प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार 3 मार्च को कैबिनेट मीटिंग हुई। मोदी कैबिनेट की यह आखिरी बैठक थी। इसमें पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव के पहले एक ही सीधा संदेश दिया- जाइए, जीतकर आइए। हम जल्दी मिलेंगे। ये मीटिंग एक तरह से ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन की तरह बताई जा रही है।
मीटिंग में अगले 5 साल की योजनाओं, विजन डॉक्यूमेंट विकसित भारत 2047 और मोदी के तीसरे कार्यकाल के दौरान पहले 100 दिन की प्लानिंग पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि लोगों से मिलते वक्त (खासकर चुनाव के दौरान) सावधानी बरतें। करीब एक घंटे के भाषण में मोदी ने मंत्रियों को विवादों से दूर रहने और डीपफेक से भी सावधान रहने को कहा।
मोदी ने मंत्रियों से ये भी कहा कि वे चुनाव प्रचार के दौरान लोगों के बीच जाएं और सरकार द्वारा विकास और लोगों के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों को बताएं।
PM मोदी सरकार की नीतियों पर चर्चा करने के लिए समय-समय पर मंत्रिपरिषद की बैठकें करते रहे हैं, लेकिन रविवार (3 मार्च) को आयोजित बैठक अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण है। चुनाव आयोग अगले 15 दिनों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।
