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नारायण राणे और आदित्य ठाकरे के समर्थकों के बीच झड़प:दोनों एक साथ सिंधुदुर्ग के राजकोट किला पहुंचे, 2 दिन पहले शिवाजी की प्रतिमा गिरी थी

महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में राजकोट किले में 2 दिन पहले गिरी छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा को लेकर राजनीतिक घटनाक्रम तेज हो गए हैं। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और भाजपा सांसद नारायण राणे अपने-अपने समर्थकों के साथ एक ही समय पर राजकोट के किले (जहां शिवाजी की प्रतिमा थी) पहुंचे। यहां दोनों के समर्थक आपस में भिड़ गए।

बुधवार सुबह आदित्य ठाकरे किले में अपने समर्थकों के साथ चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान नारायण राणे अपने बेटे निलेश राणे और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ राजकोट किला पहुंचे। यहां तैनात पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस होने लगी। इसके बाद ठाकरे समर्थकों से राणे के समर्थक भिड़ गए। दोनों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भाजपा कार्यकर्ताओं ने पहले ठाकरे कि खिलाफ नारेबाजी की थी, जिससे ठाकरे के समर्थक भड़क गए। घटना के बाद ठाकरे ने कहा- यहां जो हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण था। शिवाजी महाराज के किले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए थी।

मुंबई से लगभग 480 किमी दूर सिंधुदुर्ग जिले के मालवन स्थित राजकोट किले में शिवाजी महाराज की 35 फुट की मूर्ति बनी थी।

PM ने 8 महीने पहले उद्घाटन किया था
शिवाजी महाराज की प्रतिमा 26 अगस्त को दोपहर 1 बजे गिरी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 दिसंबर, 2023 को नेवी डे पर इसका उद्घाटन किया था। पुलिस ने मामले में कॉन्ट्रेक्टर जयदीप आप्टे और स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट चेतन पाटिल के खिलाफ FIR दर्ज की है।इंडियन नेवी ने कहा था कि घटना के जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रतिमा गिरने के कारण का जल्द ही पता लगेगा। मूर्ति की मरम्मत और फिर से स्थापना के लिए एक टीम बनाई गई है।

CM बोले- तेज हवा के कारण प्रतिमा गिरी
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा- 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी, जिससे प्रतिमा गिर गई। नेवी ने शिवाजी महाराज की 35 फुट ऊंची प्रतिमा की डिजाइनिंग और कंस्ट्रक्शन कराई थी। हम इसे दुबारा मजबूत तरीके से बनाएंगे। PWD और नेवी के अधिकारी घटना की जांच करेंगे।

PWD मंत्री बोले- नेवी को स्टील में जंग लगने की जानकारी दी थी
महाराष्ट्र सरकार में PWD मंत्री और भाजपा नेता रवींद्र चव्हाण ने बताया कि शिवाजी महाराज की प्रतिमा की स्थापना के लिए महाराष्ट्र सरकार ने नेवी को 2.36 करोड़ रुपए दिए थे। हालांकि, प्रतिमा बनाने वाले आर्टिस्ट के चयन, उसके डिजाइन की पूरी प्रक्रिया नेवी ने की थी।

चव्हाण ने बताया कि 8 सितंबर, 2023 को प्रतिमा बनाने का ऑर्डर दिया गया था। प्रतिमा में इस्तेमाल किए गए स्टील में जंग लगना शुरू हो गया था। PWD ने पहले ही नेवी के अधिकारियों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी थी और उनसे ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए थे।

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