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दिल्ली की हवा फिर जानलेवा, 50मी तक नहीं दिख रहा:धुंध-कोहरे के कारण 60 फ्लाइट रद्द, 250 डिले; कुछ जगह AQI 500 पार

दिल्ली की हवा फिर जानलेवा, 50मी तक नहीं दिख रहा:धुंध-कोहरे के कारण 60 फ्लाइट रद्द, 250 डिले; कुछ जगह AQI 500 पार

नई दिल्ली5 घंटे पहले
तस्वीरें दिल्ली के अलग-अलग इलाकों की हैं, जहां धुंध और कोहरा नजर आ रहा है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर कम हुआ तो दिल्ली में हवा थम गई। इसके चलते राजधानी रविवार को ठंड, स्मॉग और प्रदूषण के ट्रिपल अटैक की चपेट में आ गई।

ग्रैप-4 लागू होने के बावजूद वजीरपुर और रोहिणी इलाकों में AQI 500 के लेवल तक पहुंच गया। प्रदूषक कण वातावरण में फंसे रहे और राजधानी गैस चेंबर बन गई।

रविवार को इस साल का सबसे घना कोहरा भी छाया। अक्षरधाम समेत कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 मीटर तक सिमट गई। धुंध-कोहरे के कारण 60 फ्लाइट रद्द कर दी गईं, जबकि 250 देरी से चल रही हैं।

डॉक्टरों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सावधानी बरतने कहा है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से हवा की रफ्तार बढ़ने पर मामूली राहत मिल सकती है।

इस बीच, सुप्रीम कोर्ट CJI जस्टिस सूर्यकांत ने वकीलों और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाइब्रिड मोड के जरिए पेश होने की सलाह दी है।

सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से जुड़ी याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा।

पहले देखिए प्रदूषण की 3 तस्वीरें…

वाटर स्प्रे मशीन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि प्रदूषण कम हो सके।
सोमवार सुबह कर्तव्यपथ पर विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई है।
दिल्ली में ग्रैप-3 और ग्रैप-4 एक ही दिन में लागू किया गया।

ग्रैप-4 के बाद भी सख्ती के उपाय बेअसर

सीएक्यूएम ने शनिवार को पहले ग्रैप-3 और फिर ग्रैप-4 लागू किया, लेकिन हालात नहीं सुधरे। ग्रैप-4 में 50% कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम, बीएस-4 बड़े व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर रोक, निर्माण कार्य बंद, स्कूल हाइब्रिड मोड में, कचरा/ईंधन जलाने पर प्रतिबंध, डीजल जेनरेटर, आरएमसी प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे और खनन पर रोक शामिल है। कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री के परिवहन पर भी प्रतिबंध है।

दिल्ली की हवा की 6 दिन तक गंभीर रहने की संभावना

एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) के अनुसार, अगले छह दिनों के लिए भी पूर्वानुमान है कि हवा बहुत खराब कैटेगरी में रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि मौजूदा औसत हवा की गति, जो 10 किमी प्रति घंटे से कम है, प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल नहीं है।

रविवार को वजीरपुर में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन ने दिन के समय अधिकतम संभव एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) वैल्यू 500 दर्ज की गई। यह आंकड़ा इससे भी ज्यादा बताया जा रहा है, हालांकि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) का स्टेशन इससे आगे का डेटा रजिस्टर नहीं करता है।

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