जम्मू-कश्मीर में 18, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को वोटिंग:हरियाणा की सभी सीटों पर 1 अक्टूबर को वोटिंग; नतीजे 4 अक्टूबर को
चुनाव आयोग ने शुक्रवार,16 अगस्त को जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के विधानसभा चुनावों का ऐलान किया। जम्मू-कश्मीर में 3 फेज,18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे।
यहां 10 साल बाद चुनाव होने जा रहे हैं। आखिरी बार 2014 में चुनाव हुए थे। जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ये पहला विधानसभा चुनाव होगा। उधर, हरियाणा में एक फेज में 1 अक्टूबर को मतदान होगा। दोनों राज्यों में नतीजे 4 अक्टूबर को आएंगे।
चीफ इलेक्शन कमिश्नर, राजीव कुमार ने बताया कि सिक्युरिटी फोर्सेस और त्योहार होने की वजह से महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव बाद में कराए जाएंगे। इससे पहले 2019 में हरियाणा-महाराष्ट्र के चुनाव एक साथ हुए थे।
अब दोनों राज्यों के चुनावी शेड्यूल की डिटेल…
चीफ इलेक्शन कमिश्नर बोले- थ्री जेंटलमेन आर बैक… 4 बड़ी बातें
- चीफ इलेक्शन कमिश्नर राजीव कुमार ने कहा, ‘थ्री जेंटलमेन आर बैक। लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। देशभर ने चुनाव का पर्व मनाया। लंबी कतारें दिखीं, बुजुर्ग, यूथ वोट डालने गए। लोकतंत्र का जीवित उदाहरण देश ने देखा।
- जो तस्वीर भारत ने दुनिया को दिखाई, वो चकित करने वाली थीं। जो चमक हमने देखी, वो बहुत दिन तक दिखाई देगी। जब भी कहीं दुनिया में चुनाव होंगे, आपको अपने देश की याद आएगी और हमारी ताकत की याद दिलाती रहेगी। जम्मू-कश्मीर में हमने जिनसे, राजनीतिक दलों से बात की, सबका मत था कि जल्द से जल्द चुनाव हों।
- आपको याद है कि मतदान केंद्र पर जो लंबी कतारें लगी थीं, वो जम्हूरियत की ताकत थी। उम्मीद और जम्हूरियत की झलक बताती है कि अवाम अपनी तकदीर खुद बदलना चाहते हैं। लोग चाहते हैं कि खुद देश का भविष्य बदलने का हिस्सा बने।
- देशभर की 46 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव समय आने पर घोषित किए जाएंगे। वायनाड संसदीय सीट पर प्राकृतिक आपदा के कारण अभी उपचुनाव नहीं हो सकता वहां भी मतदान समय पर होगा।
जब CEC ने सुनाई शायरी, कहा, नापाक इरादों के शिकस्त की कहानी…
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने जम्मू-कश्मीर के चुनाव को लेकर एक शायरी भी सुनाई। उन्होंने कहा, ‘लंबी कतारों में छिपी हैं बदलते सूरतेहाल यानी जम्हूरियत की कहानी, रोशन उम्मीदें खुद करेंगी गोया अपनी तकदीरें बयानी। जम्हूरियत के जश्न में आपकी शिरकत, दुनिया देखेगी नापाक इरादों के शिकस्त की कहानी।’
जम्मू-कश्मीर: आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद यह पहला चुनाव
सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर 2024 तक जम्मू कश्मीर में चुनाव कराने का आदेश दिया था। राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद ये पहला विधानसभा चुनाव होगा। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को आर्टिकल 370 हटाया था।
कश्मीरी नेता बोले, आज बहुत खुशी का दिन
- जम्मू-कश्मीर कांग्रेस नेता गुलाम अहमद मीर- आज बहुत खुशी का दिन है। देर से आए, लेकिन दुरुस्त आए। केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय संसद में एक बयान देता था, बाहर दूसरा। जम्मू-कश्मीर के लोग यहां अपनी सरकार की मांग कर रहे थे, ताकि वे अपने नुमाइंदों को चुन सकें। चुनाव कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने भी डायरेक्शन दिया था।
- नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख, उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर प्रशासन को फेरबदल का आदेश देने के लिए अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस पर बुलाना पड़ा। मुझे लगता है कि उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा।’
हरियाणा: 2 करोड़ वोटर्स, 4.52 लाख पहली बार मतदान करेंगे
महाराष्ट्र और झारखंड में भी इस साल चुनाव होने हैं
राज्य : महाराष्ट्र
सरकार : शिवसेना (शिंदे गुट), भाजपा और NCP (अजित गुट)
कार्यकाल खत्म : 23 नवंबर 2024
2019 विधानसभा में NDA 201, महाविकास अघाड़ी को 67 सीटें मिलीं
महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 2019 में चुनाव हुए थे। बीजेपी 106 विधायकों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी। मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और भाजपा में बात नहीं बन पाई।
56 विधायकों वाली शिवसेना ने 44 विधायकों वाली कांग्रेस और 53 विधायकों वाली NCP के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी की सरकार बनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने।
मई 2022 महाराष्ट्र सरकार में नगर विकास मंत्री और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ बगावत कर दी। बाद में वह भाजपा के साथ मिल गए।
30 जून 2022 को एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके साथ ही शिवसेना पार्टी दो गुटों में बंट गई। एक धड़ा शिंदे गुट और दूसरा उद्धव गुट का बना।
17 फरवरी, 2023 को चुनाव आयोग ने आदेश दिया कि पार्टी का नाम ‘शिवसेना’ और पार्टी का चुनाव चिह्न ‘धनुष और तीर’ एकनाथ शिंदे गुट के पास रहेगा।
2 जुलाई 2023 को अजित पवार NCP के 8 विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हुए थे। गठबंधन सरकार में अजित को डिप्टी CM बनाया गया था।
झारखंड: 2019 विधानसभा चुनाव में JMM, कांग्रेस और RJD ने महागठबंधन की सरकार बनाई
सरकार : JMM-कांग्रेस सरकार
कार्यकाल खत्म : 4 जनवरी 2025
संभावित चुनाव : अक्टूबर 2024
राज्य की 81 सदस्यों वाली विधानसभा में 2019 में चुनाव हुए थे। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने गठबंधन के साथ सरकार बनाई। 81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 43 विधायकों की जरूरत होती है।
वर्तमान में गठबंधन के पास 46 विधायक हैं। झामुमो के 26, कांग्रेस के 18, राजद का एक और CPI(ML) का एक MLA है। हेमंत सोरेन राज्य के मुख्यमंत्री बने। वहीं राज्य की 7 विधानसभा सीटें खाली हैं।
31 जनवरी को झारखंड के CM हेमंत सोरेन जमीन घोटाले में गिरफ्तार हुए। गिरफ्तारी से पहले उन्होंने CM पद से इस्तीफा दे दिया था। उनकी जगह चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया।
28 जून को झारखंड हाईकोर्ट ने हेमंत सोरेन को जमानत दी थी। इसके बाद चंपई सोरेन ने CM पद से इस्तीफा दिया था। 4 जुलाई को हेमंत ने तीसरी बार झारखंड के CM पद की शपथ ली थी।
