकमान को टिकट वापस लेने का आग्रह कर दिया है। टिकट मिलना बहुत बड़ी बात होती है और कुछ पार्टियां तो टिकट के लिए पैसे भी ले लेती हैं। कई वर्करों की सारी जिंदगी लग जाती है और टिकट तक नहीं मिलती, लेकिन मुझे टिकट मिली। मैं सौभाग्यशाली हूं, मुझे शीर्ष नेतृत्व ने टिकट के काबिल समझा।
मैदान छोड़कर नहीं भाग रहा अजराना ने कहा कि मैं पार्टी सिद्धांतों से समझौता नहीं करता। मैं मैदान छोड़कर नहीं भाग रहा। मुझे ठेस पहुंची है। इसलिए यह कदम उठाना पड़ा। हाईकमान ने मुझे मनाने का भी प्रयास किया है, लेकिन मेरे भाई मेरे खिलाफ खड़े हैं तो मैं ऐसे माहौल में चुनाव नहीं लड़ सकता।
पाकिस्तान आर्मी के कवलजीत सिंह के स्वागत की 3 PHOTOS….
कवलजीत सिंह ने पत्र लिखा कवलजीत सिंह ने टिकट लौटाने के साथ पार्टी अध्यक्ष को एक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा, ‘मुझे पिहोवा विधानसभा सीट से टिकट देकर जो सम्मान प्रदान किया गया, उसके लिए मैं तहेदिल से आभारी हूं। यह मेरे लिए अत्यंत गौरव का विषय है। हालांकि, मैंने देखा है कि कुछ वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ता, जो वर्षों से पार्टी के लिए निष्ठापूर्वक कार्यरत हैं, मेरे नामांकन का विरोध कर रहे हैं।
मैं उनकी भावनाओं का पूरा सम्मान करता हूं और यह महसूस करता हूं कि इस स्थिति से पार्टी की जीत पर असर पड़ सकता है। इसलिए, पार्टी के हित को सर्वोपरि मानते हुए मैं अपना टिकट वापस करता हूं।’
अजराना का पार्टी अध्यक्ष को टिकट लौटाने के बारे में भेजा पत्र….
यौन शोषण केस में फंसने के बाद पूर्व मंत्री की टिकट कटी पिहोवा सीट पर 2019 में इंडियन हॉकी टीम के पूर्व कैप्टन संदीप सिंह ने भाजपा की टिकट पर चुनाव जीता था। इसके बाद उन्हें भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार में खेल मंत्री बनाया गया। हालांकि, कुछ समय पहले वह जूनियर महिला कोच के यौन शोषण केस में फंस गए।
तब मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री थे। उन्होंने संदीप से खेल विभाग वापस ले लिया लेकिन मंत्री बनाए रखा। हालांकि, लोकसभा चुनाव के वक्त इसी साल मई महीने में जब खट्टर को बदलकर नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया तो संदीप सिंह की कैबिनेट से छुट्टी कर दी गई। इसके बाद भाजपा ने पिहोवा से उनकी टिकट भी काट दी।
