AAP से गठबंधन पर दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष का इस्तीफा:पूर्व विधायक बोले- भाजपा उन्हें टिकट देगी; लवली बोले- मैं कहीं नहीं जा रहा
दिल्ली में लोकसभा चुनाव से ठीक 28 दिन पहले रविवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी लिखी।
4 पेज की चिट्ठी में उन्होंने लिखा- दिल्ली कांग्रेस इकाई उस पार्टी के साथ गठबंधन के खिलाफ है, जो कांग्रेस पार्टी के खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के आधार पर बनी थी। इसके बावजूद पार्टी ने दिल्ली में AAP के साथ गठबंधन करने का फैसला किया।
सूत्रों के मुताबिक, लवली का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। जल्द ही नए अध्यक्ष की घोषणा होगी। कांग्रेस ने 31 अगस्त 2023 को लवली को अध्यक्ष बनाया था।
लवली के इस्तीफे के बाद अब पार्टी नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। ओखला से कांग्रेस के दो बार के विधायक रह चुके आसिफ मोहम्मद खान ने कहा- पार्टी में मतभेद हो सकते हैं। अगर लवली निराश थे, इस्तीफा देना चाहते थे तो वे चुपचाप मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा सौंप देते।
जिस तरह के कारणों का जिक्र उन्होंने खड़गे को भेजी चिट्ठी में किया है, अगर उनकी मंशा खराब नहीं होती तो वे चुपचाप अपना इस्तीफा दे देते। एक तरह से उन्होंने जो पत्र खुले तौर पर मीडिया को जारी किया है, वह सीधे तौर पर बीजेपी को फायदा पहुंचा रहा है।
मैं इतना कह सकता हूं कि भाजपा एक-दो दिन में हर्ष मल्होत्रा की जगह लवली को पूर्वी दिल्ली से अपना उम्मीदवार घोषित कर देगी। आसिफ मोहम्मद के इस बयान के बाद लवली समर्थकों ने मीडिया के सामने उनके साथ धक्का-मुक्की की। वहीं लवली ने कहा कि वे कांग्रेस में ही हैं, किसी और पार्टी में नहीं जा रहे।
अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद अरविंदर सिंह लवली के दो बयान…
लवली की चिट्ठी के 11 पॉइंट्स
- दिल्ली कांग्रेस के सीनियर नेताओं ने हाल ही में जो भी फैसले लिए, उसे AICC जनरल सेक्रेटरी (दिल्ली इन्चार्ज) ने वीटो कर दिया। मुझे दिल्ली कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था, फिर भी मुझे किसी को अपॉइंट करने की इजाजत नहीं दी जा रही। दिल्ली के 150 ब्लॉक अध्यक्ष को अपॉइंट करने का मेरा फैसला भी रिजेक्ट कर दिया गया था। फिलहाल इन ब्लॉक में कोई अध्यक्ष नहीं हैं।
- दिल्ली कांग्रेस के कई नेता AAP के साथ गठबंधन के खिलाफ थे। AAP ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगाए थे। AAP के कैबिनेट के आधे मंत्री फिलहाल भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल में हैं। इसके बावजूद, आलाकमान ने दिल्ली में AAP के साथ गठबंधन किया। हमने फैसले का सम्मान किया। मैंने न केवल सार्वजनिक रूप से इसका समर्थन किया, बल्कि यह भी तय किया कि दिल्ली यूनिट हाईकमान के आदेश के मुताबिक हो। AICC महासचिव (संगठन) के कहने पर, मैं केजरीवाल की गिरफ्तारी की रात सुभाष चोपड़ा और संदीप दीक्षित के साथ उनके घर पर भी गया, जबकि यह मेरे उसूलों के खिलाफ था।
- इस गठबंधन के बाद दिल्ली कांग्रेस को लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए 3 संसदीय सीटें दी गई हैं।
- दिल्ली में गठबंधन में कांग्रेस पार्टी को दी गई लिमिटेड सीटों और पार्टी की भलाई के लिए मैंने अपना नाम वापस ले लिया, ताकि ये सीटें दिल्ली कांग्रेस के अन्य सीनियर सदस्यों को दी जा सकें। मैंने संभावित उम्मीदवार के तौर पर भी अपनी दावेदारी खत्म कर दी। 12 मार्च 2024 को सभी अखबारों में यह खबर भी पब्लिश की गई थी।
- इन 3 सीटों में से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी ऑब्जर्वर और स्थानीय कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करते हुए नॉर्थ वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली की सीटें ऐसे 2 उम्मीदवारों को दी गईं, जो दिल्ली कांग्रेस और पार्टी की नीतियों से पूरी तरह अनजान थे।
- लोकसभा चुनाव के लिए कैंडिडेट का फाइनल फैसला कांग्रेस आलाकमान का होता है, जिसका मैं सम्मान करता हूं, लेकिन आलाकमान ने 2 कैंडिडेट्स ऐसे उतारे, जिनके बारे में दिल्ली कांग्रेस से चर्चा नहीं की गई। अगर मुझे पहले बताया होता तो मैं ज्यादा बेहतर तैयारी कर पाता। अभी तक पार्टी के किसी भी सीनियर लीडर ने मुझसे लोकल नेताओं के साथ समीकरण बनाने को लेकर चर्चा नहीं की है। मैं हर नाराज नेता से मिलकर पार्टी को एकजुट रखने की कोशिश कर रहा था।
- हाल ही में दिल्ली कांग्रेस ने 3 लोकसभा कैंडिडेट्स का ऐलान किया था। इसके बाद नॉर्थ वेस्ट दिल्ली और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के उम्मीदवार के खिलाफ हमारी पार्टी के ही कुछ वर्कर्स ने प्रोटेस्ट किया था। सिचुएशन को संभालने के लिए मैंने पब्लिक में कहा था कि लोकतंत्र में सबको प्रोटेस्ट करने और अपनी आवाज उठाने का हक है।
- पब्लिक में मेरे दिए गए बयान को लेकर AICC जनरल सेक्रेटरी (दिल्ली प्रभारी) ने मुझे मामला संभालने के लिए पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान और पूर्व विधायक सुरेंदर कुमार को सस्पेंड करने को कहा।
- दिल्ली कांग्रेस की स्थिति तब और बिगड़ गई जब नॉर्थ वेस्ट दिल्ली कैंडिडेट ने आपत्तिजनक टिप्पणी और पार्टी के खिलाफ बयान दिया। उन्होंने हमारे पार्टी वर्कर्स का भी अपमान किया था। इसके बाद उन्होंने मुझे कई लेटर लिखे, जिसमें लोकल लीडर्स को सस्पेंड करने की मांग की गई है।
- नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से उम्मीदवार भी पार्टी लाइन और स्थानीय कार्यकर्ताओं की मान्यताओं को दरकिनार करते हुए दिल्ली के सीएम की झूठी प्रशंसा करते हुए मीडिया में बाइट दे रहे हैं। असलियत और दिल्ली की जनता की पीड़ा के उलट उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली को लेकर AAP के झूठे प्रचार का समर्थन किया। उदाहरण के तौर पर 23 अप्रैल को एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में केजरीवाल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि उनके लिए बिजली की व्यवस्था करने वाला, स्कूल खोलने वाला, जो दिल्ली की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने वाले मुख्यमंत्री हैं, उन्हें जेल में डाल दिया।
- इस तरह के झूठे और गलत तथ्यों वाले बयान लोकल पार्टी यूनिट को पसंद नहीं आए, क्योंकि कार्यकर्ताओं की यह समझ रहे थे कि यह गठबंधन दिल्ली के विकास को लेकर AAP के झूठे प्रचार की तारीफ करने नहीं, बल्कि असलियत में गठबंधन के हिस्से के तौर पर पार्टी की जीत की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए हुआ एक समझौता था। लेकिन ऐसा लग रहा है कि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के उम्मीदवार इस बात से अनजान हैं कि AAP शासन के तहत दिल्ली में स्कूलों, अस्पतालों और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की हालत स्वर्गीय शीला दीक्षित सरकार के में हुए विकास कार्यों की तुलना में बहुत खराब हो गई है।
दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों में से 4 पर AAP, 3 पर कांग्रेस लड़ रही
संदीप दीक्षित बोले- लवली की यह एक व्यक्तिगत पीड़ा है
कांग्रेस नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शिला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने कहा- अरविंदर सिंह लवली की यह एक व्यक्तिगत पीड़ा है। उनकी पीड़ा है कि दिल्ली में हम अपनी पुरानी साख को लाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस का अध्यक्ष बनना कांटों का ताज है। इसके बावजूद पिछले 6-8 महीने में उन्होंने मेहनत करके पार्टी खड़ी की।
भाजपा नेता बोले- कांग्रेस में एक ही परिवार सबकुछ चलाना चाहता है
लवली के इस्तीफे पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा- कांग्रेस में सब ठीक-ठाक नहीं है। कांग्रेस में एक परिवार ही सब कुछ चलाना चाहता है, जिससे जमीनी नेता परेशान हैं। कल तक कांग्रेस जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी आज वे उन्हीं लोगों के साथ समझौता करके चुनाव लड़ रहे हैं। ये कैसे संभव है? लोगों को घुटन हो रही है इसलिए वे इस्तीफा दे रहे हैं।
AAP नेता सौरभ भारद्वाज बोले- ये कांग्रेस का आंतरिक मामला
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे पर AAP नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा- कांग्रेस पार्टी हमारी गठबंधन सहयोगी है और उनकी पार्टी का यह आंतरिक मामला है। मुझे लगता है कि वह ही इस बारे में बोलें तो ज्यादा बेहतर होगा।
2019 में भाजपा ने सातों सीटें जीती थीं
दिल्ली में 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मोदी लहर में सातों सीटों पर क्लीन स्वीप किया था। बीजेपी के सभी उम्मीदवारों को 50 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस दूसरे नंबर पर और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी तीसरे स्थान पर खिसक गई थी।
त्रिकोणीय मुकाबले में बीजेपी प्रत्येक सीट पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से बड़े वोटों के अंतर से आगे रही थी. बीजेपी को 56 प्रतिशत से ज्यादा वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस को 22.5 प्रतिशत और AAP को 18.1 प्रतिशत वोट मिले थे। 2014 में बीजेपी को 46.4 फीसदी वोट मिले थे।
