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राजस्थान- साध्वी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद समाधि:पिता बोले- गलत इंजेक्शन से गई जान; भक्तों ने पिता पर ही सवाल उठाए

राजस्थान- साध्वी की संदिग्ध परिस्थिति में मौत के बाद समाधि:पिता बोले- गलत इंजेक्शन से गई जान; भक्तों ने पिता पर ही सवाल उठाए

बाड़मेर1 घंटे पहले
साध्वी प्रेम बाईसा को समाधि देने से पहले संत परंपरानुसार विधि-विधान किया गया।

राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा (23) की विवादित मौत के बाद आज उन्हें समाधि दी गई। बाईसा को बुधवार को जोधपुर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। कुछ मिनटों बाद ही उन्होंने दम तोड़ दिया था।

प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ का दावा है कि उन्हें केवल मामूली जुकाम था। जोधपुर के ही आश्रम में उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया था, इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई थी।

हॉस्पिटल में मौत के बाद उनका एक कथित सुसाइड नोट सामने आया था। इसके बाद साध्वी से जुड़ा पुराना ब्लैकमेलिंग केस फिर चर्चा में आ गया है। वहीं, कई भक्तों ने उनके पिता की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

साध्वी प्रेम बाईसा को शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 बजे बालोतरा के परेऊ गांव में उनके आश्रम में समाधि दी गई।

सबसे पहले पढ़िए – क्या है साध्वी से जुड़ा विवाद

13 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर साध्वी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वे एक व्यक्ति से गले मिलते नजर आ रही थीं। इसे अश्लील बताकर प्रचारित किया गया था।

साध्वी ने 16 जुलाई को बोरानाडा थाने में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी एफआईआर में बताया था कि वीडियो में दिखने वाला व्यक्ति उनके पिता वीरमनाथ (गुरुजी) हैं। यह वीडियो 2021 का था, जब वे अवसाद में थीं और पिता ने उन्हें ढांढस बंधाया था।

साध्वी के पुराने साथियों की गिरफ्तारी

मामले की जांच के बाद पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें साउंड सिस्टम लगाने का काम करने वाला जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (29), पूर्व ड्राइवर रमेश, कृष्णा (जोगेंद्र की पत्नी) और दो अन्य लोग शामिल थे।

साध्वी ने आरोप लगाया था कि जोगेंद्र ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे से इसे निकाला था। इसके बाद उसने और उसके साथियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 20 लाख रुपए की मांग की।

जब साध्वी ने पैसे देने से इनकार किया, तो उन्होंने 13 जुलाई 2025 को वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया।

साध्वी ने कहा था- मैं अग्निपरीक्षा के लिए तैयार

तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि आरोपियों ने बाप-बेटी के रिश्ते को गलत तरीके से पेश कर साध्वी की छवि को धूमिल किया। साध्वी ने उस समय कहा था – इन लोगों ने भगवे पर कलंक लगाया है। मैं अपनी सच्चाई साबित करने के लिए अग्निपरीक्षा देने को तैयार हूं।

मौत के बाद सामने आया था एक सुसाइड नोट

सुसाइड नोट में भी उसी घटना की ओर इशारा

बुधवार को साध्वी की मौत के बाद उन्हें के सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर आए कथित सुसाइड नोट में भी उसी घटना की ओर इशारा किया गया है।

साध्वी ने लिखा कि- मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था?

मौत के बाद पैतृक गांव में दी गई समाधि

बुधवार को साध्वी के निधन के बाद कई भक्तों ने उनके पिता वीरमनाथ पर भी आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि वीरमनाथ ने पोस्टमॉर्टम नहीं कराने की भी कोशिश की थी।

पुलिस की समझाइश के बाद वे माने थे। गुरुवार को साध्वी की पार्थिव देह बालोतरा जिले के उनके पैतृक गांव परेऊ ले जाई गई थी। शुक्रवार दोपहर को संत परंपरा के अनुसार गांव के ही उनके आश्रम में उन्हें समाधि दी गई।

अब देखिए- साध्वी प्रेम बाईसा से जुड़े PHOTOS…

साध्वी प्रेम बाईसा 12 साल की उम्र से कथा कर रही थीं। उनके भक्तों में हर उम्र के लोग शामिल थे।
बालोतरा के परेऊ गांव में साध्वी के आश्रम के बाहर सुबह से उनके भक्तों की भीड़ लगी रही।
शुक्रवार सुबह उनके गांव के आश्रम में समाधि स्थल का निर्माण शुरू किया गया था।
बेटी के शव के साथ गांव पहुंचे पिता वीरमनाथ ग्रामीण के साथ फूट-फूटकर रोने लगे।
साध्वी के पिता वीरमनाथ ने पुलिस को जानकारी दी थी कि बुधवार दोपहर को साध्वी को एक इंजेक्शन लगाया गया था। कुछ घंटे बाद तबीयत बिगड़ी तो उन्हें प्रेक्षा हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
गुरुवार को जोधपुर के एमजीएच हॉस्पिटल के बाहर साध्वी के पिता पुलिस अधिकारी से बात करते दिखे थे। यहां साध्वी का पोस्टमॉर्टम किया गया था।

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