सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने पेपर लीक मामले में फंसे अपनी पार्टी के विधायक बेदीराम से पल्ला झाड़ लिया है। गुरुवार को उन्होंने कहा-बेदीराम सपा का आदमी है। सपा ने विधानसभा चुनाव में अधिकतर आदमी मेरे सिंबल से लड़वाए थे।
पेपर लीक मामले में बेदीराम को पेश होने का नोटिस मिलने से जुड़े सवाल पर राजभर ने कहा- बेदीराम के मामले में कोर्ट अपना काम कर रही है। बेदीराम कोर्ट जा रहे थे या नहीं मुझे जानकारी नहीं है।
दरअसल, लखनऊ की गैंगस्टर कोर्ट ने बुधवार को भर्ती घोटाला मामले में सुभासपा के विधायक बेदी राम और निषाद पार्टी के विधायक विपुल दुबे के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। दोनों बीजेपी के सहयोगी दलों के विधायक हैं।
लखनऊ की गैंगस्टर कोर्ट के जज पुष्कर उपाध्याय ने दोनों विधायकों के अलावा 18 अन्य आरोपियों के कोर्ट में हाजिर नहीं होने पर वारंट जारी किया है। कोर्ट ने कृष्णानगर इंस्पेक्टर को 26 जुलाई तक गिरफ्तारी वारंट तामील कराने के निर्देश दिए हैं।
बेदीराम गाजीपुर की जखनियां विधानसभा सीट से विधायक हैं। वह मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले हैं। वहीं, विपुल दुबे भदोही की ज्ञानपुर सीट से विधायक हैं। बेदीराम को सुभासपा अध्यक्ष और यूपी सरकार में मंत्री ओपी राजभर का करीबी माना जाता है।
2006 में STF ने गिरफ्तार किया था
STF ने फरवरी 2006 में बेदीराम और विपुल दुबे को पेपर लीक मामले में अरेस्ट किया था। दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगा था। STF ने आरोपियों के पास से रेलवे भर्ती ग्रुप डी की परीक्षा का प्रश्न पत्र बरामद होने का दावा किया था। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट भी दाखिल की थी। कोर्ट ने बेदीराम और विपुल दुबे की हाजिरी माफी की अर्जी को भी खारिज कर दिया।
फरवरी 2022 में विधानसभा चुनाव लड़ने के दौरान बेदीराम ने जो शपथ पत्र पेश किया था। उसमें सामने आया था कि विधायक पर राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में रेलवे और पुलिस भर्ती पेपर लीक से जुड़े कई केस दर्ज रहे हैं। बेदीराम पर दर्ज कुल 9 मुकदमों में आठ पेपर लीक से जुड़े हैं।
भोपाल में भी दर्ज हुआ था केस
2009 में जयपुर में SOG ने रेलवे भर्ती पेपर लीक मामले में बेदीराम पर FIR दर्ज की थी। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग का पेपर लीक कराने के मामले में भी STF भोपाल ने मामला दर्ज किया था। 2006 में रेलवे का पेपर लीक कराने के मामले में लखनऊ के कृष्णानगर में बेदीराम पर गैंगस्टर एक्ट लगा था।
8 प्रॉपर्टी हो चुकी हैं कुर्क
2008 में रेलवे का पेपर लीक कराने में गोमती नगर में मुकदमा दर्ज हुआ था। फिर 2014 में पेपर लीक मामले में आशियाना में बेदीराम पर एफआईआर दर्ज हुई थी। 21 अगस्त 2014 को यूपी एसटीएफ गैंगस्टर एक्ट में बेदी राम की लखनऊ व जौनपुर की 8 प्रॉपर्टी कुर्क कर चुकी है।
साल 2010 में भी जौनपुर के मडियाहू में बेदीराम पर पुलिस भर्ती पेपर लीक करने में एफआईआर दर्ज हुई थी। फिलहाल, पेपर लीक से जुड़े सभी आठ मामलों में पुलिस चार्जशीट लगा चुकी है। कोर्ट में आरोप तय हो चुके हैं।
