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महाकाल मंदिर में दर्शन कराने वाले दलालों का स्टिंग:भास्कर रिपोर्टर्स से लिए 10 हजार रुपए; कॉन्स्टेबल सस्पेंड, दो दलालों की मंदिर में एंंट्री बैन

उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के लिए आधिकारिक तौर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन कोटा तय है, लेकिन दलालों ने लोगों को दर्शन कराने का अपना अलग सिस्टम बना लिया है। दलाल 3000 से 5000 रुपए लेकर दर्शन करा रहे हैं। उनके इस नेटवर्क में ऑटो रिक्शा चलाने वाले, फूल बेचने वाले, सुरक्षाकर्मी और खुद को पंडित बताने वाले लोग शामिल हैं।

दैनिक भास्कर के 2 रिपोर्टर ने आम श्रद्धालु बनकर इनसे संपर्क किया तो भस्म आरती और शयन आरती के दर्शन के लिए 10,000 रुपए देने पड़े। रुपए लेते हुए ये कैमरे में कैद हुए हैं।

दैनिक भास्कर के स्टिंग के बाद एसपी प्रदीप शर्मा ने रुपए लेकर दर्शन कराने वाले कॉन्स्टेबल अजीत राठौर को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कॉन्स्टेबल सस्पेंड रहेगा।

इधर, मंदिर समिति ने हर्ष जोशी और ब्रजेश तिवारी के महाकाल मंदिर सहित परिसर के मार्गों में प्रवेश पर रोक लगा दी है। हर्ष जोशी और ब्रजेश तिवारी ने तय राशि से अधिक राशि लेकर भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन और भस्म आरती के दर्शन कराए थे। जबकि, दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता है। भस्म आरती पंजीयन के लिए 200 रुपए प्रति श्रद्धालु शुल्क तय है।

धुलेंडी (25 मार्च) की सुबह भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में आग लगने की घटना के बाद मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। उस वक्त नंदी हॉल में कई श्रद्धालु अनधिकृत रूप से गुलाल लेकर पहुंच गए थे।

इसके बाद दैनिक भास्कर की टीम ने महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था की पड़ताल की। दो रिपोर्टर ने आम श्रद्धालु बनकर दर्शन करवाने वाले लोगों से संपर्क किया तो दर्शन के नाम पर रुपए वसूल करने का पूरा नेटवर्क सामने आया। रुपए दिए तो पिछले दरवाजे से मंदिर में एंट्री करा दी और फिर भस्म आरती और शयन आरती में सबसे आगे बैठा दिया।

अब जानते हैं दर्शन कराने के नाम पर हो रही वसूली की पूरी प्रोसेस को..

पहली कड़ी- ऑटो वाले, होटल संचालक और फूल वाले

ऑटो चलाने वाले ने नंबर देते हुए कहा- ये दर्शन करा देंगे
श्रद्धालु जैसे ही उज्जैन पहुंचते हैं, उनका सामना ऑटो चालकों से होता है। ये इस वसूली सिस्टम की पहली कड़ी है। 28 मार्च को दोपहर 1 बजे जब भास्कर की टीम उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड पर पहुंची तो चार-पांच ऑटो वालों ने घेर लिया।

एक ने कहा- चलिए पूरा उज्जैन दर्शन वाजिब दाम में करा दूंगा। दूसरा बीच में बोला- दर्शन तो कोई भी करवा देगा। मैं सस्ते में होटल भी दिला दूंगा। तभी तीसरे ने कहा- सब छोड़िए, बिना लाइन में लगे एकदम सामने से बाबा महाकाल के दर्शन करवा दूंगा। बिना देर किए भास्कर की टीम तीसरे ऑटो में सवार हो गई। ऑटो वाले ने अपना नाम आबिद बताया।

आबिद ने बताया – सामान्य दिनों तो दलाल प्रति व्यक्ति भस्म आरती के 2100-2100 रुपए लेते हैं। अभी होली वाले दिन गर्भगृह में आग लग गई थी तो सख्ती बढ़ गई है, हो सकता है रेट भी बढ़ गया हो। इसलिए मैं गारंटी के साथ रेट नहीं बता सकता। आबिद ने भास्कर टीम को मंदिर के सामने छोड़ा।

उसने पहले वर्धमान हर्ष नाम के एक व्यक्ति से बात की। जो खुद को महाकाल मंदिर का पंडित बताता है। इससे बात करने के बाद आबिद ने भास्कर की टीम को नंबर देकर कहा कि ये भस्म और शयन आरती में एंट्री दिला देगा।

ऑटो चालक ने भास्कर रिपोर्टर को वर्धमान हर्ष का नंबर दिया। उससे पहले उसने खुद वर्धमान हर्ष से बात की।

दूसरी कड़ी- मंदिर परिसर में घूमने वाले दलाल

बोला- शयन आरती में सबसे आगे बैठा दूंगा
भास्कर की टीम ने रायपुर से आए श्रद्धालु बनकर वर्धमान हर्ष से बात की। हर्ष ने कहा कि भस्म आरती में तो हमारा कोटा पूरा हो गया है। सख्ती के कारण अभी ज्यादा लोगों को नहीं ले जा पा रहे हैं। लेकिन, आपकी शयन आरती की व्यवस्था करवा देता हूं। शयन आरती में सबसे आगे की लाइन में बैठा दूंगा। कोई वहां से हटाएगा भी नहीं। हर्ष ने रात 9.30 बजे मंदिर के बाहर मिलने के लिए कहा।

हर्ष के बताए समय पर भास्कर की टीम मंदिर के गेट नंबर-1 के पास पहुंच गई। हर्ष को कॉल किया तो उन्होंने कहा कि ‘मैं किसी को भेजता हूं जो आपको अंदर ले आएगा।’ कुछ देर बाद वहां मंदिर की सुरक्षा में तैनात एक सिपाही पहुंचा। सिपाही ने आकर दोनों का नाम पूछा और प्रोटोकॉल गेट से प्रोटोकॉल पर्ची न होने के बाद भी अंदर लेकर गया। प्रवचन हॉल में पहुंचकर वो बोला- यहां से आगे हर्ष ही लेकर जाएंगे।

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