गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को एक बार फिर कहा कि लोकसभा चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश का नेतृत्व करेंगे। वे 2029 तक प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इसके बाद भी वे हमारा नेतृत्व करेंगे।
गृह मंत्री ने तिहाड़ से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रिहाई पर कहा- मेरा मानना है कि यह कोई रूटीन जजमेंट नहीं था। देश में कई सारे लोग हैं, जिनका मानना है कि केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत स्पेशल ट्रीटमेंट है।
शाह ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में लोकसभा चुनाव, भाजपा के नेतृत्व, अरविंद केजरीवाल की तिहाड़ जेल से रिहाई, ममता बनर्जी, संदेशखाली, इंडी इलायंस, राम मंदिर, अल्पसंख्यक वोट बैंक, पाकिस्तान के परमाणु बम, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK), ज्ञानवापी और मथुरा कृष्ण मंदिर विवाद समेत विभिन्न मुद्दों पर बात की।
शाह के इंटरव्यू की खास बातें…
सवाल: चौथे फेज में ही आप लोगों ने 270 का आंकड़ा पार करने का दावा किया है?
अमित शाह: सरकार की स्थिरता देश और दुनियाभर में 130 करोड़ की जनता की इच्छा की व्याख्या करती है। मैं मानता हूं कि हमारे 400 पार के नारे को विपक्ष ने हमेशा की तरह कम दूरदृष्टि की तरह इसे पॉलिटिसाइज किया है।
मैं निश्चित रूप से मानता हूं कि स्थिर सरकारें देश को ताकत देती हैं, निर्णायक कदम उठाने में सहायक होती हैं, गरीबों के कल्याण करने में सहायत होती है, आतंकवाद-नक्सलवाद और नेशनल सिक्योरिटी के खतरों को कुचल देने में मदद करती हैं और देश के एजेंडों को दुनिया में फैलाने में भी मदद करती हैं।
सवाल: 400 पार का नारा PoK को पूरी तरह भारत के साथ जोड़ने के लिए दिया है?
शाह: POK भाजपा नहीं देश संसद का कमिटमेंट है। PoK भारत का हिस्सा है। उस पर हमारा अधिकार है। इसको कोई ठुकरा नहीं सकता। ये आज जो फारुक अब्दुल्ला और कांग्रेस के नेता कह रहे हैं पाकिस्तान के पास एटम बम है। तो उसका सम्मान करना चाहिए PoK की डिमांड नहीं करना चाहिए।
मैं उनको पूछना चाहता हूं 130 करोड़ की आबादी वाला एटॉमिक पावर भारत यह महान देश क्या किसी से डरकर अपना अधिकार जाने देगा? ये किस प्रकार की सोच है? राहुल बाबा ने देश की जनता के सामने एक्सप्लेन करना चाहिए। इनके अलायंस के नेता और पार्टी के नेता क्या कहना चाहते हैं?
पाकिस्तान का सम्मान करो मतलब क्या? PoK जाने दें? वो कभी नहीं हो सकता है। मैं पूर्णतया इस बात पर भाजपा का मत रखता हूं कि भाजपा मानती है कि PoK हमारा है और हमें ही मिलना चाहिए। और वो नहीं आता है तब तक हम सबका दायित्व है।
सवाल: विपक्ष ने हाल ही में बालाकोट हमले और पुलवामा हमले पर सवाल उठाया है?
शाह: उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की प्रतिक्रिया देखी होती तो वे ऐसा नहीं कहते। ये इतनी छोटी मानसिकता के हो गए हैं कि लोगों को ऐसे गुमराह कर रहे हैं जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो। सोनिया-मनमोहन सरकार के 10 साल में इतने बम धमाके हुए, क्या किसी का कोई ठोस जवाब दिया गया?
आपने अपना अल्पसंख्यक वोट बैंक खोने के डर से इसका विरोध भी नहीं किया। धारा 370 हटने के बाद भाजपा सरकार ने कश्मीर के हालात बदल दिए हैं। हमने सख्त कदम उठाए हैं, नतीजा- जो लोग भारत के संविधान को नहीं मानते थे, उन्होंने अब दो दिन पहले चुनाव में वोट डाला है।
सवाल: कोई प्रोएक्टिव कदम आज तक भारत ने लिया नहीं है?
शाह: ये आपके इंटरव्यू में बताकर कोई कदम नहीं उठाए जाते। उचित समय पर देश की और दुनिया की स्थिति देखकर किया जाता है।
सवाल: ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि पर क्या कहेंगे?
शाह: ज्ञानवापी और कृष्ण जन्मभूमि ये दोनों मामले अदालत के समक्ष हैं। कोर्ट ने भी इसका संज्ञान लिया है। इस पर मेरा कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। कोर्ट के फैसले के बाद ही हमने राम मंदिर बनाने का फैसला किया।
सवाल: महाराष्ट्र में शिवसेना और NCP के टूटने का क्या कारण है?
शाह: उद्धव जी के बेटे प्रेम और शरद जी के बेटी प्रेम के कारण पार्टियां टूटी हैं। वे राजशाही व्यवस्था चाहते हैं, जिसमें बाप के बाद बेटा या बेटी ही उत्तराधिकारी बने। लेकिन देश में लोकतंत्र है और लोग इसे स्वीकार नहीं कर रहे हैं, इसलिए अलग हो रहे हैं।
सवाल: केजरीवाल के आने से INDIA अलायंस में नई जान आ गई है। जजमेंट के बारे में क्या कहेंगे?
शाह: केजरीवाल कह रहे हैं कि झाड़ू में वोट डलेगा तो मुझे जेल नहीं जाना पड़ेगा। यह सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट रूप से कंटेम्ट है। इनका कहने का मतलब है जो विजयी होता है सुप्रीम कोर्ट उनको दोषी होने के बावजूद भी जेल नहीं भेजगी। जिन जज साहबों ने उनको जमानत दी है उनको ये सोचना है कि उनके जजमेंट का क्या उपयोग या दुरुपयोग हुआ।
केजरीवाल को बेल मिलने का जहां तक मामला है, सुप्रीम कोर्ट को न्याय की व्याख्या करने का अधिकार है। मैं मानता हूं रुटीन और नॉर्मल प्रकार का जजमेंट नहीं है। काफी लोग देश में मानते हैं स्पेशल ट्रीटमेंट दिया गया है।
सवाल: केजरीवाल दिन में 3 बार बोलते हैं कि मोदी की गारंटी अमित शाह जी की गारंटी बन जाएगी?
शाह: आप उनको इतना सीरियसली ले रहे हैं। इतना सीरियसली मत लीजिए। वे सिर्फ 22 सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। और वो गारंटी दे रहे हैं पूरे देश का मैं बिजली का बिल माफ कर दूंगा। अरे भाई तुम 22 ही सीट ले रहे हो सरकार कहां से बनेगी। हम मोहल्ला क्लिनिक बना देंगे। मैं कई बार स्पष्ट कर चुका हूं फिर स्पष्ट करना चाहता हूं। 29 तक मोदी ही रहेंगे। केजरीवाल आप के लिए कोई अच्छा समाचार नहीं है। 29 के बाद भी मोदीजी ही हमारे चुनाव अभियान का नेतृत्व करेंगे।
सवाल: ममता बनर्जी ने कहा है कि संदेशखाली भाजपा की साजिश है?
शाह: ममता बनर्जी ने एक कार्यशैली विकसित की है कि पहले जुल्म करो और जब लोग इस बारे में बात करें तो छुपाओ और फिर दोबारा जुल्म करो। संदेशखाली इसका उदाहरण है। एक महिला मुख्यमंत्री की नाक के नीचे धर्म के आधार पर महिलाओं के साथ दुष्कर्म होता है और वे चुप बैठी हैं? उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा, फिर भी(पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा) कोई जांच नहीं हुई और फिर मामला CBI के पास गया। उन्हें शर्म आनी चाहिए।
