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मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO:आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया

मणिपुर में मैतेई शख्स की गोली मारकर हत्या, VIDEO:आदिवासी महिला के साथ अफेयर था; आरोपियों ने पहले बात की, फिर शूट कर दिया

इंफाल46 मिनट पहलेलेखक: एम मुबासिर राजी

मणिपुर में मैतेई गुट के एक शख्स की आदिवासी महिला से अफेयर के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मयांगलांबम ऋषिकांत (38) के रूप में हुई है। वह काकचिंग खुनौ का रहने वाला था।

पुलिस के अनुसार, 21 जनवरी की रात अज्ञात बदमाशों ने तुइबुओंग इलाके से ऋषिकांत का अपहरण कर लिया और बाद में चुराचांदपुर के टी नटजांग गांव में उसकी हत्या कर दी।

आरोपियों ने पूरी घटना की रिकॉर्डिंग भी की। इसका वीडियो अब सामने आया है। पहले आरोपी ऋषिकांत से स्थानीय भाषा में कुछ बात करते हैं। इस दौरान ऋषिकांत हाथ जोड़कर उनसे माफी भी मांगता है।

फिर भी बगल में खड़ा शख्स ऋषिकांत के कान के पास गोली मार देता है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। हालांकि अधिकारियों ने अफेयर के दावों की पुष्टि नहीं की है।

घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें…

1. शख्स हाथ जोड़ता दिखा

2. कान के पास गोली मारी गई

3. सड़क पर पड़ा शव

मृतक की बहन बोली- भाई नेपाल में था, महिला ने ही यहां बुलाया

ऋषिकांत की बहन आशा लता ने बताया कि उसका भाई पहले नेपाल में काम करता था और वहीं रहता था। राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से वह महिला के संपर्क में नहीं था।

वह कई दिनों से घर भी नहीं आया। बहन का आरोप है कि उसके भाई को महिला ने ही बुलाया था। वह भी इस घटना में शामिल हो सकती है। पुलिस ने अभी तक परिवार के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ऋषिकांत की हत्या के विरोध में काकचिंग में प्रदर्शन

मणिपुर में महिलाओं के संगठन मीरा पाइबी ने काकचिंग जिले के लोकल क्लबों के साथ मिलकर आरोपियों का सजा दिलाने की अपील की।

ऋषिकांत की हत्या के बाद गुरुवार को काकचिंग जिले में विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने काकचिंग खुनौ में इंफाल-सुगनू सड़क को जाम कर दिया। जिससे कई घंटों तक ट्रैफिक जाम रहा। इस बीच, COCOMI नाम के एक संगठन ने एक बयान में हत्या की निंदा की और संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के शामिल होने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस ने अपराधियों की पहचान की पुष्टि नहीं की है।

मणिपुर: जातीय हिंसा के 3 साल, गैंगरेप की शिकार युवती की मौत

मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की 18 जनवरी को मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। युवती लगभग तीन साल पहले किडनैपिंग और गैंगरेप के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई थी।

पीड़ित ने 21 जुलाई, 2023 को FIR दर्ज कराई थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि 15 मई, 2023 को काले रंग की टी-शर्ट पहने चार हथियारबंद लोग उसे सफेद बोलेरो में किडनैप कर पहाड़ी इलाके में ले गए। ड्राइवर को छोड़कर उनमें से तीन ने बारी-बारी से उसके साथ रेप किया था।

मणिपुर में एक साल से राष्ट्रपति शासन लगा

मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए।

मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। इसे फरवरी, 2026 तक बढ़ा दिया गया है।

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