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राजस्थान में न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर हिंसा:विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस पर किया पथराव, जवानों ने आंसू गैस के गोले छोड़े; 3 घायल

राजस्थान में न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर हिंसा:विरोध कर रहे लोगों ने पुलिस पर किया पथराव, जवानों ने आंसू गैस के गोले छोड़े; 3 घायल

बांसवाड़ा12 मिनट पहले
पावर प्लांट के लिए विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने के विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर फेंके तो पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े।

राजस्थान के बांसवाड़ा में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को लेकर स्थानीय लोगों ने भारी विरोध शुरू कर दिया है। प्लांट के लिए जमीन खाली करवाने गई पुलिस और लोगों के बीच हिंसा हो गई है। विरोध कर रहे स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया तो पुलिस ने भी लोगों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े

दरअसल, बांसवाड़ा के छोटी सरवन में 2800 मेगावाट का न्यूक्लियर पावर प्लांट लगना है। यहां से लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा था। लोगों के विरोध को देखते हुए न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने पुलिस से जमीन खाली कराने के लिए मदद मांगी थी। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ जिलों की पुलिस को मौके पर तैनात कर लोगों को हटाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

न्यूक्लियर प्लांट के विरोध में कहां हुई पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसा…

विरोध को देखते हुए बांसवाड़ा-डूंगरपुर और प्रतापगढ़ तीन थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया था। जब इन्हें खदेड़ा गया तो ग्रामीण पहाड़ की तरफ भागे और वहां से पथराव करना शुरू कर दिया।

इसी महीने होना है शिलान्यास
बताया जा रहा है कि अगस्त में इस प्लांट का शिलान्यास होना है। इसी कारण इन परिवारों को दूसरी जगह शिफ्ट कराया जा रहा था। जबकि स्थानीय लोग मांग पूरी होने तक हटने को तैयार नहीं थे।

शुक्रवार सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। सुबह करीब 10:30 बजे बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। विरोध को बढ़ता देख पुलिस ने जब इन्हें हटाना शुरू किया तो पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में क्यूआरटी का जवान कल्पेश गरासिया घायल हो गया, जिसके सिर पर पत्थर लगा। उसे बांसवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया है।

पुलिस रास्ता जाम करने वाली महिलाओं को मौके से उठाकर ले गई।

महिलाओं ने जाम किया हाईवे, बीएपी नेता समेत कई लोग हिरासत में
इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय महिलाओं ने नेशनल हाईवे 927-A (बांसवाड़ा-डूंगरपुर-रतलाम) हाईवे को जाम कर दिया। पुलिस ने म​हिलाओं और लोगों को हटाने का प्रयास किया। इस पर वहां भगदड़ मच गई और कुछ लोग पहाड़ी पर चले गए और वहां से पथराव शुरू कर दिया।

इस मामले में कोतवाली पुलिस ने बीएपी नेता हेमंत राणा समेत कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है। इस पथराव में क्यूआरटी के जवान कल्पेश गरासिया के​ सिर में चोट लगी है। उनका अभी बांसवाड़ा के एमजी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है

मांग पूरी होने से पहले शुरू हुआ विस्थापन, इसीलिए भड़के ग्रामीण
ग्रामीणों की मांगों को पूरा करने से पहले ही उनके विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हो गई, इसीलिए वे भड़क गए। उनका कहना है कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक विस्थापित नहीं होंगे।

सरकार का दावा- 415 करोड़ का मुआवजा दिया
परमाणु बिजली घर का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले इस क्षेत्र में आने वाले 6 गांवों बारी, सजवानिया, रेल, खड़िया देव, आडीभीत और कटुम्बी में रहने वाले करीब 3 हजार लोगों को विस्थापित किया जाना है। इन परिवारों को सरकार द्वारा 415 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है। इसके बदले में 553 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। इन गांवों से विस्थापित होने वाले लोगों के लिए पास के खड़िया देव में 60 हेक्टेयर जमीन मकान बनाने के लिए ढूंढी गई है।

विरोध के बीच न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड(NPCIL) ने विरोध के बीच पावर प्लांट की जमीन पर बाउंड्री बनाने का काम शुरू कर दिया है।

18 जुलाई को मानगढ़ के प्रदर्शन में की थी पावर प्लांट रद्द करने की मांग
पिछले महीने 18 जुलाई को बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम पर हजारों की संख्या में इकट्‌ठा हुए आदिवासियों ने सभा कर कई मुद्दे उठाए थे। इसमें भी उन्होंने छोटी सरवन में प्रस्तावित न्यूक्लियर पावर प्लांट को निरस्त करने की मांग की थी। इसी मांग को लेकर लोकसभा चुनाव का भी ग्रामीणों ने बहिष्कार किया था।

पिछले दिनों मानगढ़ में भी आदिवासियों ने पावर प्लांट का विरोध किया था।

पुलिस-ग्रामीणाें के बीच झड़प की तस्वीरें देखें…

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