CDS बोले- ऑपरेशन सिंदूर रुका है, खत्म नहीं हुआ:पाकिस्तान इसमें बुरी तरह हारा, इमरजेंसी जैसे हालात के लिए स्टैंडर्ड सिस्टम डेवलप कर रहे
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल रुका है, खत्म नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को चीफ ऑफ डिफेंस फोर्स (CDF) जैसा नया पद बनाना पड़ा। ये पद तीनों सेनाओं को सेंट्रलाइज्ड करने के लिए बनाया गया।
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन ने पाकिस्तान को संवैधानिक संशोधन करने के लिए मजबूर किया। ये इस बात का सबूत है कि पड़ोसी देश को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा।
अनिल चौहान ने शुक्रवार को पुणे पब्लिक पॉलिसी फेस्टिवल में ये बाते कहीं। उन्होंने कहा कि हम इमरजेंसी हालातों में लागू करने के लिए एक स्टैंडर्ड सिस्टम डेवलप कर रहे हैं।
CDS की स्पीच की 5 बड़ी बातें…
- भारत में प्रस्तावित संयुक्त थिएटर कमांड को लागू करने की समय सीमा 30 मई 2026 तक बढ़ाई गई है। सशस्त्र बल इस व्यवस्था को तय समय से पहले लागू करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
- पाकिस्तान में किए गए बदलावों से पता चलता है कि ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान को कई कमियां और कमजोरियां सामने आईं। पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद 243 में संशोधन से उसके उच्च रक्षा संगठन में बड़े बदलाव हुए हैं।
- उन्होंने जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन का पद खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (CDF) का पद बनाया गया है। CDF का पद केवल सेना प्रमुख द्वारा संभाले जाने का प्रावधान संयुक्तता के सिद्धांत के खिलाफ है।
- पाकिस्तान में नेशनल स्ट्रैटजी कमांड का गठन किया गया है। पहले बनाए गए आर्मी रॉकेट फोर्सेज कमांड से पारंपरिक और रणनीतिक क्षमताएं बढ़ सकती हैं।
- ऑपरेशन सिंदूर के बाद उच्च रक्षा संगठन से जुड़े कई ऑपरेशनल सबक सामने आए हैं। भारतीय सशस्त्र बलों ने उरी, डोकलाम, गलवान, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में अलग-अलग कमांड व्यवस्थाओं के तहत काम किया है।
CDS अनिल चौहान के पिछले 3 बयान…
22 दिसंबर: भविष्य के युद्ध मल्टी-डोमेन ऑपरेशन होंगे:आतंकवाद से निपटने ऑपरेशन सिंदूर जैसा एक्शन जरूरी
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने 22 दिसंबर को कहा कि भारत को आतंकवाद से निपटने के लिए ऑपरेशन सिंदूर जैसी कम समय की तेज सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। साथ ही पड़ोसी देशों के साथ जमीनी विवादों के कारण लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए भी तैयार रहना जरूरी है।
13 दिसंबर: जंग केवल भाषणों से नहीं जीती जाती:ठोस प्लॉनिंग की जरूरत होती है, हमें हमेशा सर्तक रहना होगा
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने 13 दिसंबर को कहा कि युद्ध केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि स्पष्ट लक्ष्य और उद्देश्यपूर्ण कार्रवाई से जीते जाते हैं। इसके लिए ठोस प्लानिंग की जरूरत होती है। आगे आने वाले हालातों के लिए हमें हमेशा सतर्क रहना होगा। CDS तेलंगाना के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी में ऑटम टर्म दिसंबर 2025 की कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में शामिल हुए थे।
28 नवंबर: हर दिन बदल रहे युद्ध के तरीके:भारतीय सेना फ्यूचर वॉरफेयर के मुताबिक तैयार हो, उसके पास दूसरा ऑप्शन नहीं
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने कहा कि युद्ध लगातार खुद को बदलता और बनाता रहता है। जो कॉन्सेप्ट भविष्य के लगते हैं, वे लागू होने से पहले ही पुराने भी हो सकते हैं। यह एक ऐसा रिस्क है जो सेना को उठाना पड़ता है। इसलिए फ्यूचर वॉरफेयर के मुताबिक अंदाजा लगाना, तैयारी करना हमारे अस्तित्व से जुड़ जाता है। इसका दूसरा कोई ऑप्शन नहीं
