भागवत बोले-भारत के लिए जीने का समय, मरने का नहीं:हर इंसान में देशभक्ति जरूरी; यहां ‘तेरे टुकड़े होंगे’ जैसी भाषा नहीं चलेगी
भागवत बोले-भारत के लिए जीने का समय, मरने का नहीं:हर इंसान में देशभक्ति जरूरी; यहां ‘तेरे टुकड़े होंगे’ जैसी भाषा नहीं चलेगी श्री विजया पुरम9 घंटे पहले मोहन भागवत अंडमान में दामोदर सावरकर के गीत ‘सागर प्राण तलमाला’ की 115वीं सालगिरह के मौके पर हुए आयोजन में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन…
