सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से गुड्स एंड सर्विस टैक्स एक्ट से के तहत जारी किए गए नोटिस और गिरफ्तारियों का डेटा मांगा है। 3 मई को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वह नागरिकों की स्वतंत्रता को छीनकर उन्हें परेशान करने से बचाने के लिए दिशा-निर्देश तय कर सकता है।
जस्टिस संजीव खन्ना, एमएम सुंदरेश और बेला एम त्रिवेदी की बेंच ने GST एक्ट, कस्टम एक्ट और PMLA के प्रावधानों को चुनौती देने वाली 281 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। बेंच ने जीएसटी एक्ट की धारा 69 में गिरफ्तारी की शक्तियों पर स्थिति साफ न होने पर चिंता जाहिर की।
कोर्ट ने सुनवाई के दाौरान कहा कि सभी मामलों में लोगों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर आजादी को मजबूत करने के लिए कानून में सुधार, लेकिन जनता को परेशान नहीं होने दे सकते।
