सिंधिया बोले- 24 और 48 घंटे में पहुंचेंगे स्पीड पोस्ट:MP के पिछोर में केंद्रीय मंत्री ने की घोषणा; पहले 3 से 5 दिन में पहुंचते थे पार्सल
केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी में स्पीड पोस्ट 24 और 48 की घोषणा की। पहले इस सेवा में डिलीवरी में 3–5 दिन लगते थे, लेकिन नई पहल के लागू होने पर पार्सल और दस्तावेज़ 24 या 48 घंटे में उपभोक्ताओं तक पहुंच सकेंगे।
सिंधिया ने कहा, “यह पहल डाक विभाग को तेज, आधुनिक और भरोसेमंद लॉजिस्टिक नेटवर्क के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। समयबद्ध डिलीवरी आज हर व्यवसाय और नागरिक के लिए जरूरी है। स्पीड पोस्ट 24 और 48 इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर शुरू की जाएंगी।”
आम नागरिक और कारोबारियों के लिए लाभ सिंधिया ने बताया कि इस सेवा के लागू होने पर ई-कॉमर्स कंपनियां, व्यापारी, सरकारी विभाग और आम नागरिक सीधे लाभान्वित होंगे। छोटे व्यापारी और उद्यमी अब कम लागत में तेज डिलीवरी के माध्यम से अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकेंगे।
पहले क्या होता था?
- पारंपरिक स्पीड पोस्ट में डिलीवरी में 3-5 दिन या उससे ज्यादा समय लग जाता था।
- ट्रैकिंग बेसिक थी, रजिस्टर्ड पोस्ट अलग सेवा थी।
अब क्या होगा?
- 24 घंटे वाला विकल्प: मुख्य रूटों/शहरों में पार्सल 1 दिन में।
- 48 घंटे वाला विकल्प: बाकी रूटों में 2 दिन में।
- फायदा: तेज, भरोसेमंद, डिजिटल ट्रैकिंग और OTP डिलीवरी।
डाकघर का नवीनीकरण और नई इमारत इस अवसर पर पिछोर उप-डाकघर के नवीनीकरण का लोकार्पण किया गया, जिसकी लागत लगभग 2 लाख रुपए आई है। साथ ही 1.11 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली नई अत्याधुनिक उप-डाकघर इमारत का शिलान्यास और भूमि पूजन भी किया गया। नई इमारत में आधुनिक काउंटर, डिजिटल लेन-देन की सुविधाएं, बेहतर प्रतीक्षालय, कर्मचारियों के लिए सुव्यवस्थित कार्यस्थल और दिव्यांगजनों के लिए अनुकूल व्यवस्थाएं होंगी।
इंडिया पोस्ट अब सिर्फ पत्र वितरण तक सीमित नहीं सिंधिया ने कहा कि आज इंडिया पोस्ट पत्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग, बीमा, आधार, डिजिटल भुगतान, पार्सल और लॉजिस्टिक सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और शहरी भारत को जोड़ने का सशक्त माध्यम बन चुका है। सरकार का उद्देश्य डाकघरों को “वन-स्टॉप सर्विस सेंटर” के रूप में विकसित करना है।
