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भारत-यूएस ट्रेड डील के बाद पीयूष गोयल ने की प्रेस ब्रीफिंग, इन चीजों पर US में अब 0% टैरिफ

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम प्रगति हुई है। दोनों देशों ने 500 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक अंतरिम व्यापार ढांचे पर सहमति जताई है। इस समझौते को भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में अवसरों के विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस अंतरिम व्यापार समझौते को भारत के आर्थिक भविष्य के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करेगा।

भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के द्वार खुले
पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते के जरिए भारतीय निर्यातकों को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक, अमेरिका के बाजार में ‘मोस्ट प्रीफर्ड ड्यूटी’ के साथ पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान को वैश्विक स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। गोयल ने कहा, “यह दिन भारत के व्यापारिक इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। देशभर में उत्साह और उम्मीद का माहौल है। यह समझौता विकसित भारत की यात्रा में एक निर्णायक पड़ाव साबित होगा।”

भारत को इस समझौते के तहत अपने प्रमुख निर्यात क्षेत्रों- फार्मास्यूटिकल्स (जेनेरिक दवाएं), रत्न और आभूषण, और विमान के पुर्जों- के लिए अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिली है। अमेरिका ने अंतरिम समझौता पूरा होने के बाद इन भारतीय उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर टैरिफ (आयात शुल्क) हटाने की प्रतिबद्धता जताई है। विमानन क्षेत्र में, अमेरिका उन विमानों और उनके पुर्जों से टैरिफ हटा देगा जिन पर पहले एल्युमीनियम, स्टील और तांबे के आयात से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों के तहत शुल्क लगता था। वहीं, ऑटो सेक्टर के लिए, भारत को ‘प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा’ का लाभ मिलेगा। इसका सीधा अर्थ है कि भारतीय ऑटो पार्ट निर्माताओं को अमेरिकी बाजार में अन्य गैर-प्राथमिकता वाले आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में शुल्क में रियायत मिलेगी, जो उन्हें एक प्रतिस्पर्धी बढ़त दिलाएगा।

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