उत्तर प्रदेश में तेज बारिश के कारण गंगा और यमुना नदी उफान पर हैं। मुरादाबाद में इतनी बारिश हुई कि रेल ट्रैक पानी में डूब गया। पीलीभीत में सड़क बह गई।
बिहार में भी तेज बारिश के चलते सीतामढ़ी, गया, सुपौल, गोपालगंज के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। गंडक, बागमती और कोसी नदी उफान पर है।
उधर, राजस्थान के जैसलमेर, पाली और जोधपुर में पिछले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात हैं। जैसलमेर के मोहनगढ़ में 10 इंच, पोकरण में 7 इंच बारिश दर्ज की गई।
पाली में 10 इंच और जोधपुर में 9 इंच बारिश दर्ज की गई। पाली में बाढ़ के चलते शहर की 52 से ज्यादा कॉलोनियां पानी में डूब गईं। यहां 5 फीट तक पानी भरा हुआ है।
IMD ने आज 10 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इनमें हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा शामिल हैं।
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ में काली नदी पर बना ब्रिज गिरा
कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में मंगलवार देर रात डेढ़ बजे एक ब्रिज गिर गया। इस दौरान ब्रिज क्रॉस कर रहा ट्रक काली नदी में गिर गया। ट्रक का ड्राइवर भी उसी ट्रक में था। नदी में गिरने के बाद ड्राइवर ट्रक के ऊपर चढ़ गया। पुलिस ने बताया कि लोकल मछुआरों की मदद से ड्राइवर को रेस्क्यू कर लिया गया है। ब्रिज गिरने के कारण गोवा को कर्नाटक जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 66 पर ट्रैफिक जाम लग गया।
हिमाचल में 27 जून से अब तक 93 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में 27 जून से 6 अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में 93 लोगों की मौत हो चुकी है और राज्य को 748 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। 31 जुलाई को कुल्लू, मंडी और शिमला में बादल फटने से आई फ्लैश फ्लड में 16 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 40 अब भी लापता हैं। राज्य में 53 सड़कें बंद हैं।
हिमाचल प्रदेश के रामपुर के समेज गांव में 1 अगस्त को बादल फटा था। तब से अब तक इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन लगाता जारी थी। आज 7 अगस्त को रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया है। ITBP के इंस्पेक्टर नानक चंद शर्मा ने कहा- हमें रेस्क्यू के लिए जिस पॉइंट पर जाना था, वह 2 किलोमीटर दूर है। तेज बारिश के कारण सड़कें धंस रही हैं। इसलिए हम रास्ते में फंस गए हैं।
देशभर से बारिश की फोटोज…
