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गणतंत्र दिवस की थीम वंदेमातरम्, परेड में निकलेंगी 30 झांकियां:सेना की नई भैरव बटालियन भी शामिल होगी; इस बार राफेल-सुखोई के साथ तेजस नहीं होगा

गणतंत्र दिवस की थीम वंदेमातरम्, परेड में निकलेंगी 30 झांकियां:सेना की नई भैरव बटालियन भी शामिल होगी; इस बार राफेल-सुखोई के साथ तेजस नहीं होगा

नई दिल्ली3 घंटे पहले
कर्तव्य पथ पर मुख्य परेड की रिहर्सल चल रही है। इसमें सेना की टुकड़ियां शामिल हैं।

26 जनवरी को भारत 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस बार मुख्य परेड की थीम वंदेमातरम् पर रखी गई है। परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी, जो ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम, समृद्धि का मंत्र-आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी।

कर्तव्य पथ पर एनक्लोजर के बैकग्राउंड में वंदेमातरम् की लाइन्स वाली पुरानी पेंटिंग बनाई जाएगी। मेन स्टेज पर फूलों से वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

इस बार गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन होंगे।

परेड में पहली बार बैक्ट्रियन ऊंट, नई बटालियन भैरव भी मार्च पास्ट करेगी। हालांकि इस बार के फ्लाईपास्ट में राफेल, Su-30, अपाचे जैसे 29 विमान शामिल होंगे। हालांकि इस बार तेजस को नहीं रखा गया है।

डिफेंस सेक्रेटरी आर के सिंह से तेजस के परेड में न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सेना के कुछ बेहतरीन प्लेटफॉर्म दिखाए जा रहे हैं। कुछ शामिल किए गए हैं जबकि कुछ नहीं, लेकिन कोई खास वजह नहीं है।

परेड की रिहर्सल की तस्वीरें…

ऑल टेरेन व्हीकल के साथ घिल्ली सूट पहनकर परेड की रिहर्सल में शामिल जवान।
परेड में ड्रोन की निगरानी और उनकी निष्क्रियता के लिए प्रशिक्षित चार शिकारी पक्षियों का एक दल भी शामिल होगा।
भारतीय सेना के स्काउट्स ने कर्तव्य पथ पर मार्च पास्ट का रिहर्सल किया।

गणतंत्र दिवस परेड में इस बार नया क्या…

  • निमंत्रण पत्रों पर वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ का लोगो होगा। परेड खत्म होने पर वंदे मातरम की थीम वाले बैनर के साथ गुब्बारों को हवा में छोड़ा जाएगा।
  • पारंपरिक प्रथा से हटकर, परेड स्थल पर एनक्लोजर के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले VVIP और अन्य लेबल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इनकी जगह सभी एनक्लोजर का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है।
  • पहली बार सेना की रिमाउंट एंड वेटरनरी विंग के जानवर परेड में शामिल होंगे। इनमें 2 बैक्ट्रियन ऊंट, 4 जास्कर टट्टू, 4 शिकारी पक्षी और 10 मिलिट्री डॉग शामिल हैं।
  • पहली बार भैरव लाइट कमांडो बटालियन भी गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगी। अक्टूबर 2025 में भैरव बटालियन को इन्फैंट्री और स्पेशल फोर्सेज के बीच अंतर को पाटने के लिए बनाया गया था।
  • 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के लिए भी एनक्लोजर का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों- बांसुरी, डमरू, एकतारा, एसराज, मृदंगम, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सरिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा के नाम पर रखा जाएगा।
R&V कोर में 2024 में शामिल बैक्ट्रियन ऊंट 15 हजार फीट की ऊंचाई पर बर्फीले, ऑक्सीजन की कमी वाले इलाकों में 250 किलो तक भार ढो सकते हैं।
पहली बार भारतीय स्वदेशी नस्लों के 10 कुत्ते, जिनमें मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बई और राजपालयम मार्च करेंगे। साथ ही 6 कन्वेंशनल मिलिट्री डॉग भी होंगे।

77वें गणतंत्र दिवस की परेड की खास बातें…

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 17 और मंत्रालयों से 13 समेत कुल 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर निकलेंगी। 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड हिस्सा लेंगे। परेड के दौरान प्रदर्शित होने वाली रक्षा संपत्तियों में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) सिस्टम, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप, शक्तिबान और कुछ ड्रोन का स्टैटिक डिस्प्ले शामिल होगा।

जबकि फ्लाईपास्ट में राफेल, Su-30, अपाचे और LCH हेलिकॉप्टर जैसे विमान शामिल होंगे। हालांकि इसमें तेजस को नहीं रखा गया है।

संस्कृति मंत्रालय की “वंदे मातरम: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार” झांकी केंद्रीय थीम का मुख्य आकर्षण होगी, जबकि सैन्य मामलों का विभाग ऑपरेशन सिंदूर पर एक त्रि-सेवा झांकी पेश करेगा, जो एकजुटता का प्रतीक है।

झांकियों के साथ लगभग 2,500 कलाकार सांस्कृतिक प्रदर्शन भी करेंगे। इसके अलावा अलग-अलग बैकग्राउंड के लगभग 10,000 खास मेहमानों को परेड के लिए आमंत्रित किया गया है।

फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन में दिखेंगे जवान

इस साल निर्धारित एक नए फॉर्मेट में सेना के जवान कर्तव्य पथ पर एक फेज्ड बैटल एरे फॉर्मेशन में आगे बढ़ेंगे। इसका मतलब है कि वे सेरेमोनियल बुलेवार्ड पर उसी फॉर्मेशन में आगे बढ़ेंगे जैसे वे किसी भी लड़ाई के हालात में करते हैं, जिसकी शुरुआत टोही दस्ते से होगी, जिसके बाद लॉजिस्टिक्स जैसी दूसरी मिलिट्री यूनिट्स और इन प्लेटफॉर्म के साथ मौजूद जवान होंगे, जो बैटल गियर पहने हुए दिखाई देंगे।

राष्ट्रपति भवन 29 तक बंद, दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

गणतंत्र दिवस परेड और बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी को देखते हुए राष्ट्रपति भवन (सर्किट 1) 21 से 29 जनवरी तक आम जनता के लिए बंद रहेगा। सर्किट 1 मेहमानों को राष्ट्रपति भवन की मुख्य इमारत का दौरा कराता है।

कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल के कारण 17 जनवरी, 19 जनवरी, 20 जनवरी और 21 जनवरी को दिल्ली के कई मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक की आवाजाही बंद रहेगी। रिहर्सल विजय चौक से इंडिया गेट तक होगी, जिसमें परेड का रास्ता सी-हेक्सागन तक फैला होगा।

परेड में परेशानियां न हों, इसके लिए, इन चारों दिनों में सुबह 10.15 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक प्रतिबंध लागू रहेंगे। रफी मार्ग, जनपथ, मान सिंह रोड और सी-हेक्सागन पर कर्तव्य पथ पर ट्रैफिक क्रॉसिंग बंद रहेगी।

जानिए क्या है भैरव बटालियन, अब तक 15 बटालियन तैयार

भैरव बटालियन एडवांस तकनीक से लैस भारतीय सेना की नई टुकड़ी है। 2025 में अपनी उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं की रक्षा के लिए 3 नई टुकड़ियों का गठन किया था। इनके नाम थे रुद्र ब्रिगेड, दिव्यास्त्र बैटरी और भैरव बटालियन। भैरव बटालियन की हर बटालियन में लगभग 250 सैनिक होते हैं। ये सैनिक सेना की इन्फ्रैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस और अन्य सहयोगी टुकड़ियों के सैन्यकर्मी होते हैं। अभी भैरव सेना की लगभग 15 बटालियन तैयार हो चुकी हैं। इन्हें राजस्थान, जम्मू, लद्दाख और पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया जाता है।

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