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पित्रोदा बोले- ईस्ट वाले चीनी, साउथ वाले अफ्रीकन दिखते हैं:कांग्रेस बोली- बयान नामंजूर, PM बोले- शहजादे के फिलॉसफर ने चमड़ी के आधार पर गाली दी

पित्रोदा बोले- ईस्ट वाले चीनी, साउथ वाले अफ्रीकन दिखते हैं:कांग्रेस बोली- बयान नामंजूर, PM बोले- शहजादे के फिलॉसफर ने चमड़ी के आधार पर गाली दी

नई दिल्ली1 घंटे पहले
पित्रोदा ने अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में ये बयान दिया, जिसके बाद विपक्ष ने उनकी आलोचना की है।

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने विरासत टैक्स के बाद भारत की विविधता को लेकर बयान दिया। पित्रोदा ने कहा कि भारत में ईस्ट के लोग चाइनीज और साउथ वाले अफ्रीकन दिखते हैं।

बयान देने के कुछ ही देर बाद कांग्रेस ने इससे किनारा कर लिया। कांग्रेस ने कहा कि भारत की विविधता की ये परिभाषा मंजूर नहीं है। यह गलत है।

जब बयान सामने आया, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेलंगाना के वारंगल में सभा कर रहे थे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘शहजादे के फिलॉसफर ने चमड़ी के आधार पर देशवासियों का अपमान किया। गाली दी।’

पित्रोदा का इंटरव्यू, भारत में हर कोई थोड़ा-बहुत समझौता करता है
सैम पित्रोदा ने अंग्रेजी अखबार द स्टेट्समैन को दिए एक इंटरव्यू में विविधता पर बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘हम 75 साल बहुत खुशहाल माहौल में रहे हैं। लोग इधर-उधर के झगड़ों को छोड़कर एक साथ रहते थे। हम भारत जैसे विविधता वाले देश को एक साथ रख सकते हैं। यहां हम सभी भाई-बहन हैं।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा- हम सभी अलग-अलग भाषाओं, धर्मों, रीति-रिवाजों और खाने का सम्मान करते हैं। यही वह भारत है जिसमें मैं विश्वास करता हूं, जहां हर किसी के लिए एक जगह है। यहां हर कोई एक-दूसरे के लिए थोड़ा-बहुत समझौता करता है।’

प्रधानमंत्री बोले- मेरा मन गुस्से से भर गया है

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘आज मैं बहुत गुस्से में हूं। लोग मुझे गाली दें तो मैं गाली सह लेता हूं; लेकिन शहजादे के फिलॉसफर ने इतनी बड़ी गाली दी है कि मेरे मन में गुस्सा भर गया है।’

मोदी ने कहा, ‘क्या मेरे देश में चमड़ी का रंग देखकर लोगों की योग्यता तय होगी। चमड़ी के रंग का खेल खेलने का हक शहजादे को किसने दिया है। संविधान सर पर लेकर नाचने वाले लोग मेरे देश का अपमान कर रहे हैं।’

4 राजनीतिक दलों पित्रोदा के बयान पर क्या कहा…

जयराम रमेश (कांग्रेस): सैम पित्रोदा ने भारत की विविधताओं की जो उपमाएं दी हैं, वह गलत और अस्वीकार्य हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इन उपमाओं से अपने आप को पूर्ण रूप से अलग करती है।

संजय सिंह (AAP): जहां तक सैम पित्रोदा के बयान का सवाल है, उस तरह के बयान का कहीं दूर-दूर तक INDIA गठबंधन का कोई भी व्यक्ति समर्थन नहीं करता है।

प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT): मैं उनके बयान से सहमत नहीं हूं। लेकिन क्या वह घोषणापत्र समिति के सदस्य हैं, कांग्रेस के स्टार प्रचारक हैं और क्या वह इसी देश में रहते हैं? वह विदेश में रहते हैं। उनके मुद्दों को देश का मुद्दा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

सुधांशु त्रिवेदी (भाजपा): सैम पित्रोदा ने भारत, भारतीय संस्कृति, भारत की पहचान और यहां के लोगों की पहचान पर आपत्तिजनक बयान दिया है। ऐसा लगता है कि यह विषय केवल चुनाव या राजनीति तक ही सीमित नहीं है, बल्कि भारत के अस्तित्व से जुड़ा है, क्योंकि अब भारत के अस्तित्व पर सीधा सवाल उठाया जा रहा है।

सैम पित्रोदा के 5 अन्य विवादित बयान…

1. विरासत टैक्स

सैम पित्रोदा ने 23 अप्रैल को भारत में अमेरिका की तरह विरासत टैक्स लगाने की बात की थी। उन्होंने कहा कि अमेरिका में किसी व्यक्ति के मरने पर उसकी संपत्ति का 55% हिस्सा सरकार ले लेती है, जबकि उसके बच्चों को सिर्फ 45% हिस्सा मिलता है।

पित्रोदा ने यह भी कहा कि भारत में इस तरह का कानून नहीं है। इस तरह के मुद्दों पर बहस और चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक नीतिगत मुद्दा है और कांग्रेस पार्टी एक ऐसी नीति बनाएगी, जिसके माध्यम से धन का बांटना बेहतर होगा।

लोकसभा चुनाव के बीच पित्रोदा का बयान से भाजपा को बैठे-बिठाए एक मुद्दा मिल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी हर रैली-सभा और इंटरव्यू में विरासत टैक्स के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा।

मोदी ने कई बार कहा है कि कांग्रेस की सरकार आई तो वे लोगों के जमीन-जायदाद और महिलाओं के मंगलसूत्र के दो हिस्से लगाएगी और इसे अल्पसंख्यकों में बांट देगी। हालांकि, कांग्रेस ने पित्रोदा के बयान से किनारा कर लिया और प्रधानमंत्री के दावे को झूठ बताया।

2. सिख विरोधी दंगे
2019 लोकसभा चुनावों के दौरान सिख दंगों पर एक बयान देकर पित्रोदा फंस गए थे। दरअसल, भाजपा ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के लिए राजीव गांधी को मास्टरमाइंड कहा था।

इस पर पूर्व प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी रहे पित्रोदा ने 10 मई 2019 को कहा था- अब क्या है 1984 का? भाजपा ने 5 साल में क्या किया, उसकी बात करें। 84 हुआ तो हुआ, आपने क्या किया? कांग्रेस को इस बयान से भी किनारा करना पड़ा और पित्रोदा को माफी मांगनी पड़ी।

3. मिडिल क्लास को स्वार्थी नहीं बनना चाहिए
पित्रोदा ने 6 अप्रैल 2019 को कहा था कि मिडिल क्लास को स्वार्थी नहीं बनना चाहिए। उन्हें ज्यादा टैक्स देने के लिए कमर कस लेना चाहिए। इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी सकते में आ गई। पार्टी को सफाई देनी पड़ी कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो वो मिडिल क्लास लोगों पर कोई अतिरिक्त टैक्स का बोझ नहीं डालेगी।

4. बालाकोट एयरस्ट्राइक पर सवाल
पुलवामा में आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी। इस पर सवाल उठाते हुए 22 मार्च 2019 को पित्रोदा ने कहा था कि ऐसे हमले होते रहते हैं। कुछ आतंकियों ने हमला किया, इसकी सजा पूरे पाकिस्तान को क्यों दी जा रही है?

पित्रोदा ने कहा था कि मुंबई में भी हमला हुआ था और हमारी सरकार भी जवाब दे सकती थी। हम भी अपने विमान भेज सकते थे, लेकिन यह दृष्टिकोण सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह गलत है कि कुछ लोगों की गलती के चलते हम पाकिस्तान के हर नागरिक को दोषी ठहराएं।

5. मंदिर से रोजगार नहीं मिलेगा
6 जून 2018 को राम मंदिर पर पित्रोदा ने कहा था कि भारत में बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा जैसी समस्याओं के बारे में कोई बात ही नहीं करता। हर कोई राम, हनुमान और मंदिर की बात करते हैं। मंदिर बनाने से आपको रोजगार नहीं मिलेगा।

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