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बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित:बेंच का निर्देश- सभी याचिकाकर्ता 2 हफ्ते में अपने काउंटर एफिडेविट दाखिल करें

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार 16 जुलाई को बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला मामले की सुनवाई स्थगित कर दी। याचिका में कहा गया था कि हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी जाए, जिसमें सभी 25 हजार नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया है।

सीजेआई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने याचिका पर सुनवाई की। बेंच ने निर्देश दिया कि सभी याचिकाकर्ता को 2 सप्ताह के भीतर अपने काउटंर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। ऐसा ना करने पर काउटंर एफिडेविट दाखिल करने का अधिकार समाप्त हो जाएगा। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय नहीं की है।

SC ने लगाई थी CBI जांच पर रोक
इससे पहले 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने पूछा था कि क्या 25 हजार नियुक्तियों में से सही तरीके से किए गए टीचर्स के अपॉइंटमेंट को अलग किया जा सकता है?

चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा था, देखिए इसे किस तरह से किया गया। ओएमआर शीट को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। जो लोग पैनल में नहीं थे, उन्हें रिक्रूट किया गया। यह फ्रॉड है।

कलकत्ता हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल को 2016 में की गई 25 हजार 753 नियुक्तियों को रद्द कर दिया था।​ हाईकोर्ट ने इन शिक्षकों को 7-8 साल के दौरान मिली सैलरी 12% इंटरेस्ट के साथ लौटाने के निर्देश भी दिए। इसके लिए कोर्ट ने 6 हफ्ते का समय दिया है।

पिछली सुनवाई की CJI की 3 टिप्पणियां

  • ओएमआर शीट नष्ट कर दी गईं। क्या ऐसे में सही तरह से किए गए अपॉइंटमेंट को अलग किया जा सकता है।
  • यह सारी चीजें आपको बतानी होंगी कि क्या अब जो दस्तावेज मौजूद हैं, उनके आधार पर सही और गलत नियुक्तियों को अलग-अलग किया जा सकता है। यह पता लगाया जा सकता है कि इस घोटाले का फायदा किसे पहुंचा।
  • 25 हजार बहुत बड़ी संख्या है। 25 हजार नौकरियां ले ली गईं, ये बड़ी बात है, जब तक कि हम यह ना जान लें कि सब कुछ धोखाधड़ी से भरा हुआ था। हम इस पर 6 मई को सुनवाई करेंगे।

घोटाले के दो चर्चित चेहरे

ED ने शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी (पूर्व शिक्षा मंत्री) को 23 जुलाई 2022 को अरेस्ट किया था। इसके बाद उनकी करीबी मॉडल अर्पिता मुखर्जी के घर पर पड़े छापे में 49 करोड़ रुपए कैश और ज्वेलरी मिली थीं।
  • पश्चिम बंगाल सरकार ने 2016 में स्टेट लेवल सेलेक्शन टेस्ट-2016 (SLCT) के जरिए सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के लिए टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ भर्ती किया था। तब 24,640 रिक्त पदों के लिए 23 लाख से अधिक लोगों ने भर्ती परीक्षा दी थी।
  • इस भर्ती में 5 से 15 लाख रुपए तक की घूस लेने का आरोप है। मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट को कई शिकायतें मिली थीं। भर्ती में अनियमितताओं के मामले में CBI ने राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी और SSC के कुछ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था। अर्पिता पेशे से मॉडल थीं।

बंगाल सरकार ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक सैलरी देंगे
बंगाल सरकार ने कहा कि वह उन सभी 25,753 शिक्षकों और नॉन टीचिंग स्टाफ को वेतन का भुगतान करेगी, जिनकी नियुक्तियां रद्द की गई हैं। राज्य सरकार ने कहा कि सभी कर्मचारियों ने लगभग लंबे समय तक काम किया है। इसलिए मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक सभी को सैलरी दी जाएगी।

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