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अयोध्या में भारी बारिश, घरों में पानी घुसा:तीन राज्यों में 10 लोगों की मौत; MP समेत 21 राज्यों में आज तेज बारिश का अलर्ट

मानसून ट्रैकर

अयोध्या में भारी बारिश, घरों में पानी घुसा:तीन राज्यों में 10 लोगों की मौत; MP समेत 21 राज्यों में आज तेज बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली2 मिनट पहले

उत्तर प्रदेश में मंगलवार-बुधवार की रात मानसून की एंट्री हो गई। अयोध्या, वाराणसी और गोरखपुर में रात 12 बजे से 6 बजे तक जोरदार बारिश हुई।

अयोध्या में कई घरों में 2-3 फुट तक पानी भर गया। हनुमानगढ़ी चौराहे के पास रामपथ पर पानी भर गया। आज भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश के देवरिया और लखीमपुर में बिजली गिरने से 3 बच्चों की मौत हो गई। राजस्थान में 2 और बिहार में 5 लोगों ने जान गंवाईं।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए 21 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र शामिल हैं।

तमिलनाडु, गोवा, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल, नगालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश का अलर्ट है।

मानसून कहां-कहां पहुंचा
दक्षिण-पश्चिम मानसून निकोबार में 19 मई को पहुंच गया था। केरल में इस बार दो दिन पहले, यानी 30 मई को, ही मानसून पहुंच गया था और कई राज्यों को कवर भी कर गया। फिर 12 से 18 जून तक (6 दिन) मानसून रुका रहा। 6 जून को मानसून ने महाराष्ट्र में एंट्री ली और 11 जून को गुजरात में दाखिल हुआ।

मानसून 12 जून तक केरल, कर्नाटक, गोवा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को पूरी तरह कवर कर चुका था। साथ ही दक्षिण महाराष्ट्र के ज्यादातर हिस्सों, दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों, दक्षिणी ओडिशा, उपहिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और सभी पश्चिमोत्तर राज्यों में पहुंच गया था।

18 जून तक मानसून महाराष्ट्र के जलगांव, अमरावती, चंद्रपुर, छत्तीसगढ़ के बीजापुर, सुकमा, ओडिशा के मलकानगिरी और आंध्र प्रदेश के विजयनगरम तक पहुंचा था। हालांकि, इसके बाद मानसून रुका रहा। 21 जून को मानसून डिंडौरी के रास्ते मध्य प्रदेश पहुंचा और 23 जून को गुजरात में आगे बढ़ा।

25 जून को मानसून ने राजस्थान में एंट्री ली और मध्य प्रदेश के आधे के ज्यादा क्षेत्र को कवर कर लिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 जून तक मानसून गुजरात के आधे से ज्यादा हिस्से को कवर कर लेगा।

मानसून 3 जुलाई तक दिल्ली-पंजाब को कवर करेगा
अनुमान है कि 1-2 दिन में मानसून पूरे मध्य प्रदेश, पूरे बिहार, पूरे झारखंड, पूरे पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से को कवर कर लेगा। 27 जून तक मानसून दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में एंट्री ले सकता है और 3 जुलाई तक इन राज्यों को पूरी तरह कवर करके आगे बढ़ेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून में मानसून सामान्य से कम यानी 92% लंबी अवधि के औसत (LPA) से कम रहेगा।

10 साल में छठी बार जून में बारिश सामान्य से कम
मानसून के पहले महीने में न केवल बारिश घट रही है, बल्कि गर्मी के दिन भी बढ़ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, जून खत्म होने में 4 दिन बचे हैं और देश में अब तक सामान्य से 19% कम बारिश हुई है। ऐसा लगातार तीसरे साल हो रहा है। 10 साल में 6 बार जून में बारिश सामान्य से कम, एक बार सामान्य और तीन बार सामान्य से ज्यादा हुई है।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के पूर्व सचिव एम. राजीवन का कहना है कि जून में मानसून 20 दिन तक पश्चिम बंगाल और दो हफ्ते तक गुजरात-महाराष्ट्र में अटका रहा। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट के मुताबिक, 1988 से 2018 के दौरान 62% जिलों में जून में कम बारिश हुई।

असम में बाढ़ से एक और मौत, कुल 41 हुई संख्या
असम में बाढ़ के चलते मंगलवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही इस साल अब तक असम में बाढ़, लैंडस्लाइड और तूफान के चलते जान गंवाने वालों की संख्या 41 हो गई है। वहीं सात जिलों के 1.5 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, असम के छह जिलों के 556 गांव डूबे हैं और 1,547.35 हेक्टेयर फसल नष्ट हो चुकी है। इन छह जिलों में 149 रिलीफ कैंप बनाए हैं, जहां 26,412 लोगों ने शरण ले रखी है।

तीन राज्यों में लगातार दूसरे हीटवेव का अलर्ट
देश के उत्तरी राज्यों में अब भी गर्मी पड़ रही है। मौसम विभाग ने कहा है कि जम्मू के कुछ इलाकों में आज और कल, जबकि पंजाब और पश्चिमी राजस्थान में आज हीटवेव चलने का अनुमान है।

6 राज्यों-हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड की 18 जगहों का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा दर्ज किया गया। राजस्थान का जैसलमेर लगातार दूसरे दिन देश में सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां मंगलवार को 45.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। सोमवार को यहां 45 डिग्री तापमान था।

देश में इस सीजन हीटस्ट्रोक के 40 हजार मामले
हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, 1 मार्च से 18 जून तक करीब 41 हजार से ज्यादा हीटस्ट्रोक के केसेज रिकॉर्ड किए गए। वहीं, हीटवेव से 114 लोगों की मौत हुई है।

इस बार हीटवेव के दिन औसत से दोगुने थे। मौसम विभाग ने इस महीने भी सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है।

विभाग ने कहा है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण देश में तेज गर्मी का असर अब तक देखने को मिल रहा है।

मौसम की तस्वीरें…

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