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जेपी नड्डा की जगह कौन संभालेगा BJP की कमान:सुनील बंसल, बीएल संतोष या तावड़े होंगे नए अध्यक्ष; कैसे होता है चुनाव

स्क्प्पी नड्डा की जगह कौन संभालेगा BJP की कमान:सुनील बंसल, बीएल संतोष या तावड़े होंगे नए अध्यक्ष; कैसे होता है चुनाव

10 घंटे पहलेलेखक: अनुराग आनंद

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अब मोदी कैबिनेट में स्वास्थ्य मंत्री हैं। बतौर अध्यक्ष उनका कार्यकाल इसी महीने खत्म हो रहा है। BJP ‘एक व्यक्ति एक पद’ को मानती है इसलिए चर्चा तेज हो गई है कि अब BJP का अगला अध्यक्ष कौन होगा?

 जानेंगे BJP अध्यक्ष पद के लिए किसका दावा सबसे मजबूत और इस पद के लिए कैसे होता है चुनाव…

सवाल 1: BJP अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन शामिल है और उनकी दावेदारी की क्या वजह है?
जवाब: BJP अध्यक्ष पद की रेस में सुनील बंसल, विनोद तावड़े, बीएल संतोष, केशव प्रसाद मौर्य और अनुराग ठाकुर की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है…

मजबूत दावेदारी की वजहः भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व प्रचारक हैं। अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान बंसल ने देश भर के सभी कॉल सेंटरों को संभाला, फीडबैक जमा किया और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करने का काम किया। वह ओडिशा, बंगाल और तेलंगाना के प्रभारी भी हैं।

कमजोर कड़ीः राजस्थान से आते हैं और 2014 चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में प्रभारी थे। इनके नेतृत्व में BJP ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया था। 2024 के चुनाव में राजस्थान और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्यों में BJP को झटका लगा है।

राजस्थान में BJP को 11 सीटों का, जबकि उत्तर प्रदेश में 29 सीटों का नुकसान हुआ है। ऐसे में संभव है कि राष्ट्रीय स्तर पर लाने के बजाय पार्टी इन्हें एक बार फिर इन्हीं दोनों में से किसी एक प्रदेश में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के लिए भेज दे।

मजबूत दावेदारी की वजह: इस समय राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) यानी BJP में अध्यक्ष के बाद दूसरे सबसे ताकतवर पद पर हैं। 2008 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने में इन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। कर्नाटक में RSS के हार्डलाइनर प्रचारक रहे हैं। RSS से जुड़े रहने का फायदा इन्हें मिल सकता है।

BBC की एक रिपोर्ट में पार्टी के एक अधिकारी ने बताया था कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP के बूथ-स्तर के कार्यकर्ताओं की संख्या दो करोड़ से 11 करोड़ तक जा पहुंची। इसमें संगठन महासचिव बीएल संतोष की अहम भूमिका रही है। दक्षिण भारत के प्रभारी के तौर पर संबंधित राज्यों में BJP को मजबूत करने की जिम्मेदारी भी इन पर रही है।

कमजोर कड़ीः कर्नाटक से आते हैं और वहां के सबसे बड़े नेताओं में से एक येदियुरप्पा से इनका टकराव है। कहा जाता है कि 2011 में जमीन विवाद में येदियुरप्पा फंसे तो उन्हें CM पद से इस्तीफा देने के लिए संतोष ने ही मजबूर किया था। दोनों में बढ़ते टकराव को देखकर पार्टी ने बीएल संतोष को संगठन में बुला लिया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद हर किसी को साथ लेकर चलने वाला होता है। ऐसे में संभव है कि ये टकराव इनकी राह का रोड़ा बन जाए।

मजबूत दावेदारी की वजह: 1995 में इन्हें पहली बार BJP की तरफ से महाराष्ट्र महासचिव बनाया गया। इनकी सांगठनिक क्षमता को देखते हुए 2002 में इन्हें दोबारा ये जिम्मेदारी दी गई। 2014 में महाराष्ट्र के बोरीवली विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर देवेंद्र फडणवीस की सरकार में शिक्षा मंत्री बने।

तावड़े 12वीं और 13वीं लोकसभा चुनाव में BJP की समन्वय समिति के प्रमुख सदस्य थे। इनके बारे में कहा जाता है कि ये कुशल प्रशासक के साथ-साथ कुशल संगठनकर्ता भी हैं। विनोद तावड़े हरियाणा के प्रभारी भी रह चुके हैं। इनके प्रभारी रहते ही हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की सरकार बनी थी।

पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल के अंत में महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में इन्हें भाजपा अध्यक्ष बनाने से प्रदेश में एक अच्छा संदेश जाएगा। लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए यह फैसला विधानसभा चुनाव के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।

कमजोर कड़ी: बिहार के प्रभारी हैं और वहां अगले साल ही विधानसभा चुनाव होना है। लोकसभा चुनाव में पार्टी की सीटें 17 से घटकर 12 रह गई हैं। तावड़े को नई जिम्मेदारी दिए जाने से नए प्रभारी को नए सिरे से यहां काम शुरू करना होगा।

अनुराग ठाकुर हिमाचल प्रदेश की हमीरपुर सीट से 5वीं बार चुनाव जीते हैं। मोदी सरकार के मंत्रिमंडल से बाहर रखे जाने के बाद वे चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में भी ठाकुर को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का दावा किया जा रहा है।

मजबूत दावेदारी की वजह: 2008 में सक्रिय राजनीति में आने वाले अनुराग ठाकुर 2010 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बने और 2016 तक पद पर बने रहे। मोदी 2.0 में ठाकुर वित्त, कॉर्पोरेट अफेयर, सूचना प्रसारण और खेल जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी उठा चुके हैं। संगठन और सरकार दोनों का अनुभव होने की वजह से उन्हें इस पद का मजबूत दावेदार बताया जा रहा है।

कमजोर कड़ी: अगर अनुराग ठाकुर अध्यक्ष चुने जाते हैं, तो इसका मतलब होगा कि हिमाचल प्रदेश को सरकार और संगठन दोनों ही जगह दो शीर्ष पद दिए गए हैं। नड्डा और ठाकुर दोनों ही पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश से आते हैं। इसके अलावा ठाकुर को अध्यक्ष पद देने का मतलब होगा कि भाजपा ने दोबारा हिमाचल प्रदेश के नेता को ही पार्टी प्रमुख चुना है।

यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य 5 दिन से दिल्ली में डटे हैं। इस बीच यूपी में सीएम योगी 2 बार कैबिनेट की बैठक कर चुके हैं, लेकिन इसमें मौर्य शामिल नहीं हुए। माना जा रहा है कि केशव मौर्य को केंद्र या प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है, इसलिए उन्हें दिल्ली में रोका गया है। केशव से बीएल संतोष और जेपी नड्‌डा ने बातचीत भी की। बताया जाता है, केशव को पार्टी अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर भी विचार कर रही है।

इन 4 के अलावा ओम माथुर और देवेंद्र फडणवीस जैसे नेताओं की भी चर्चा हो रही है। हालांकि, BJP अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है। कोई बिल्कुल नया नाम भी सामने आ सकता है, जिसकी मीडिया में कोई चर्चा न हो।

सवाल 2: BJP अध्यक्ष का चुनाव कौन करता है और कैसे होता है?
जवाब: 18 फरवरी 2024 को दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर एक प्रस्ताव पास हुआ। इसके मुताबिक पद खाली होने पर पार्लियामेंट्री बोर्ड अध्यक्ष की नियुक्ति कर सकेगा।

हालांकि, भारतीय जनता पार्टी के संविधान की धारा-19 में अध्यक्ष के चुनाव के लिए नियम बनाए गए हैं। इसके मुताबिक राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषदों के सदस्य मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करते हैं। अध्यक्ष पद का चुनाव पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बनाए गए नियमों के मुताबिक ही होता है।

अध्यक्ष बनने के लिए जरूरी है कि चुनाव के लिए नामांकन दर्ज करने वाला व्यक्ति कम से कम 15 साल तक पार्टी का प्राथमिक सदस्य रहा हो। प्रदेश या राष्ट्रीय कार्यकारिणी के कम से कम 20 सदस्य अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए किसी व्यक्ति के नाम का प्रस्ताव पेश कर सकते हैं।

इस प्रस्ताव पर कम से कम 5 प्रदेशों के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यों की सहमति होनी जरूरी है। अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए प्रस्ताव पर उम्मीदवार के दस्तखत जरूरी हैं।

भाजपा के संविधान के मुताबिक कम से कम 50% यानी आधे राज्यों में संगठन चुनाव के बाद ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जा सकता है। इस लिहाज से देश के 29 राज्यों में से 15 राज्यों में संगठन के चुनाव के बाद ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होता है।

सवाल 3: राष्ट्रीय परिषद और प्रदेश परिषदों के सदस्य कौन होते हैं और इनका चुनाव कैसे होता है?
जवाब: राष्ट्रीय परिषद में पार्टी के संसद सदस्यों में से 10 प्रतिशत सदस्य चुने जाते हैं। यदि संसद सदस्यों की कुल संख्या दस से कम हो तो सभी चुने जाएंगे। परिषद में पार्टी के सभी भूतपूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेशों के अध्यक्ष, लोकसभा, राज्यसभा में पार्टी के नेता, सभी प्रदेशों की विधानसभाओं और विधान परिषदों में पार्टी नेता सदस्य होंगे।

इसके अलावा राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से अधिक से अधिक 40 सदस्य नामांकित किए जा सकते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य भी इसमें शामिल होते हैं। विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और संयोजक भी सदस्य होते हैं। सभी को 100 रुपए सदस्यता शुल्क देना पड़ता है। राष्ट्रीय परिषद की तरह ही प्रदेश अध्यक्ष चुनाव से पहले प्रदेश परिषदों के सदस्य भी चुने जाते हैं।

सवाल 4: BJP में संगठन का स्ट्रक्चर कैसा होता है?
जवाब: BJP में पूरे संगठन को राष्ट्रीय से लेकर स्थानीय स्तर तक करीब 7 हिस्सों में बांटा गया है। नीचे ग्राफिक्स में BJP पार्टी के स्ट्रक्चर को समझिए…

सवाल 5: BJP अध्यक्ष का कार्यकाल कितने समय का होता है और एक व्यक्ति कितनी बार अध्यक्ष पद पर रह सकता है?
जवाब: BJP अध्यक्ष का कार्यकाल 3 साल का होता है। एक व्यक्ति लगातार 2 बार अध्यक्ष बन सकता है। अध्यक्ष के अलावा पार्टी से जुड़े सभी कार्यकारिणी, परिषद, समिति और उसके पदाधिकारियों और सदस्यों का टर्म भी 3 साल का होता है। 18 साल या उससे अधिक उम्र का व्यक्ति, जिसका किसी दूसरे दल से जुड़ाव नहीं है, वह BJP का सदस्य बन सकता है।

सवाल 6: BJP अध्यक्ष का पद कितना पावरफुल होता है और इन्हें पार्टी संविधान से क्या अधिकार मिले हैं?
जवाब: BJP अध्यक्ष पार्टी का सर्वोच्च पद है। पार्टी में 3 अहम टीम होती हैं- 1. राष्ट्रीय कार्यकारिणी 2. संसदीय बोर्ड 3. राष्ट्रीय चुनाव समिति। ये एक तरह से पार्टी की कोर टीम है, जिसकी अहम बैठकों का नेतृत्व BJP अध्यक्ष करते हैं। पार्टी से जुड़े ज्यादातर अहम और बड़े फैसले इन्हीं समिति या बोर्ड की बैठकों में लिए जाते हैं।

सवाल 7: अब तक कितनी बार BJP में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है?
जवाब: BJP में अब तक एक बार भी चुनाव नहीं हुआ है। BJP में अध्यक्ष के चुनाव को आंतरिक लोकतंत्र और आम सहमति का नाम दिया जाता है। जेपी नड्डा जून 2019 में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बने थे। इसके बाद 20 जनवरी 2020 को पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए गए। 2022 में दोबारा उनके नाम से एक प्रस्ताव पास करके BJP अध्यक्ष जेपी नड्‌डा का कार्यकाल जून 2024 तक के लिए बढ़ा दिया गया। इस महीने के आखिर तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होना है।

राजनाथ सिंह जब पार्टी अध्यक्ष थे, तब माना जा रहा था कि नितिन गडकरी को दूसरी बार अध्यक्ष पद मिलने वाला है। इसके लिए BJP ने अपने संविधान में भी संशोधन किया था। उस समय यशवंत सिन्हा भी अध्यक्ष पद का नामांकन भरने वाले थे, लेकिन उन्हें मना लिया गया था और चुनाव की नौबत नहीं आई थी।

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