CJI की लताड़- एक दिन यहां बैठिए, जान बचाकर भागेंगे:NCP-शिवसेना की याचिकाओं पर हो रही थी सुनवाई, वकील टोक रहा था
शिवसेना विधायकों की अयोग्यता संबंधी याचिका के लिए लगातार तारीख मांगने पर CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने वकील से कहा- एक दिन यहां बैठकर देखिए। आप अपनी जान बचाने के लिए भागेंगे। NCP (SP) और शिवसेना (UBT) की दो अलग-अलग याचिकाओं के लिए तारीखें तय करते समय CJI ने यह टिप्पणी की।
उद्धव गुट ने महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर के शिंदे गुट को असली शिवसेना घोषित करने और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद गुट ने अजित गुट को असली NCP घोषित करने के फैसले के खिलाफ याचिका लगा रखी है।
CJI ने कहा- कृपया अदालत को निर्देश न दें
शिवसेना मामले में दलीलें पूरी हो चुकी थीं। इसके बाद NCP (SP) की याचिका पर तारीख के लिए अजित गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एनके कौल दलीलें दे रहे थे। हाल ही में, कोर्ट ने अजित पवार और उनके 40 विधायकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
नोटिस पर जवाब देने के लिए कौल तीन सप्ताह का समय मांग रहे थे लेकिन कोर्ट ने उन्हें 10 दिन का समय दिया। इस बीच, उद्धव गुट की ओर से पेश एक वकील ने अपनी दलीलों पर जोर देना शुरू कर दिया। उनका तर्क था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए जल्द तारीख दी जाएं।
इस पर CJI ने कहा, कृपया अदालत को निर्देश न दें। आप यहां आकर एक दिन बैठिए और बताइए कि आपको कौन सी तारीख चाहिए। उन्होंने कहा- आप देखते हैं कि कोर्ट पर काम का किस तरह का दबाव है। कृपया यहां आकर बैठें। एक दिन के लिए बैठें। मैं सच कहता हूं कि आप अपनी जान बचाने के लिए भागेंगे।
29 जुलाई को जारी हुआ था नोटिस
अजीत गुट और शरद गुट के बीच असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर चल रहे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई को सुनवाई की थी। उसी दिन कोर्ट ने अजीत पवार और उनके गुट के 40 विधायकों से मामले में जवाब मांगा था।
महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर ने इसी साल 15 फरवरी को अजित पवार के नेतृत्व वाली NCP को असली NCP घोषित किया था। स्पीकर ने अजीत और शरद गुट की एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने वाली याचिकाएं भी खारिज कर दी थीं। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पादरीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।
पिछली सुनवाई में शरद गुट ने जल्द सुनवाई की मांग की थी
पिछली सुनवाई में (29 जुलाई) शरद गुट की ओर से पेश वरिष्ठ एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने भी नवंबर में विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने का तर्क देते हुए जल्द सुनवाई की मांग की थी। इस पर बेंच ने उद्धव गुट की याचिका पर सुनवाई के बाद शरद गुट की इस याचिका पर सुनवाई करने की बात कही थी
CJI ने कहा था कि हम नोटिस जारी करेंगे और अंत में सभी आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी। उन्होंने अन्य रिस्पॉन्डेंट्स (पक्षकार) को भी दस्ती (नोटिस देने का एक तरीका) देने की छूट दी थी। दरअसल, उद्धव ठाकरे गुट ने भी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके गुट को असली शिवसेना घोषित करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
पूरा मामला क्या है…
6 फरवरी: चुनाव आयोग ने अजीत गुट को असली NCP माना, शरद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे
चुनाव आयोग ने भी इसी साल 6 फरवरी को अजित पवार गुट को ही असली NCP माना था। साथ ही आयोग ने शरद पवार को नए राजनीतिक दल के लिए 7 फरवरी की शाम 4 बजे तक तीन नाम देने को कहा था।
चुनाव आयोग ने 6 महीने तक चली 10 सुनवाई के बाद यह फैसला दिया था। आयोग ने कहा कि विधायकों की संख्या के बहुमत ने अजित गुट को NCP का नाम और चुनाव चिह्न हासिल करने में मदद की।
जिसके खिलाफ पार्टी के संस्थापक शरद पवार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। 16 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने शरद पवार की इस याचिका को अर्जेंट सुनवाई के लिए स्वीकार किया था।
शरद की ओर से वकील अभिषेक जेबराज ने कहा था कि महाराष्ट्र विधानसभा का 20 फरवरी को स्पेशल सेशन बुलाया गया है।
अजित गुट की ओर से व्हिप जारी किया जा सकता है। इसलिए इस केस को तुरंत सुना जाए।
शरद पवार ने 11 फरवरी को कहा था – इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि जिसने पार्टी की स्थापना की, उसके हाथ से पार्टी लेकर किसी और को सौंपी गई।
मुझे भरोसा है कि लोग चुनाव आयोग के फैसले का समर्थन नहीं करेंगे। इसलिए हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को राहुल नार्वेकर को बागी विधायकों की अयोग्यता पर फैसला लेने के लिए 15 फरवरी तक का समय दिया था। पूरी खबर पढ़े…
