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जयशंकर बोले- भारत पर आरोप लगाना कनाडा की मजबूरी:यह वोट बैंक की राजनीति, निज्जर हत्याकांड में हुई गिरफ्तारी उनका आंतरिक मामला

एस. जयशंकर ने ओडिशा के भुवनेश्वर में ‘वाय भारत मैटर्स’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। (फाइल)

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत पर अलग-अलग आरोप लगाना कनाडा की राजनीतिक मजबूर है। वहां अगले साल चुनाव होने हैं, इसलिए देश में वोट बैंक राजनीति चल रही है। इसका भारत से कोई लेना-देना नहीं है।

भुवनेश्वर में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए विदेश मंत्री ने यह बात कही। दरअसल, कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के आरोप में शुक्रवार को 3 भारतीयों को गिरफ्तार किया गया था। कनाडा की पुलिस ने आशंका जताई थी कि भारत ने इन लोगों को निज्जर को मारने का काम सौंपा था।

इस पर जयशंकर ने कहा, “हम इंतजार कर रहे हैं कि कनाडा गिरफ्तार हुए भारतीयों के बारे में जानकारी साझा करे। हमें बताया गया है कि वे तीनों किसी गैंग से संबंध रखते हैं। यह कनाडा का आंतरिक मामला है और मैं इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।

नेपाल के नोटों पर भारतीय इलाके होने पर जयशंकर ने कहा कि नेपाल ने इस फैसले से हकीकत नहीं बदलेगी। हम उनसे सीमा विवाद पर बातचीत कर रहे हैं।

‘ट्रूडो की पार्टी के पास समर्थन नहीं, कई दल सत्ता के लिए खालिस्तानियों पर निर्भर’
विदेश मंत्री ने कहा कि कनाडा में भारत के खिलाफ काम करने वाले लोगों को पनाह दी जाती है। खासकर जो लोग पंजाब से हैं, वे कनाडा से ऑपरेट करते हैं। खालिस्तान समर्थक लोग कनाडा के लोकतंत्र का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। वे आज कनाडा का वोट बैंक बन गए हैं। कनाडा में सत्ताधारी पार्टी के पास संसद में बहुमत नहीं है। ऐसे में कई पार्टियां सत्ता में आने के लिए खालिस्तानी समर्थकों पर निर्भर हैं।

विदेश मंत्री ने कहा, “हमने कई बार कनाडा से कहा है कि ऐसे लोगों को वीजा न दें, उन्हें देश की राजनीति में शामिल न करें। वे लोग कनाडा, भारत और दोनों देशों के रिश्तों के लिए परेशानी पैदा कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने इसके लिए कुछ नहीं किया। भारत ने खालिस्तान समर्थक 25 लोगों को भारत प्रत्यर्पित करने की मांग की थी, लेकिन उन्होंने यह भी नहीं माना।”

‘नेपाल के एकतरफे फैसले से हकीकत नहीं बदलेगी’
उधर, नेपाल के 100 रुपए के नए नोट में भारत के 3 इलाके लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी को नेपाली मैप में दर्शाया गया है। इस पर जयशंकर ने कहा- “नेपाल के साथ बॉर्डर मामलों को लेकर हमारी चर्चा चल रही है। इस बीच नेपाल द्वारा उठाया गया यह कदम एकतरफा है। इससे जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी।”

चीन के साथ रिश्तों पर बात करते हुए जयशंकर ने कहा, “पिछले 4 साल में चीन ने LAC पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाई है। उन्होंने भारत पर दबाव बनाया है। काउंटर करने के लिए भारत के भी हजारों सैनिकों को वहां तैनात किया गया है। LAC पर तनाव को लेकर मैंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से कहा था कि बॉर्डर पर लड़ाई और भारत से बिजनेस साथ-साथ नहीं हो सकते हैं। बॉर्डर पर तनाव का असर दोनों देश के रिश्तों पर पड़ेगा।”

विदेश मंत्री ने कहा, “भारत और चीन के बीच 1962 की जंग के बाद कुछ समझौते हुए थे, लेकिन चीन ने 2020 में LAC पर इसका उल्लंघन किया था। चाहे पाकिस्तान का आतंकवाद का मुद्दा हो या चाहे चीन से बॉर्डर पर दबाव की बात हो, नेशनल सिक्योरिटी को लेकर मोदी सरकार कभी समझौता नहीं करेगी।”

जयशंकर बोले- मोदी के आने से पहले हम दूसरा गाल आगे कर देते थे
जयशंकर ने कहा कि दुनिया के कई नेता भारत और प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हैं। पैसिफिक देश के एक प्रधानमंत्री ने मोदी के पैर छूने की भी कोशिश की। ऑस्ट्रेलिया के PM ने मोदी को बॉस कहा था। अमेरिका के प्रेसिडेंट बाइडेन भी मोदी की पॉपुलेरिटी का सीक्रेट जानना चाहते हैं।

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