हरियाणा के कैथल में चुनाव आयोग की वेबसाइट पर आम आदमी पार्टी (AAP) की तरफ से 2 रैलियों की अनुमति मांगने पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। AAP ने कैथल में रैलियों की अनुमति के लिए चुनाव आयोग के ईएनसीओआरई (एनकोर) पोर्टल पर आवेदन किया था।
जिसको किसी ने असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) के आईडी पासवर्ड का गलत इस्तेमाल करके रिजेक्ट कर दिया और रिजेक्शन के कारण में हरियाणवी शब्द कोनी देंदे (नहीं देंगे) और आपत्तिजनक शब्द (गालियां) लिख दी।
इतना ही नहीं रिमार्क के ऑप्शन में रिजेक्शन लेटर की बजाय एडल्ट पोर्न स्टार मियां खलीफा का फोटो अपलोड कर दिया। इस पूरे मामले में एआरओ कम SDM ब्रह्म प्रकाश ने एक्शन लेते हुए पोर्टल का काम देख रहे 4 कम्प्यूटर ऑपरेटर व 1 जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है।
उन्होंने इस पूरे मामले की जांच करने के लिए पुलिस को पत्र लिखा। कैथल के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों पर FIR दर्ज कर ली गई है।
चुनाव आयोग के एनकोर पोर्टल के स्क्रीन शॉट…
रैली के लिए अनुमति लेना जरूरी
लोकसभा चुनाव में आचार संहिता की पालना करते हुए सभी राजनीतिक दलों को कोई भी रैली या सभा का आयोजन करने से पहले जिला प्रशासन से इसकी ऑनलाइन अनुमति लेनी होती है। इसके लिए चुनाव आयोग ने एनकोर वेबसाइट भी लॉन्च की है। जिसके माध्यम से यह पूरी प्रक्रिया चलेगी।
चुनाव के मद्देनजर अभी दो दिन पहले ही जिला प्रशासन ने कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग भी दी गई थी। बताया जा रहा है कि यह पासवर्ड कार्यालय के ही किसी कर्मचारी ने बाहर शेयर किया है या फिर उसने ही ये गलत हरकत की है।
पासवर्ड लीक हुआ या फिर हैक ये जांच में पता चलेगा
एआरओ ब्रह्म प्रकाश ने बताया जब दिन का काम पोर्टल पर चेक किया तो ये सब सामने आया। इसके बाद तुरंत प्रभाव से सभी ऑपरेटरों को पूछा गया और कार्रवाई करते हुए सस्पेंड किया गया है। मामले की जांच के लिए एसपी को पत्र लिखा है। पासवर्ड लीक हुआ या फिर हैक हुआ, किसने ऐसा किया और क्यों किया ये सब जांच के बाद ही पता चलेगा।
ढांडा बोले चुनाव आयोग के दफ्तर में बीजेपी के एजेंट बैठे
उधर इस मामले में AAP के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष अनुराग ढांडा ने कहा कि ये देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक काला अध्याय है। जहां कैथल में इंडिया गठबंधन के तहत आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. सुशील गुप्ता के कार्यक्रम की परमिशन मांगने पर चुनाव आयोग द्वारा कार्यक्रम की परमिशन भी रद्द कर दी और भद्दी गालियां भी लिख दी गईं। इससे एक बात तो साबित होती है कि कैथल में अधिकारी नहीं बल्कि बीजेपी के एजेंट चुनाव आयोग के दफ्तर में बैठे हैं।
चुनाव आयोग को सभी पार्टियों के लिए लेवल प्लेइंग फील्ड सुनिश्चित करनी होगी। जो प्रशासनिक अधिकारी आचार संहिता का सम्मान नहीं करते उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
इन दो कार्यक्रमों की मांगी थी परमिशन
1. आम आदमी पार्टी की तरफ से शुभम राणा ने चंदाना गेट वार्ड नंबर9, 10, मेन चौक सीवन के लिए होल्ड मीटिंग व लाउडस्पीकर कीअनुमति के लिए आवेदन किया था। यह प्रोग्राम 7 अप्रैल को सुबह 9से शाम 6 बजे तक चलने की परमिशन मांगी थी। इस परमिशन कोरिजेक्ट कर अभद्र भाषा कमेंट में लिखी गई हैं।
2. आम आदमी पार्टी की तरफ से नई अनाज मंडी कैथल, वार्ड 10,वार्ड 12 कैथल, ढांड मंडी व अग्रवाल धर्मशाला में होल्ड मीटिंग वलाउडस्पीकर लगाने की परमिशन के लिए आवेदन किया गया था। येपरमिशन 6 अप्रैल को सुबह 8.50 से शाम 6 बजे तक के लिए मांगीगई थी। इसको रिजेक्ट करते हुए कोनी देंदे शब्द लिखा गया है।
