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ड्राइवरों के झगड़े के कारण हुआ था साबरमती एक्सप्रेस एक्सीडेंट:अचानक 90 की स्पीड में लगाया ब्रेक, अजमेर में मालगाड़ी से टकरा गई ट्रेन

साबरमती एक्सप्रेस अहमदाबाद से आगरा की ओर जा रही थी। इस दौरान रविवार देर रात करीब एक बजे एक्सीडेंट हो गया।

अजमेर में एक दिन पहले हुए ट्रेन एक्सीडेंट का कारण लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट का झगड़ा था। दोनों आरोपी ड्राइवरों ने माना है कि वे ट्रेन की स्पीड को लेकर उलझे हुए थे।

इस दौरान दोनों होम सिग्नल पर ब्रेक लगाना भूल गए, लेकिन फिर अचानक 90 की स्पीड में ब्रेक लगा दिया। इसके बाद ट्रेन कुछ हिस्सा पास से निकल रही मालगाड़ी से टकरा गया और 4 बोगी बेपटरी हो गई।दरअसल, मदार (अजमेर) रेलवे स्टेशन के पास साबरमती-आगरा सुपर फास्ट एक्सप्रेक्स (ट्रेन सं. 12548) का रविवार देर रात एक्सीडेंट हो गया था। जांच में सामने आया है कि लोको पायलट नानक और असिस्टेंट लोको पायलट सुआलाल ट्रेन को अजमेर से 12:59 बजे जयपुर के लिए लेकर निकले थे।

गुलाबबाड़ी फाटक क्रॉस होने पर पायलट नानक ने स्पीड 90 किमी/घंटा कर दी। इस पर सहायक लोको पायलट सुआलाल ने स्पीड 50 ही रखने को कहा। इस बात पर पर दोनों में झगड़ा हो गया। दोनों ऐसे उलझे कि मदार होम सिग्नल ही भूल गए।

एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप
नानकराम ने बताया कि सभी सिग्नल मिल रहे थे। यहां पीएसआर लगे हैं। मैंने स्पीड बढ़ाई तो असिस्टेंट लोको पायलट सुआलाल ने मुझे रोका। मैं 2021 से यहां चल रहा हूं। गुड्स ट्रेन होम सिग्नल से आगे जा रही थी। मैंने इमरजेंसी ब्रेक लगाए। मगर टक्कर होकर गाड़ी बेपटरी हो गई।

सुआलाल मुझसे जिद-बहस कर रहे थे। असिस्टेंट लोको पायलट सुआलाल ने कहा कि इतने दिन 50 की स्पीड से गाड़ी चला रहे थे, यह 90 कब हो गया, मेरी जानकारी में नहीं, मैं बता रहा था, इन्होंने मेरी नहीं सुनी।

हादसे के बाद ट्रैक को दुरुस्त करने में करीब 15 घंटे का समय लगा।

मानवीय भूल हो हो सकता है कारण – डीआरएम

अजमेर रेल मंडल डीआरएम राजीव धनखड़ ने कहा कि जांच के लिए प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी आर.एस.रनौत के नेतृत्व में टीम बनाई है।

कोई टेक्निकल खामी नहीं है, मानवीय भूल कारण हो सकती है? जांच 10 दिन में पूरी होगी। हादसे को लेकर 300 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे रहे।

शाम तक ट्रैक को चालू कर दिया गया। हादसे को लेकर 3 अधिकारियों की जांच कमेटी बनाई गई है। इसमें जॉइंट सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी शामिल हैं।

हर पहलु की जांच के बाद टीम रिपोर्ट देगी। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जहां सुधार की आवश्यकता है, वहां सुधार भी किया जाएगा।

तीन महीने पहले भी हुआ था हादसा

करीब तीन माह पहले भी अजमेर के मदार रेलवे यार्ड पर अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस के चार रैक पटरी से उतर गए थे। ट्रेन खाली थी। ऐसे में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।

ऐसा सेफ्टी के लिए ब्रेक रिलीज करते समय रोल ओवर होने से हुआ था। सूचना के बाद रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रैक को वापस पटरी पर रखवाया था।

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