गुजरात में गांधीनगर के शाहपुर में अमिताभ की 15 साल पहले खरीदी गई जमीन की कीमत 30 गुना बढ़ने का दावा किया जा रहा है। अमिताभ ने 2011 में अराध्या के जन्म के समय करीब 5.72 एकड़ (14 बीघा) जमीन 7 करोड़ रुपए में खरीदी थी।
एक स्थानीय दिनेश ठाकोर ने दावा किया की यहां अब प्रति बीघा जमीन 15 करोड़ रुपये में बिक रही है। इस तरह से अमिताभ की जमीन की कीमत 203 करोड़ रुपये हो सकती है। हालांकि इसको लेकर रजिस्ट्रार ऑफिस से कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है।
जमीन पर अमिताभ के बेटे अभिषेक बच्चन ने कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट के लिए मुंबई के लोटस डेवलपर्स से डील की है। इस समझौते के अनुसार डेवलपर कंपनी डिजाइन और कंट्रक्शन का काम करेगी। हालांकि जमीन बच्चन परिवार की होगी। प्रोजेक्ट पर काम शुरु होने के बाद इसे पूरा होने में 4 साल लग जाएंगे।
यह जमीन अमिताभ बच्चन ने सीधे खुद नहीं खरीदी थी। उनकी तरफ से पावर ऑफ अटॉर्नी (कानूनी प्रतिनिधि) के रूप में ABCL कंपनी के एमडी राजेश ऋषिकेश यादव ने सौदा किया। साल 2011 में यह जमीन चांदलोडिया के वीरमभाई रुदाभाई गमारा से खरीदी गई थी। अब जमीन से जुड़ा समझौता (एग्रीमेंट/डीड) सीधे अमिताभ बच्चन के नाम दर्ज है।
ABCL कंपनी की स्थापना 1995 में अमिताभ बच्चन ने की थी। बाद में यह घाटे में आई। कंपनी को ABCL से बदलकर ‘AB Corp’ के नाम से दोबारा लॉन्च किया गया। AB Corp अब फिल्म प्रोडक्शन और एंटरटेनमेंट से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करती है।
अभिषेक बच्चन के प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय क्या बोले
- हमारा कस्बा पूरे भारत में नंबर एक कस्बा बनने जा रहा हैइस प्रोजेक्ट को लेकर शाहपुर कस्बे में रहने वाले एचके पटेल ने दिव्य भास्कर से बातचीत में कहा कि अमिताभ बच्चन ने नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट गिफ्ट सिटी के शाहपुर में जमीन खरीदी है, जिसमें वे अच्छे फ्लैट बनाने जा रहे हैं। इससे निश्चित रूप से विकास होगा। बाकी कंपनियां भी यहां इन्वेस्ट कर रही हैं। हमारा कस्बा पूरे भारत में नंबर एक कस्बा बनने जा रहा है।
- गिफ्ट सिटी के निर्माण के बाद हमारे गांव का विकास हुआ हैशाहपुर गांव के निवासी प्रजापति रजनीकांत रमेशभाई ने बताया कि मैं खेती करता हूं और गिफ्ट सिटी के बनने के बाद हमारे कस्बे का विकास हुआ है। गिफ्ट सिटी में काम करने वाले लोग भी यहीं किराए पर रहते हैं, जिससे आमदनी भी बढ़ी है। हमारे कस्बे में कोई भी मकान खाली नहीं है और भविष्य में भी गांव का विकास जारी रहेगा।
