संजीव लाल, जहांगीर के घर से मिले कैश मंत्री के:ED ने कोर्ट को बताया-कमीशन का 1.5% आलमगीर को जाता था; 6 दिनों की रिमांड
झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम को गुरुवार को ED ने PMLA कोर्ट में पेश किया। ED ने 10 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने 6 दिनों की रिमांड दी है। रिमांड को लेकर विशेष कोर्ट के जस्टिस प्रभात कुमार शर्मा की अदालत में लगभग एक घंटे से अधिक समय तक बहस चली। ईडी की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने पक्ष रखा।
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से अदालत को कई अहम जानकारी दी। बीते दिनों मंत्री के पीएस संजीव लाल और उसके सहायक जहांगीर से की गई पूछताछ से जो साक्ष्य मिले, उसके आधार पर जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि संजीव लाल और उसके सहायक जहांगीर के यहां जो रुपए बरामद हुए थे, वे सभी पैसे मंत्री आलमगीर आलम के ही हैं। ग्रामीण विकास विभाग में टेंडर मैनेज करने को लेकर जो भी कमीशन का खेल चलता था, उसमें आलमगीर आलम का 1.5 फीसदी हिस्सा होता था। ऐसा नहीं था कि विभाग में चल रही गड़बड़ियों की जानकारी मंत्री आलमगीर को नहीं थी। इसके अलावे कई डॉक्यूमेंट से संबंधित जानकारी भी कोर्ट को दी गई।
कल से मंत्री आलमगीर आलम की रिमांड की अवधि शुरू हो रही है। आज वे बिरसा मुंडा जेल होटवार में रहेंगे। ईडी के अधिकारी शुक्रवार से 22 मई तक पूछताछ करेंगे।
कोर्ट में हेल्थ का हवाला देकर सहयोग की अपील
आलमगीर की ओर से अदालत से हेल्थ ग्राउंड पर सहयोग की अपील की गई थी, जिसमें उन्होंने कोर्ट से कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता है। इस पर अदालत ने उन्हें राहत देते हुए कहा कि आलमगीर को हेल्थ से संबंधित तमाम सुविधाएं दी जाएं। जब आलमगीर आलम को कोर्ट रूम में ले जाया जा रहा था तब उनके समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए। जिसके बाद कोर्ट परिसर में मौजूद पुलिस ने उन्हें नारेबाजी करने से रोका।
ईडी दफ्तर में गुजरी रात
आलमगीर आलम की रात ईडी दफ्तर में गुजरी। बुधवार की शाम ED ने उन्हें गिरफ्तार किया है। दो दिन के सवाल-जवाब के बाद ये कार्रवाई हुई है। इससे पहले ED ने मंत्री के पीएस संजीव लाल और उसके नौकर जहांगीर को गिरफ्तार किया था। जहांगीर के घर से 30 करोड़ से ज्यादा कैश मिले थे।
कल गिरफ्तारी के बाद ईडी दफ्तर में ही उनका मेडिकल चेकअप किया गया। उनसे दवाइयों की जानकारी लेकर वो मुहैया कराई गई। मंत्री आलमगीर आलम उन दवाइयों को अपने साथ रख सकेंगे। गिरफ्तारी के बाद आलमगीर आलम की पत्नी रेशमा आलम ईडी दफ्तर पहुंची थीं।
पूछताछ में कई बड़े नामों का हो सकता है खुलासा
ग्रामीण विकास मंत्री से पूछताछ में कई बड़े नाम का खुलासा हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि कई नेता और बड़े अधिकारी भी ईडी की रडार में है जो इस कमीशन के खेल का अहम हिस्सा थे। कई अधिकारी ग्रामीण विकास का हिस्सा रहे हैं। ध्यान रहे कि ईडी ने मंत्री के पीएस रहे संजीव के सहायक जहांगीर के घर से कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों को लेकर भी ईडी की पूछताछ जारी है।
आलमगीर के पीएस संजीव ने खोले कई राज
प्रवर्तन निदेशालय की रिमांड में चल रहे मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल ने भी जांच एजेंसी को कई जानकारियां दी हैं। मंगलवार को मंत्री आलमगीर आलम के साथ संजीव लाल से भी पूछताछ की गई। संजीव लाल से पिछले 7 दिनों से पूछताछ चल रही है।
इस पूछताछ के दौरान संजीव ने इस बात का स्वीकार किया है कि जो रुपए उनके और उनके सहायक के यहां से बरामद हुए हैं, वह सभी पैसे टेंडर कमीशन के हैं। यह भी बताया है कि टेंडर कमीशन के नाम पर किन-किन लोगों से रुपए लिए गए।
वीरेंद्र राम की गिरफ्तारी के बाद से ही जांच के दायरे में थे मंत्री
ग्रामीण कार्य विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम की गिरफ्तारी के बाद से ही मंत्री आलमगीर आलम ED की जांच के दायरे में थे। ED ने उनसे पूछताछ की तैयारी कर रही थी। वीरेंद्र राम को ED ने 23 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया था।
