CBI ने सुपरस्टार विजय से 6 घंटे पूछताछ की:एक्टर बोले- भगदड़ के लिए हम जिम्मेदार नहीं; करूर में 41 लोगों की मौत हुई थी
CBI ने सोमवार को तमिलनाडु के करूर भगदड़ मामले में तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) चीफ एक्टर विजय थलापति से 6 घंटे पूछताछ की। विजय सुबह 11.29 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच काली रेंज रोवर से नई दिल्ली के CBI हेडकॉर्टर पहुंचे थे, शाम को लगभग 6.15 बजे बाहर निकले।
CBI के अधिकारी ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि विजय को फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। NDTV के मुताबिक विजय ने CBI से कहा कि उनकी पार्टी भगदड़ के लिए जिम्मेदार नहीं है। भगदड़ के बाद हालत और न बिगड़े इसलिए वे उस दिन रैली वाली जगह से रवाना हो गए थे।
दरअसल 27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की रैली के दौरान भगदड़ हुई थी। इस दौरान 41 लोगों की मौत हुई थी और 60 से अधिक घायल हुए थे।
6 जनवरी: CBI ने समन भेजा था
विजय थलापति को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने करूर भगदड़ मामले में 12 जनवरी को पेश होने के लिए समन भेजा है। न्यूज एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक, सीबीआई ने इस मामले के संबंध में तमिलगा वेट्री कजगम के कई पदाधिकारियों से पूछताछ की है।
उन्होंने बताया कि एजेंसी ने अब इस मामले के संबंध में विजय को तलब करने का फैसला किया है, जिसके बाद वह इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने पर विचार कर सकती है।
चुनावी रैली में भगदड़ हुई थी, 41 मौतें हुईं
यह घटना सितंबर 2025 में तमिलनाडु के करूर जिले में TVK के एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में भारी भीड़ जमा होने से भगदड़ मच गई थी। हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
दिसंबर में तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में काउंटर हलफनामा दाखिल कर CBI जांच के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। TVK ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि सरकार की याचिका में ठोस तथ्य नहीं हैं। कई आरोप भ्रामक हैं। पार्टी ने यह भी कहा था कि इससे चल रही जांच और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति के काम में बाधा आ सकती है।
एक्टर को देखने जरूरत से ज्यादा भीड़ पहुंचीं
27 सितंबर तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम यानी TVK की रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। बताया गया है कि 9 साल की एक बच्ची गुम हो गई थी। विजय ने मंच से उसे तलाशने की अपील पुलिस और अपने लोगों से की, जिसके बाद वहां भगदड़ जैसे हालात बन गए।
भीड़ में फंसने से कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और कई लोग और कार्यकर्ता बेहोश होने लगे। हालात बिगड़ते देख विजय ने भाषण रोक दिया और लोगों से शांति की अपील की। इसके बाद वे भाषण छोड़कर निकल गए।
विजय की रैली के लिए 10 हजार लोगों की परमिशन थी। प्रशासन को 50 हजार लोगों के जुटने का अनुमान था, लेकिन वहां करीब 1 लाख 20 हजार लोग एकत्र हो गए थे।
