गुजरात के सूरत में कांग्रेस कैंडिडेट नीलेश कुंभाणी का नामांकन फॉर्म रद्द हो सकता है। मिली जानकारी के अनुसार उनके पर्चे में गवाहों के हस्ताक्षर में गड़बड़ी पाई गई है।
इस मामले में बीजेपी के पूर्व डिप्टी मेयर दिनेश जोधानी ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। आज जिला कलेक्टर ने कुंभाणी को ऑफिस बुलाया और स्पष्टीकरण के लिए रविवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया है।
सूरत लोकसभा सीट के लिए कुल 24 फॉर्म भरे गए
नीलेश कुंभाणी के डमी कैंडिडेट के तौर पर सुरेशभाई पडसाला ने भी फॉर्म भरा है। अगर कुंभाणी का फॉर्म रद्द हुआ तो कांग्रेस की ओर से पडसाला चुनाव लड़ सकते हैं। सूरत लोकसभा सीट के लिए कुल 24 फॉर्म भरे गए हैं। बीजेपी ने मुकेश दलाल को उम्मीदवार बनाया है।
इसके अलावा इस सीट के लिए बहुजन समाज पार्टी, सरदार वल्लभभाई पटेल पार्टी, अखिल भारत हिंदू महासभा, ग्लोबल रिपब्लिकन पार्टी, लोग पार्टी, बहुजन रिपब्लिकन सोशलिस्ट पार्टियों समेत चार निर्दलीयों ने भी नामांकन दाखिल किया है।
कौन हैं नीलेश कुंभाणी
कंस्ट्रक्शन कारोबार से जुड़े नीलेश कुंभाणी को कांग्रेस से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। वे पाटीदार आंदोलन में भी सक्रिय रहे थे और उनका कार्यालय उस समय एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था। कुंभाणी कांग्रेस के टिकट पर 2015 में कामरेज सीट से पार्षद भी रह चुके हैं। इसके बाद कामरेज सीटी से विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन बीजेपी कैंडिडेट से हार गए थे।
