ताजमहल में घुसकर 2 युवकों ने मकबरे पर गंगाजल चढ़ाया:ओम का स्टीकर चिपकाया, दावा-ये तेजोमहालय शिव मंदिर है
आगरा के ताजमहल में घुसकर दो युवकों ने मुख्य मकबरे पर ऊपर से जल चढ़ाया। दीवार पर ओम का स्टीकर भी चिपकाया। युवकों ने दावा किया कि वे बोतल में गंगाजल लेकर गए थे। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया, जिसमें वे कहते हैं कि अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गए हैं। हर-हर महादेव।
CISF ने दोनों को युवकों को आगरा पुलिस के हवाले कर लिया। ये दोनों अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ता श्याम और वीनेश कुंतल हैं। यह दोनों मथुरा के रहने वाले हैं। हिंदू महासभा का दावा है कि यह ताजमहल नहीं, तेजोमहालय शिव मंदिर है।
DCP आगरा सिटी सूरज राय ने बताया- 2 युवक ताजमहल के अंदर गए। उन्होंने बोतल से परिसर में जल गिराया है। CISF ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। CISF की ओर से लिखित तहरीर पर दोनों युवकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
ताजमहल पर जल चढ़ाते हुए 3 तस्वीरें
मथुरा की अखिल भारत हिंदू महासभा जिलाध्यक्ष छाया गौतम ने बताया- 31 जुलाई को मैं श्याम और वीनेश कुंतल के साथ कासंगज जिले के सोरो से कांवड़ में गंगाजल लेकर चली थी। 2 अगस्त की रात मथुरा पहुंची। क्योंकि, पहले ही हमने ताजमहल में गंगाजल चढ़ाने का ऐलान कर दिया था, इसलिए रात 12 बजे मुझे प्रशासन ने हाउस अरेस्ट कर लिया। लेकिन, मैं पुलिस को चकमा देखकर निकल गई। सुबह 7 बजे ताजमहल पहुंची। यहां पर श्याम और वीनेश ने कांवड़ का गंगाजल ताजमहल में चढ़ाया।
हम बार-बार ऐसा करते रहेंगे: संजय जाट
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट ने कहा- हमारे मथुरा के वीरेश चौधरी और श्याम ने तेजोमहालय को गंगाजल से पवित्र किया। गंगा जल चढ़ाना हिंदुओं को जन्मसिद्ध अधिकार है। आज सुबह हमने गंगा जल चढ़ाया।
उन्होंने कहा-अगर तेजोमहालय के अंदर बिरयानी बनेगी, उर्स होगा, कव्वाली होगी तो निश्चित रूप से यहां शिव तांडव भी होगा। सावन के महीने में हम लोग लगातार ऐसा करते रहेंगे।
जब विदेशी और स्थानीय लोग ताजमहल के अंदर नमाज पढ़ते हैं तो उनसे माफीनामा लिखवाकर छोड़ दिया जाता है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि बिना शर्त हमारे कार्यकर्ताओं को रिहा किया जाए। अन्यथा ताजमहल और तेजोमहालय में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहेंगे।
तहखाने के नीचे मुमताज और शाहजहां का मकबरा
आगरा में ताजमहल के सेंटर प्वाइंट पर एक मुख्य गुंबद बना है। इसी गुंबद के नीचे एक बड़ा तहखाना है, जिसमें मुमताज और शाहजहां का मकबरा बना हुआ है। यह पूरे साल बंद रहता है, सिर्फ शाहजहां के उर्स पर यह खुलता है। इस दौरान तीन दिन तक ताजमहल में फ्री एंट्री रहती है। यह बेसमेंट में बना हुआ है, नीचे जाने के लिए सीढ़ियां हैं। इन्हीं सीढ़यों के पास से इन दो युवकों ने जल चढ़ाया है। इसी बेसमेंट में शिव मंदिर होने का दावा किया जाता है।
पानी की बोतल अंदर ले जा सकते हैं
ताजमहल में प्रवेश के समय CISF के जवान चेकिंग करते हैं। ताजमहल के अंदर खाने की वस्तु नहीं ले जा सकते। पानी की बोतल ले जा सकते हैं। ऐसे में हिंदूवादी पानी की बोतल लेकर अंदर पहुंच गए।
