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दिल्ली HC विकीपीडिया से बोला- आपका बिजनेस बंद कर देंगे:सरकार से कहेंगे आपको बैन कर दे…भारत पसंद नहीं तो यहां काम मत करो

दिल्ली HC विकीपीडिया से बोला- आपका बिजनेस बंद कर देंगे:सरकार से कहेंगे आपको बैन कर दे…भारत पसंद नहीं तो यहां काम मत करो

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को ANI की अवमानना ​​याचिका पर विकिपीडिया को नोटिस जारी किया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (5 सितंबर) को विकिपीडिया से कहा कि हम भारत में आपका बिजनेस बंद कर देंगे। सरकार से विकिपीडिया बंद करने के लिए कहेंगे। अगर आपको भारत पसंद नहीं है तो यहां काम मत करिए।

दरअसल, मामला विकिपीडिया के खिलाफ मानहानि केस से जुड़ा है। न्यूज एजेंसी ANI ने जुलाई 2024 में विकिपीडिया पर मुकदमा किया था। ANI का आरोप है कि विकिपीडिया पर उसे केंद्र सरकार का प्रोपेगेंडा टूल बताया गया है। ANI ने विकिपीडिया से इसे हटाने की मांग की और 2 करोड़ रुपए का हर्जाना मांगा है।

ANI बोला- विकिपीडिया ने बदनाम करने के लिए झूठा कंटेट पब्लिश किया
न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि विकिपीडिया फाउंडेशन ने न्यूज एजेंसी की इमेज खराब करने और उन्हें बदनाम करने के लिए झूठा और अपमानजनक कंटेट पब्लिश किया। ANI का आरोप है कि प्लेटफॉर्म अपने पेज पर यूजर्स को एडिट करने की इजाजत देता है।​​​​​​​

हाईकोर्ट ने 9 जुलाई को ​​​​​​​विकिपीडिया को एक समन जारी किया। 20 अगस्त को पिछली सुनवाई में कोर्ट ने विकिपीडिया से ANI पेज पर एडिट करने वाले 3 सब्सक्राइबर्स की जानकारी मांगी थी।

कोर्ट ने विकिपीडिया को ​​​​​​​नोटिस जारी किया
हालांकि, विकिपीडिया ​​​​​​​ने कोर्ट को सब्सक्राइबर्स ​​​​​​​की जानकारी नहीं दी। ANI ने कोर्ट का आदेश नहीं मानने का आरोप लगाते हुए 5 सितंबर को ​​​​विकिपीडिया के खिलाफ अवमानना ​​याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने अवमानना ​​याचिका पर विकिपीडिया को नोटिस जारी किया है।

विकिपीडिया का पक्ष रखने वाले वकील ने कहा कि भारत में उनकी यूनिट नहीं है। इसलिए उन्हें जवाब देने में और समय लगेगा। जस्टिस नवीन चावला ने इस दलील पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने 25 अक्टूबर को विकिपीडिया के प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

विकिपीडिया पर लिखा- ANI पर गलत रिपोर्टिंग करने का आरोप
​​​​​​​विकिपीडिया के पेज पर न्यूज एजेंसी ANI के बारे में लिखा है, ‘ANI पर मौजूदा केंद्र सरकार के लिए प्रोपेगेंडा टूल के रूप में काम करने, फेक न्यूज वेबसाइटों के विशाल नेटवर्क से कंटेट बांटना और कई मौकों पर घटनाओं की गलत रिपोर्टिंग करने का आरोप है।’

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