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पूर्व विधायक बोले-एंजॉय करने वाली मां से पैदा हुए हो?:आरडी प्रजापति ने कहा- कथावाचकों को जूते की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए

पूर्व विधायक बोले-एंजॉय करने वाली मां से पैदा हुए हो?:आरडी प्रजापति ने कहा- कथावाचकों को जूते की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए

भोपाल2 घंटे पहले
पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने भोपाल में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में विवादित बयान है।

छतरपुर के चंदला से पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने कथावाचकों पर विवादित बयान दिया है। प्रजापति ने कहा- अब बहन-बेटियां तो प्लॉट हो गई हैं। कोई भी सौ बार रजिस्ट्री कराओ, हजार बार रजिस्ट्री कराओ। बहन-बेटियों की छाती से पृथ्वी हिलने लगी है, ये अनिरुद्धाचार्य कहते हैं।

प्रजापति ने आगे कहा- एक अंधाचार्य है, वह कहता है कि वाइफ मतलब वंडरफुल इंस्ट्रूमेंट फॉर एंजॉय। तुम भी अपनी एंजॉय वाली मां से पैदा हुए हो का? कितने लोगों ने एंजॉय किया है? तभी तुम्हारी आंखें खराब हो गईं, अंधरा। एक बाबा लाली लगाकर कहता है, 25 साल की लड़कियां कथाओं में जाकर अपनी जवानी ‘उतार कर’ आती हैं।

मैं चाहता हूं कि हमको फांसी दी जाए, संतोष वर्मा जी को आईएएस से हटा दिया जाए, लेकिन पहले उनको (कथावाचकों को) जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए, जो व्यास पीठ से ऐसा बोलते हैं।

प्रजापति ने ये बात रविवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में कही।

बीजेपी से विधायक रहे, सपा से लोकसभा चुनाव लड़ा आरडी प्रजापति ने 2013 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के टिकट पर जीता था। 2018 में पार्टी ने उनका टिकट काटकर उनके बेटे राजेश प्रजापति को दे दिया। राजेश प्रजापति 2018 से 2023 तक विधायक रहे। इस दौरान आरडी प्रजापति ने सपा जॉइन कर ली। सपा के टिकट पर ही टीकमगढ़ से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। इसमें वे हार गए थे।

जानिए, रामभद्राचार्य के किस बयान को कोट किया जगद्गुरु रामभद्राचार्य का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें उन्होंने वाइफ (WIFE) शब्द का फुल फॉर्म समझाया। उन्होंने कहा- वाइफ मतलब…

  • W = Wonderful
  • I = Instrument
  • F = For
  • E = Enjoy

यानी हिंदी में कहें तो पत्नी आनंद का साधन है। विवाहित लोग ही इसका सही अर्थ समझ सकते हैं और अविवाहित लोग या साधु इस पर टिप्पणी न करें, नहीं तो झगड़ा हो सकता है।

यह वीडियो 25 जुलाई 2025 को रामभद्राचार्य के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किया गया था। WIFE और पत्नी में क्या अंतर है, रामभद्राचार्य ये समझाया था। हालांकि, वीडियो में से केवल WIFE वाले पार्ट को ट्रोल किया गया।

आरडी प्रजापति, 2013 से 2018 तक छतरपुर के चंदला से पूर्व विधायक रहे हैं।

पूर्व विधायक बोले- अभद्र टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में आरडी प्रजापति ने मंच से कहा- देश में कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों लोगों की भीड़ जुटाकर महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।

उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री और अनिरुद्धाचार्य का नाम लेते हुए कहा कि महिलाओं को ‘खाली प्लॉट’ जैसी उपमाओं से जोड़ना या 20-25 साल की लड़कियों को लेकर अभद्र टिप्पणियां करना किसी भी धर्म या शास्त्र में स्वीकार्य नहीं हो सकता।

यदि कोई महिला विधवा हो जाए तो क्या उसका सिंदूर और मंगलसूत्र हट जाना उसे ‘खाली प्लॉट’ बना देता है। प्लॉट का मतलब जमीन होता है, जिसे बार-बार खरीदा और बेचा जा सकता है, तो क्या समाज अपनी बहन-बेटियों को भी उसी नजर से देखेगा।

प्रजापति ने यह भी कहा- कुछ कथावाचकों द्वारा यह कहा जाना कि 25 साल की लड़कियां कथाओं में जाकर अपनी जवानी ‘उतार कर’ आती हैं, न सिर्फ असंवेदनशील है बल्कि पूरे समाज को शर्मसार करने वाला है। इस तरह के बयान व्यास पीठ से नहीं दिए जाने चाहिए और प्रशासन को ऐसे लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मेहनत करने वाला वर्ग हाशिए पर है, जबकि धर्म और चंदे के सहारे प्रभावशाली बनने वाले लोग मलाई खा रहे हैं।

पूर्व विधायक आरडी प्रजापति ने अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा के महासम्मेलन में विवादित बयान दिया।

दामोदर यादव बोले- मुख्यमंत्री केवल नाम के लिए कुर्सी पर बैठे वहीं, दलित पिछड़ा समाज संगठन के संस्थापक दामोदर यादव ने कहा कि यदि हिंदू धर्म की पहचान ओबीसी, एससी और एसटी समाज के अपमान, जातिगत उत्पीड़न और भेदभाव से जुड़ी मानी जाती है, तो वे ऐसे हिंदू धर्म को छोड़ने के लिए भी तैयार हैं।

यादव ने कहा- जिस धर्म का इस्तेमाल मनुवादी सोच और जातिगत वर्चस्व कायम रखने के लिए किया जा रहा है, उससे हमारा कोई संबंध नहीं रह सकता। मेरा धर्म अब मानवतावाद है। सबसे बड़ी आस्था बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान में है। सबसे बड़ी किताब संविधान है।

उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री केवल नाम के लिए कुर्सी पर बैठे हैं। वे असल में सत्ता के मालिक नहीं, बल्कि किराएदार हैं। अब एससी-एसटी-ओबीसी मिलकर सत्ता पर काबिज होंगे। यदि ग्वालियर हाईकोर्ट में 14 मार्च से पहले डॉ. अंबेडकर प्रतिमा स्थापित नहीं की गई, तो आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी, जयस और ओबीसी संगठन खुद प्रतिमा स्थापित करेंगे।

IAS संतोष वर्मा को सामाजिक समरसता और रोटी-बेटी के रिश्ते की बात करने पर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। अगर किसी ने संतोष वर्मा को छूने की कोशिश की, तो उसका जवाब राजधानी में दिया जाएगा।

दामोदर यादव ने कहा- अब एससी, एसटी-ओबीसी मिलकर सत्ता पर काबिज होंगे।

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