बदायूं हत्याकांड में 2 दिनों से फरार चल रहे जावेद को पुलिस ने बरेली से अरेस्ट कर लिया है। वह बरेली से पीलीभीत के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में था। इससे पहले उसका एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें वो कह रहा है कि मैं सरेंडर करने बरेली आया हूं।
मेरा हत्याकांड से कोई लेना देना नहीं है, जो किया है। वो मेरे भाई ने किया है। पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। जावेद और उसके भाई साजिश ने 19 मार्च की शाम बदायूं की बाबा कॉलोनी में 2 सगे भाइयों की जानवर काटने वाले चाकू से गला काटकर हत्या कर दी गई थी।
बच्चों की उम्र 14 और 6 साल थी। वारदात से गुस्साई भीड़ ने जमकर हंगामा कर दिया था। बाइक और दुकान में तोड़फोड़ की थी। वारदात के 3 घंटे बाद मंडी समिति पुलिस ने आरोपी साजिद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। 20 मार्च को दोनों बच्चों को पोस्टमॉर्टम हुआ था। इसके मुताबिक, 14 साल के बच्चे शरीर पर 9 घाव मिले। उसके गले के साथ-साथ हाथ, गर्दन, छाती और पेट पर धारदार हथियार से वार किया गया। वहीं, 6 साल के बच्चे के शरीर पर 11 घाव मिले हैं।
“पैसे मांगे फिर बच्चों को मार दिया”
बच्चों की मां संगीता ने बताया, ”साजिद और जावेद बाइक से मेरे घर आए थे। जावेद बाइक लेकर बाहर खड़ा था। साजिद घर के अंदर आया। कहा कि भाभी मेरी पत्नी की डिलीवरी होनी है। वह अस्पताल में भर्ती है। मुझे 5000 रुपए दे दीजिए। मैंने साजिद को पैसे दे दिए।
इसके बाद मैंने उससे कहा चाय पी लो। मैं चाय बनाने चली गई। साजिद ने मुझसे कहा कि मुझे घबराहट हो रही है। मैं थोड़ा छत पर टहल लेता हूं। छत पर जाकर साजिद ने मेरे दोनों बच्चों की हत्या कर दी। हत्या का क्या कारण है पता नहीं है। मेरा उन लोगों से कोई विवाद नहीं है।”
