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स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने NEET की सराहना की:बोले- NEET से पहले 13 करोड़ में बिकती थीं मेडिकल सीटें, NEET के आने से भ्रष्टाचार कम हुआ

स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने NEET की सराहना की:बोले- NEET से पहले 13 करोड़ में बिकती थीं मेडिकल सीटें, NEET के आने से भ्रष्टाचार कम हुआ

नई दिल्ली7 मिनट पहले

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने राज्य सभा में NEET मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम – NEET की सराहना की है। दरअसल, NEET खत्म करने और मेडिकल एडमिशन की प्रक्रिया केंद्र की बजाय राज्यों को तय करने को लेकर चर्चा हो रही थी।

इस दौरान नड्डा ने कहा है कि जब NEET की व्यस्वस्था नहीं थी तो मेडिकल सीटों का लेनदेन आसान था। PG की मेडिकल सीटें 8 से 13 करोड़ में बिकती थीं। अगर रेडियोलॉजी जैसी स्पेशलाइज्ड ब्रांच की सीट हो तो एक सीट की कीमत 13 करोड़ तक हुआ करती थी। काउंसलिंग और सीट एलोकेशन में भी गड़बड़ी होती थी।

मेरिट लिस्ट हटा ली जाती थी, मनचाहे लोगों का एडमिशन होता था: नड्डा
NEET से पहले स्टूडेंट्स को एग्जाम देने के लिए देश के अलग-अलग सेंटर्स में भटकना पड़ता था। मेडिकल एडमिशन में इतना भ्रष्टाचार था कि ये फाइनल मेरिट लिस्ट सिर्फ 30 से 45 मिनट के लिए पब्लिक नोटिस बोर्ड पर लगाई जाती थी।

इसके बाद ये कहकर इसे हटा दिया जाता था कि स्टूडेंट्स एडमिशन के लिए नहीं आए। इसलिए इन सीटों पर स्पॉट एडमिशन कर रहे हैं। मेडिकल सीटों का बिजनेस मार्केट बन गया था। आज 4000 से ज्यादा सेंटर्स पर व्यवस्थित तरीके से NEET की परीक्षा हो रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पेपर लीक पटना, हजारीबाग तक सीमित
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (2 अगस्त) को कहा है कि NEET-UG परीक्षा में सिस्टमैटिक ब्रीच नहीं हुआ है, यानी इस परीक्षा में सिलसिलेवार गड़बड़ियां नहीं मिली हैं। पेपर केवल दो सेंटर पटना और हजारीबाग में लीक हुआ।

कोर्ट ने NTA की मॉनिटरिंग के लिए बनाई गई एक्सपर्ट कमेटी से कहा है कि वह NEET के लिए SOP तैयार करे। साथ ही साइबर सिक्योरिटी में खामियों की पहचान भी करे। कमेटी से 30 सितंबर तक जवाब मांगा गया है।

केंद्र सरकार ने NTA के पूरे सिस्टम की जांच के लिए 22 जून को ISRO के पूर्व चेयरमैन के राधाकृष्णनन की अगुआई में एक्सपर्ट कमेटी बनाने की घोषणा की थी। कोर्ट ने इस कमेटी से 8 पॉइंट्स पर काम करने को कहा है।

कोर्ट ने कहा- केंद्र सरकार NTA के स्ट्रक्चर में इसी साल सुधार करे
कोर्ट ने कमेटी के सुझावों के आधार पर शिक्षा मंत्रालय NTA की वर्किंग में सुधार के लिए एक महीने में प्रोग्राम तैयार करने को कहा है। 30 सितंबर के बाद अगले दो हफ्तों में शिक्षा मंत्रालय से प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार इसी साल NTA के स्ट्रक्चर की सारी खामियों का निपटारा करे।

NTA ने आंसर की में बदलाव किया, एक सेंटर पर कंट्रोल रूम की सिक्योरिटी से समझौता होने दिया, एग्जाम सेंटर पर देरी होने से ग्रेस मार्क्स दे दिए, जिससे 44 स्टूडेंट्स को 720/720 स्कोर मिला। NTA इस तरह से काम नहीं कर सकती। अगले साल स्टूडेंट्स को परेशानी नहीं आनी चाहिए।

शिक्षा मंत्री बोले- सत्य की सदा जीत होती है
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद एक्स पर ट्वीट किया है। उन्होंने कहा है कि सरकार फेयर, एरर फ्री और निष्पक्ष एग्जाम कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ये सुनिश्चित करने के लिए हम एक्सपर्ट कमेटी के सुझावों पर काम करेंगे।

उन्होंने कोर्ट को शुक्रिया किया और कहा कि सत्य के सूर्य को झूठ का बादल कुछ समय के लिए छिपा सकता है, पर सत्य की सदा ही जीत होती है।

कोर्ट ने आखिरी सुनवाई में कहा था- एग्जाम दोबारा नहीं होगा
सुप्रीम कोर्ट में NEET में गड़बड़ियों से जुड़ी 40 से ज्यादा याचिकाएं दाखिल हुई थीं। इन पर 23 जुलाई सुनवाई पूरी हो गई थी। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था। हालांकि, तब कोर्ट ने कहा था कि NEET परीक्षा दोबारा नहीं होगी, क्योंकि पूरी परीक्षा में गड़बड़ी के पर्याप्‍त सबूत नहीं हैं। जांच में दोषी मिलने वाले को एडमिशन नहीं मिलेगा और उस पर कार्रवाई भी होगी।

NTA ने 25 जुलाई NEET-UG 2024 का रिवाइज्ड रिजल्ट घोषित कर दिया था। इसके बाद ऑल इंडिया रैंक में पहले नंबर पर 17 कैंडिडेट्स रह गए हैं। शुरुआत में इनकी संख्या 67 थी, जबकि ग्रेस मार्क्स हटाने के बाद पहले स्थान पर आने वाले कैंडिडेट्स की संख्या 61 हो गई थी।

NEET केस में 40 से ज्यादा याचिकाएं दायर हुई थीं
सुप्रीम कोर्ट में NEET दे चुके कैंडिडेट्स ने 1 जून से एग्जाम कैंसिल करने, काउंसलिंग पर रोक लगाने, रिजल्ट होल्ड करने और रीएग्जाम कराने की मांग की थी। इसके अलावा ग्रेस मार्क्स के खिलाफ भी याचिकाएं लगाई गई थीं। NEET मामले की जांच CBI-ED को सौंपने और OMR शीट से छेड़छाड़ में NTA की भूमिका की जांच करने का आदेश दिया था। इन सभी याचिकाओं पर 8 जुलाई को सुनवाई हुई।

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सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को NEET पर पांचवीं सुनवाई की। कोर्ट ने कहा यह आदेश दिया कि NEET की परीक्षा दोबारा नहीं होगी। CJI ने कहा – पूरी परीक्षा में गड़बड़ी होने के पर्याप्‍त सबूत नहीं मिले हैं। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा – अगर जांच के दौरान कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में उसे एडमिशन नहीं मिलेगा। पूरी खबर पढ़ें

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