वसुंधरा बोलीं-सबको साथ लेकर चलना बहुत मुश्किल काम:कई लोग फेल हुए, पद का अहंकार कद कम करता है; राठौड़ बोले- गुरु मंत्र-चेतावनी ध्यान रखूंगा
राजस्थान भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष के रूप में पदभार संभालते ही मदन राठौड़ को पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने नसीहत दे दी। शनिवार दोपहर को भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई सभा में राजे ने कहा कि राठौड़ सबको साथ लेकर चलने का काम करेंगे। ये बहुत मुश्किल काम है, लेकिन इसमें कई लोग फेल भी हुए हैं।
वसुंधरा ने कहा कि राजनीति का दूसरा नाम उतार-चढ़ाव है। हर व्यक्ति को इस दौर से गुजरना पड़ता है। जब व्यक्ति इस बारे में सोचता है तो तीन चीजें दिमाग में आती हैं। पद, कद और मद। पद और मद स्थाई नहीं है। यदि आप अच्छा काम करते हैं तो कद स्थायी बन जाता है। पद का यदि मद(अहंकार) हो जाता है तो यह कम हो जाता है। मेरे लिए सबसे बड़ा पद जनता का प्यार, जनता का विश्वास है। ये ऐसा पद है, जो आपसे कोई नहीं छीन सकता। वसुंधरा की इस नसीहत पर प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने कहा- इस गुरु मंत्र और चेतावनी की मैं ध्यान रखूंगा।
राठौड़ धैर्यवान नहीं होते तो इतने दिन तक पार्टी का काम नहीं करते
वसुंधरा राजे ने कहा कि आगे चलकर किसी गुट की नहीं, संगठन की कामयाबी के लिए मिलजुलकर काम करेंगे। ये आसान नहीं है, बहुत मुश्किल है, न आपके लिए, न कार्यकर्ताओं के लिए। सब बड़े प्यारे हैं। दोनों मिलकर आगे के काम करें। राठौड़ धैर्यवान हैं। यदि धैर्यवान नहीं होते तो इतने दिन तक पार्टी का हाथ बंटाने का काम नहीं करते।
राठौड़ बोले- सरकार के काम से खुश नहीं हो तो हमें बताओ
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि वसुंधरा राजे ने जो मुझे गुरु मंत्र दिया है, उसे मैं हमेशा अपने साथ रखूंगा। उन्होंने कहा कि मंच से जो मुझे चेतावनी मिली है। उसका मैं ध्यान रखूंगा। कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि सरकार अपनी है। इसलिए सरकार की तारीफ करो। अगर सरकार के काम से खुश नहीं हो तो हमें बताओ। हम आपकी बात सुनेंगे।
सीएम बोले- पूनिया-जोशी के नेतृत्व में जो आंदोलन हुए, उसी से प्रदेश में हमारी सरकार बनी
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- पिछले राज की नीतियों के खिलाफ जिस तरह से कार्यकर्ताओं ने सतीश पूनिया और सीपी जोशी के नेतृत्व में आंदोलन किया। उसी का परिणाम है कि प्रदेश में हमारी सरकार बनी।
उन्होंने कहा कि हमने युवाओं को धोखा देने वालों को नहीं बख्शने की बात कही थी। आज पेपर लीक करने वाले 115 आरोपी जेल में है। इनके नेता प्रतिपक्ष कहते हैं कि मछली पकड़ी है, मगरमच्छ बाकी है। मैंने कहा था कि आप चिंता मत करो। मगरमच्छ भी जल्द ही आने वाले हैं।
सीएम भजनलाल ने कहा कि अब संगठन की बागडोर मदन राठौड़ संभाल रहे हैं। यह कड़ी चलती रहती है। कभी जिलाध्यक्ष, कभी मंडल अध्यक्ष, कभी प्रदेशाध्यक्ष के रूप में। यह बदलता रहता है। यह बदलाव का क्रम है।
मूल ओबीसी कोटे से बनाया था प्रदेशाध्यक्ष
राठौड़ 5 महीने पहले ही राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। लंबे समय से संगठन में सक्रिय राठौड़ ने बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ काम किया है। जनसंघ से लेकर बीजेपी की यात्रा में शामिल रहे हैं। बीजेपी की पुरानी और नई पीढ़ी दोनों के साथ काम करने का अनुभव रखते हैं। राठौड़ मूल ओबीसी में घांची जाति से हैं। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ को पार्टी ने 25 जुलाई को ही बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया था। पार्टी ने मदन राठौड़ को अध्यक्ष बनाकर मूल ओबीसी के अपने वोट बैंक को ओर मजबूत किया है।
मंत्रियों को अंदर जाने से रोका, नाराज गर्ग वापस लौटे
इससे पहले राठौड़ के स्वागत के लिए एयरपोर्ट पहुंचे मंत्रियों को सुरक्षा बलों ने अंदर जाने से रोक दिया। मंत्री जोराराम कुमावत, मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग को सीआईएसएफ जवानों ने अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद जोगेश्वर गर्ग नाराज होकर एयरपोर्ट से पार्टी कार्यालय रवाना हो गए। वहीं मंत्री जोराराम कुमावत को करीब 20 मिनट के इंतजार के बाद एयरपोर्ट में एंट्री मिली।
5 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव जिताना सबसे बड़ी चुनौती
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और सीएम भजनलाल शर्मा के सामने पहली चुनौती प्रदेश की 5 विधानसभा सीटों( दौसा, देवली-उनियारा, चौरासी, झुंझुनूं, खींवसर) पर होने वाला उपचुनाव सबसे बड़ी चुनौती होगा। इन सीटों पर जल्द ही उपचुनाव की घोषणा होने वाली है। साथ ही राठौड़ जल्द ही अपनी नई टीम का भी ऐलान करेंगे।
विधानसभा चुनाव में नहीं मिला था टिकट
मदन राठौड़ ने विधानसभा चुनाव-2023 में सुमेरपुर से टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। इसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली थी। हालांकि उस वक्त उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी ने फोन करके काम करते रहने को कहा था। फरवरी महीने में उन्हें राज्यसभा में भेज दिया गया। वहीं अब प्रदेश बीजेपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
देखें पदभार ग्रहण समारोह से जुड़ी तस्वीरें…
