राहुल बोले- मनरेगा खत्म करना महात्मा गांधी का अपमान:PM मोदी को उनके विचारों से समस्या; नया बिल गरीबों की आजीविका पर हमला
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को खत्म करने की कोशिश महात्मा गांधी के विचारों का सीधा अपमान है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महात्मा गांधी के विचारों और गरीबों के अधिकारों से समस्या है। उन्होंने लिखा,
पिछले 10 सालों से मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और अब इसे पूरी तरह खत्म करने का इरादा है। ‘VB-जी राम जी’ बिल गरीब ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर हमला है। कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक इस जनविरोधी बिल का विरोध करेगी।

दरअसल, मोदी सरकार मनरेगा को खत्म करके कर उसकी जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘विकसीत भारत-जी राम जी’ स्कीम ला रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को बिल लोकसभा में पेश किया।
राहुल गांधी की 2 बड़ी बातें….
- मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने की जीवित मिसाल है। यह योजना करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए जीवन रेखा रही है और कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हुई।
- मनरेगा की नींव तीन मूल सिद्धांतों पर रखी गई थी। पहला- काम का अधिकार, यानी काम मांगने वाले हर व्यक्ति को रोजगार; दूसरा- गांवों को अपने विकास कार्य तय करने की आजादी; और तीसरा- मजदूरी का पूरा खर्च केंद्र सरकार और सामग्री लागत का 75% केंद्र द्वारा देना।
लोकसभा में VB-जी राम जी बिल पेश
लोकसभा में मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने VB-जी राम जी बिल, 2025’ पेश किया। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि हम इस बिल का विरोध करते हैं। हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ नहीं आती है।
VB-जी राम जी बिल मनरेगा स्कीम को रिप्लेस करेगा
VB-जी राम जी बिल पास हो जाता है तो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को रिप्लेस करेगा। नए बिल में कहा गया है कि इसका उद्देश्य ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करना है। काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी जाएगी।
मनरेगा को खत्म करने पर नेताओं के बयान…
कांग्रेस सांसद शशि थरूर- महात्मा गांधी का नाम बदलना सही नहीं है। महात्मा गांधी का नाम राज्य का विजन पॉलिटिकल नहीं सामाजिक विकास का था। उनका नाम ही हटाना गलत है। राम का नाम बदनाम ना करो।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव- नाम बदलने से कोई बहुत बड़ा काम नहीं होगा। नई स्कीम के तहत बजट का बोझ राज्यों पर डाला जाएगा। इससे मुख्यमंत्रियों, राज्य सरकारों के सामने संकट पैदा होगा। केंद्र अपना बोझ कम कर रहा है।
भाजपा सांसद कंगना रनौत- मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी का अपमान कैसे है? महात्मा गांधी ने तो श्रीराम को लेकर रघुपति राघव राजा राम का राष्ट्रगान देकर पूरे देश को संगठित किया था तो यह महात्मा गांधी का अपमान कैसे है? उन्हीं के सपने को पूरा करके श्रीराम का नाम दिया जा रहा है।
SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल- नए बिल के जरिए गरीबों के अधिकार छीने जा रहे हैं। BJP सरकार भगवान राम के नाम की आड़ में मनरेगा को खत्म करना चाहती है। सरकार का एजेंडा साफ है और उसका गरीबों के कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है।
अब मनरेगा स्कीम के बारे में पढ़ें…
