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महबूबा बोलीं- कांग्रेस हमारा एजेंडा माने तो गठबंधन को तैयार:PDP का घोषणा पत्र जारी किया, आर्टिकल 370 और 35A वापसी का वादा

महबूबा बोलीं- कांग्रेस हमारा एजेंडा माने तो गठबंधन को तैयार:PDP का घोषणा पत्र जारी किया, आर्टिकल 370 और 35A वापसी का वादा

श्रीनगर29 मिनट पहलेलेखक: रउफ डार
श्रीनगर में PDP का घोषणापत्र जारी करती पार्टी सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने शनिवार को पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के स्पेशल स्टेटस आर्टिकल 370 और 35A की वापसी के प्रयास और पाकिस्तान से ट्रेड दोबारा शुरू करने का वादा किया है।

महबूबा ने कहा कि हमारी सरकार बनी तो आर्म्स फोर्सेस को मिली स्पेशल पावर (AFSAPA), आतंक निरोधी कानून (UAPA), पब्लिक सेफ्टी एक्ट (PSA) और ऐनेमी एक्ट हटाएंगे। उन्होंने घाटी में कश्मीरी पंडितों के लिए 2BHK मकान देने का वादा किया।

महबूबा ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस से समर्थन के सवाल पर कहा- दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन सीट बंटवारे पर हो रहा है, ना कि एजेंडे पर। अगर दोनों दल हमारी पार्टी का एजेंडा मानेंगे तो हम गठबंधन को तैयार हैं। हमारा सिर्फ एक ही एजेंडा है- जम्मू-कश्मीर की समस्या का समाधान।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का घोषणा पत्र: उमर अब्दुल्ला बोले- सरकार बनी तो आर्टिकल 370 बहाल करेंगे

PDP के घोषणा पत्र की प्रमुख बातें…

  1. भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक बातचीत की वकालत करना, कांफिनेंस बिल्डिंग पर जोर देंगे
  2. पाक के साथ व्यापार और सोशल एक्सचेंज के लिए LOC के पार पूर्ण कनेक्टिविटी स्थापित करेंगे।
  3. क्षेत्रीय मुक्त व्यापार क्षेत्र और साझा आर्थिक क्षेत्र की वकालत करेंगे।
  4. LOC के पार शारदा पीठ खोलने और इसे पूर्ण रूप से धार्मिक तीर्थ स्थल घोषित करने पर जोर देंगे।
  5. सेंट्रल और दक्षिण एशिया के लिए पारंपरिक व्यापार मार्गों को खोलने का प्रयास करेंगे।
  6. पीएसए, यूएपीए और शत्रु अधिनियम को रद्द करने के लिए प्रयास करेंगे। इससे राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों की अन्यायपूर्ण गिरफ़्तारी का अंत होगा।
  7. AFSPA को हटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  8. जम्मू और कश्मीर के लोगों की भूमि और रोजगार अधिकारों की रक्षा करेंगे।
  9. जम्मू-कश्मीर मानवाधिकार आयोग की पुनः स्थापना करेंगे।
  10. जिन लोगों की नौकरी अन्यायपूर्ण तरीके से ली गई है, इन मामलों पर दोबारा गौर करेंगे और उनका समाधान करेंगे।
  11. राजमार्गों पर व्यक्तियों के अनुचित उत्पीड़न को समाप्त करेंगे।
  12. पीडीपी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करने और इसका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वतंत्र मीडिया की वकालत करेंगे।

कांग्रेस आज जारी कर सकती है कैंडिडेट्स की लिस्ट

दिल्ली में 23 अगस्त को कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की बैठक हुई। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी शामिल हुए।

कांग्रेस आज (24 अगस्त) कैंडिडेट्स की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी ने अब तक 6 कैंडिडेट्स के नाम फाइनल किए हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ गठबंधन के एक दिन बाद शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की बैठक हुई। इसमें पैनल ने 9 नामों पर चर्चा की, जिनमें से 6 को मंजूरी दे दी गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी शामिल हुए।

कांग्रेस ने पहले फेज में चुनाव लड़ने वाले कैंडिडेट्स के नाम पर मुहर लगाई है। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव 18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को तीन फेज में होने हैं। पहले फेज की 24 सीटों के लिए अब तक 14 कैंडिडेट्स ने नॉमिनेशन किया है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला ने 22 अगस्त को विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन का ऐलान किया।

NC-कांग्रेस गठबंधन के बीच 3 सीटों पर पेंच फंसा
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने 22 अगस्त को सभी 90 सीटों पर गठबंधन का ऐलान किया। सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस 52 और कांग्रेस 38 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। दोनों पार्टियों के बीच अभी भी कुछ सीटों को लेकर पेंच फंसा है। इन सीटों में नगरोटा, विजयपुर और हब्बा कदल की सीटें शामिल हैं। इसको लेकर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के बीच चर्चा चल रही है।

सीटों बंटवारे पर NC उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा- ज्यादातर सीटों पर गठबंधन फाइनल हो चुका है, जबकि कुछ सीटों पर सहमति बननी बाकी है। दोनों ही पार्टियां कुछ सीटों पर अड़ी हैं। सीटों के बंटवारे को लेकर आज अंतिम दौर की बैठक होगी।

जम्मू-कश्मीर चुनाव में केंद्र सरकार दे रही सिक्योरिटी
जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी पीके पोल ने शनिवार को बताया कि राज्य में चुनाव कराने के लिए गृह मंत्रालय सुरक्षा मुहैया करा रही है। पॉलिटिकल पार्टी, कैंडिडेट्स, रिटर्निंग ऑफिसर और स्ट्रांग रूम के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। हम राज्य में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने के लिए तैयार हैं।

जम्मू-कश्मीर में तीन फेज में वोटिंग होगी
इलेक्शन कमीशन ने 16 अगस्त को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। राज्य में तीन फेज में वोटिंग होगी। यहां विधानसभा की कुल 90 सीटें हैं। बहुमत का आंकड़ा 46 है।

जम्मू और कश्मीर में 90 विधानसभा सीटें
जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग ने 5 मई 2022 को अपनी रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर में 90 विधानसभा सीटें और 5 संसदीय सीटें यानी लोकसभा सीटें होंगी। डिवीजन की नजर से देखें तो जम्मू डिवीजन में 6 सीटें बढ़ाकर 43 विधानसभा सीटें की गई हैं और कश्मीर घाटी में 1 सीट जोड़कर 47 सीटें बनाईं गईं।

जम्मू डिवीजन के सांबा जिले में रामगढ़, कठुआ में जसरोता, राजौरी में थन्नामंडी, किश्तवाड़ में पड्डेर-नागसेनी, डोडा में डोडा पश्चिम और उधमपुर में रामनगर सीट जोड़ी गईं। वहीं, कश्मीर घाटी में कुपवाड़ा जिले में त्रेहगाम नई सीट शामिल की गई। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में लोकसभा की 5 सीटें बनाईं गईं, जो बारामूला, श्रीनगर, अनंतनाग-राजौरी, उधमपुर और जम्मू हैं।

2014 में हुए थे आखिरी विधानसभा चुनाव

आखिरी बार 2014 में जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव हुए थे। तब BJP और PDP ने गठबंधन सरकार बनाई थी। 2018 में गठबंधन टूटने के बाद सरकार गिर गई थी। इसके बाद राज्य में 6 महीने तक राज्यपाल शासन (उस समय जम्मू-कश्मीर संविधान के अनुसार) रहा। इसके बाद राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।

राष्ट्रपति शासन के बीच ही 2019 के लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें BJP भारी बहुमत के साथ केंद्र में लौटी। इसके बाद 5 अगस्त 2019 को BJP सरकार ने आर्टिकल-370 खत्म करके राज्य को दो केंद्र-शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांट दिया था। इस तरह जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं।

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