यूपी के हाथरस में हुई भगदड़ के तीसरे दिन पुलिस ने आज 6 लोगों की गिरफ्तारी की। आईजी रेंज अलीगढ़ शलभ माथुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया- गिरफ्तार सभी 6 आरोपी आयोजन समिति के सदस्य हैं। इनमें 2 महिलाएं भी शामिल हैं।
आरोपियों में मैनपुरी का राम लड़ैते यादव, शिकोहाबाद का उपेंद्र यादव, हाथरस का मेड सिंह, मंजू यादव, मुकेश कुमार और मंजू देवी शामिल हैं। इनकी देख-रेख में ही सत्संग चल रहा था।
उधर, पुलिस ने मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर पर 1 लाख का इनाम घोषित किया है। वह अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है।
दूसरी ओर, भोले बाबा के वकील एपी सिंह घायलों से मिलने अलीगढ़ पहुंचे। उन्होंने कहा- बाबा के पास कोई आश्रम नहीं है। वह पेंशन से अपना गुजारा करते हैं। जब भी बाबा को जांच टीम बुलाएगी, वह आएंगे।
हादसे के 48 घंटे बाद भी पुलिस नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस ने मैनपुरी, ग्वालियर, कानपुर और हाथरस समेत 8 ठिकानों पर छापा मारा है।
इधर, पुलिस ने एटा, हाथरस और मैनपुरी से 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। सभी भोले बाबा से जुड़े हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- हादसे के लिए प्रशासन और प्रदेश सरकार जिम्मेदार है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाथरस आएंगे। वह अस्पताल में भर्ती और प्रभावित लोगों से बातचीत करेंगे।
कौन है देव प्रकाश मधुकर सेवादार, जिस पर है 1 लाख का इनाम
हाथरस भगदड़ कांड में पुलिस ने भोले बाबा के मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया। उस पर 1 लाख का इनाम भी घोषित किया है।
देव प्रकाश मधुकर हाथरस के मोहल्ला दमदमपुरा की न्यू कॉलोनी में रहता है। वह पंचायती राज विभाग में इंजीनियर है। घटना के बाद देव प्रकाश मधुकर के घर पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। मगर, देव प्रकाश के घर पर ताला लगा था। वह अपने पूरे परिवार के साथ फरार है। इसके बाद लोगों ने उनके घर के सामने जय भीम के नारे लगाए।
न्यायिक आयोग का गठन, 2 महीने में सौंपेगा रिपोर्ट
योगी सरकार ने हादसे की जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाया है। इसकी अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस बृजेश कुमार श्रीवास्तव करेंगे। रिटायर्ड IAS हेमंत राव और रिटायर्ड DG भवेश कुमार सिंह आयोग के सदस्य हैं। टीम 2 महीने में जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सुझाव भी देगी।
ऐसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सत्संग के बाद श्रद्धालु बाबा के काफिले के पीछे उनकी चरण रज लेने के लिए दौड़े। भीड़ को काबू में करने के लिए पानी की बौछारें डाली गईं। लोग भागने लगे, तभी एक-दूसरे पर गिरते गए। कुचलने से इतनी मौतें हुईं।
