केशव बोले-अविमुक्तेश्वरानंद विवाद खत्म करें, चरणों में शीश झुकाता हूं:डिप्टी CM प्रयागराज पहुंचे, लेकिन शंकराचार्य से नहीं मिले
प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने शंकराचार्य से विवाद खत्म करने की अपील की है।
केशव मौर्य रविवार शाम प्रयागराज पहुंचे। हालांकि सर्किट हाउस से 8 किमी दूर धरने पर बैठे शंकराचार्य से मिलने नहीं गए।
डिप्टी सीएम ने कहा- मुख्यमंत्रीजी ने मामले का संज्ञान लिया है। मुझे जब बात करने के लिए कहा जाएगा, जरूर करूंगा। मैं प्रार्थना तो कर ही सकता हूं। उनके चरणों में शीश झुका सकता हूं। निवेदन कर सकता हूं। निवेदन किया है। आगे भी यही निवेदन करता हूं। जो भी विरोध है, उसको समाप्त करके, संगम में स्नान करके और जो एक संदेश अनुकूल जाना चाहिए, वह देने की कृपा करें।
केशव मौर्य ने शंकराचार्य के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्हें समझदार और सीएम बनाए जाने की इच्छा जताई थी। डिप्टी सीएम ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं। वह एक संत हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। अगर वह किसी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं, तो हम उनकी भावना का सम्मान करते हैं।
शिविर में जबरन घुसे युवक, हंगामा शनिवार रात कट्टर सनातनी सेना नाम के संगठन के 8 से 10 युवक भगवा झंडा लिए नारे लगाते पहुंच गए थे। शंकराचार्य के शिविर में घुसने की कोशिश की। ‘आई लव बुलडोजर बाबा’ और ‘योगी जिंदाबाद’ के नारे लगाने लगे।
अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से धक्का-मुक्की भी हुई। 15 मिनट तक हंगामा चला। संगठन का प्रमुख सचिन सिंह नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है। इसके बाद शंकराचार्य के शिष्यों ने शिविर को चारों तरफ से ढक दिया। अंदर जाने के रास्ते ब्लॉक कर दिए।
शंकराचार्य के शिविर प्रभारी ने थाने में शिकायत दी है। कहा है कि असामाजिक लोग लाठी-डंडे और झंडे लेकर आए थे। जबरन शिविर में घुसकर मारपीट करने पर उतारू थे। शिविर में मौजूद सेवकों ने उन्हें समझाकर बाहर निकाल दिया, लेकिन हालात काफी गंभीर थे। बड़ी घटना हो सकती थी। ऐसे में शंकराचार्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
शिविर में युवकों के हंगामे पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा-
हमारे ऊपर आक्रमण इसलिए किया गया है, क्योंकि हम गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। जितना हमारे ऊपर जुल्म होगा, उतनी ही मजबूती से कदम उठाऊंगा।

पोल में हिस्सा लेकर राय दे सकते हैं-
मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था, जानिए- 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में दो नोटिस जारी किए। पहले में उनके शंकराचार्य की पदवी लिखने और दूसरे में मौनी अमावस्या को लेकर हुए बवाल पर सवाल पूछे गए। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिस के जवाब भेज दिए थे।
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लाइव अपडेट्स
डिप्टी सीएम बोले- मुख्यमंत्री ने शंकराचार्य विवाद का संज्ञान लिया
यूपी के डिप्टी सीएम केशव मौर्य रविवार शाम प्रयागराज पहुंचे। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर मौर्य ने कहा- वो पूज्य शंकराचार्य हैं। कोई राजनैतिक नहीं हैं। किसको सीएम होना नहीं, किसे सीएम नहीं होना चाहिए। ये पार्टी तय करेगी। वे बहुत बड़े संत हैं, उनके द्वारा कही गई कोई बात पर टिप्पणी करूं, ये मर्यादा के अनुकूल नहीं हैं। जो विरोध है, उसे खत्म करें। संगम में डुबकी लगाएं।
विवाद खत्म करने को लेकर सरकार की ओर से क्या पहल की जा रही है, इस सवाल पर केशव मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री जी की ओर से इसका संज्ञान लिया गया है।
जौनपुर के हरिकेश ने गाना गाकर शंकराचार्य विवाद पर अपना विरोध जताया
जौनपुर के हरिकेश कुमार प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर पहुंचे। उन्होंने पूरे विवाद पर गाना गाकर अपना विरोध जताया।
शंकराचार्य से मिले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के वकील अनिल मिश्रा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चर्चित अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की। उन्होंने कहा- आज पूज्य स्वामी श्री शंकराचार्य जी से भेंट की। यह कोई साधारण विरोध नहीं, बल्कि धर्म, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों पर हो रहे सीधे हमले के विरुद्ध संत समाज का निर्णायक संघर्ष है। उत्तर प्रदेश सरकार की दमनात्मक और अहंकारी कार्रवाई न केवल संतों का अपमान है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रहार है। सत्ता को यह समझना होगा कि धर्म पर आदेश नहीं, संवाद चलता है — अन्यथा यह आंदोलन इतिहास रचेगा।
ममता कुलकर्णी बोलीं- अविमुक्तेश्वरानंद सपा की ओर झुक रहे
पूर्व अभिनेत्री और साध्वी ममता कुलकर्णी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के अलावा मुझे कोई और नेता चेहरा नजर नहीं आता जो एक साथ लेकर चले। प्रधानमंत्री मोदी हैं तो कहीं कुछ गलत हो रहा है क्या? बताइए।
हम सब शांतिपूर्वक सब कुछ कर रहे हैं, किसी को किसी से कोई समस्या नहीं है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती समाजवादी पार्टी की ओर झुक रहे हैं क्योंकि उनका एक मुद्दा है, गो हत्या नहीं होनी चाहिए। क्या अखिलेश यादव के साथ जाकर यह मुद्दा हल होगा?
कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश सिंह बोले- यूपी सरकार ने शंकराचार्य को गंगा स्नान से वंचित किया
कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश सिंह ने कहा- मैं हर माघ मेले और महाकुंभ में आता हूं। साधु-संतों से मिलकर उनका आशीर्वाद लेता हूं। धर्माचार्य के साथ यूपी सरकार ने जो व्यवहार किया, वो क्या है। संन्यासी की चोटी पकड़कर पीटेंगे? शंकराचार्य हमारे सनातन धर्म के सबसे शीर्ष हैं। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उन्हें गंगा स्नान से वंचित रखा गया
शंकराचार्य के शिविर में युवाओं ने गाय हमारी माता है नारे लगाए
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में रविवार दोपहर कुछ युवा पहुंचे। उन्होंने गाय हमारी माता है, जन्म-जन्म का नाता है… नारे लगाए।
मुहिम संगठन करेगा शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की सुरक्षा
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों द्वारा उनकी जान को खतरा बताए जाने के बाद ‘मुहिम’ संगठन ने उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का अनुरोध किया है।
कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने इस संबंध में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को पत्र लिखा है, जिसमें 50-50 कार्यकर्ताओं की सुरक्षा टुकड़ी तैनात करने की अनुमति मांगी गई है।
शंकराचार्य बोले- वे औरंगजेब ही हैं, जिन्होंने मंदिर तोड़े
आपने मुख्यमंत्री के लिए औरंगजेब-हुमायूं का बेटा कहा है? इस पर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष की नाराजगी जताई है, इस सवाल पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा-
- संत की भाषा हो या न हो, यह आस्थावान हिंदू की भाषा है। आस्थावान हिंदुओं ने मंदिर तोड़ने वालों को औरंगजेब ही कहा है।
- औरंगजेब ही हैं वे, जिन्होंने मंदिर तोड़े हैं। बड़ा आश्चर्य होता है कि जब CM के लिए औरंगजेब शब्द का इस्तेमाल करते हैं तो अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष को पीड़ा होती है, लेकिन जब हमारे मंदिरों के अंदर की मूर्तियां तोड़ी जा रही थीं, तब उनका कोई बयान नहीं आया।
- उनका मन भगवान से नहीं जुड़ा हुआ है, उनका मन सिर्फ नेताओं से जुड़ा हुआ है। सब जानते हुए भी मुख्यमंत्री की भक्ति कर रहे हैं। भगवान की भक्ति करनी चाहिए। ये संत के लक्षण नहीं हैं।
- मंदिर तोड़ दिए गए, मूर्तियां तोड़ दी गईं। हिंदू मजदूरों ने मना किया तो मुस्लिम मजदूरों को बुलाया गया। वो दृश्य हमने देखा है। तब हमने औरंगजेब कहा है। क्या गलत कह रहे हैं, बताइए।
अविमुक्तेश्वरानंद बोले- शिविर में उपद्रव की शिकायत की, कोई पुलिसवाला नहीं आया
अविमुक्तेश्वरानंद ने दैनिक भास्कर से कहा- शिविर में उपद्रव के मामले में थाने में तहरीर दी थी, कोई नहीं आया। कुछ भी नहीं हुआ। शिविर में घुसने वाले संगठन ने शिकायत की है कि उनके साथ मारपीट हुई। आप CCTV देख लीजिए, सब स्पष्ट हो जाएगा।
सम्मान संगम में स्नान करने के बाद ही शिविर में प्रवेश करेंगे। पहले दिन से स्टैंड यही है। हम उसी पर कायम हैं।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य ने अविमुक्तेश्वरानंद खिलाफ दो शिकायतें कराईं
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य और श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस के पक्षकार आशुतोष ब्रह्मचारी ने पुलिस से दो शिकायतें की हैं।
पहली शिकायत-
- आरोप लगाया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर और गुरुकुल में नाबालिग बच्चों को रखा जाता है।
- उनसे निजी सेवा, भीड़ जुटाने, कार्यक्रमों और पालकी जैसे काम कराए जाते हैं। इसमें बच्चों के यौन शोषण की आशंका भी जताई गई है।
- माघ मेले जैसे बड़े आयोजनों में भी बच्चों से काम कराया गया, जो बाल अधिकार और श्रम कानूनों का उल्लंघन हो सकता है। इसके अलावा शिविर में अवैध हथियार होने की आशंका, आय से अधिक संपत्ति और कई बैंक खातों की जांच की मांग भी की गई है।
- शिकायत में मुकुंदानंद नाम के व्यक्ति की भूमिका की जांच कराने की भी मांग की गई है।
दूसरी शिकायत-
- अविमुक्तेश्वरानंद पर फर्जी लेटरपैड और दस्तावेज बनाने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि माघ मेला क्षेत्र में अविमुक्तेश्वरानंद खुद को ज्योतिष पीठ का शंकराचार्य बताकर “ज्योतिष पीठ/श्री शंकराचार्य शिविर” के नाम से लेटरपैड और दस्तावेज बनवाकर प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेज रहे हैं।
- यह भी कहा गया है कि शंकराचार्य कोई सरकारी या संवैधानिक पद नहीं होता, इसलिए इस तरह के नाम और लेटरपैड का इस्तेमाल करना गलत है।
चंद्रशेखर बोले- सरकार अपने ही धर्म के लोगों पर अत्याचार कर रही
विवाद पर सांसद चंद्रशेखर ने आगरा में कहा- सरकार अपने ही धर्म के लोगों पर अत्याचार कर रही है। आज उत्तर प्रदेश में दलित समाज पर अत्याचार हो रहा है। जुल्म को रोकने के लिए सबको कमर कसनी होगी।
शंकराचार्य के शिविर में हंगामा करने वाले ने शिकायत की
अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में हंगामा करने वाले ने भी कल्पवासी थाने में शिकायत की है। सचिन कुमार ने वीडियो भी जारी किया है। इसमें कह रहा है कि हम लोग योगी सरकार के कार्यों से प्रभावित हैं, उनका समर्थन करने के लिए वहाँ गए थे। लेकिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द के लोगो ने उनके साथ मारपीट की।
इसमें मेरा एक कार्यकर्ता घायल भी हुआ है। अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी जी की तुलना मुगलों से की है, जो बहुत ही निंदनीय है। इसी से आहत होकर हम लोग योगी जी के समर्थन मे गए थे। वहां पर हमने किसी से कोई अभद्रता या हमला नही किया था। हम लोग सिर्फ आई लव बुलडोजर बाबा का नारा लगा रहे थे।
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