जिस बाप ने नहर में फेंका, उसे बचाने लौटी बेटी:बोली- जिंदा हूं; पिता को छोड़ दें, मां ने कहा-गलती हो गई, माफ कर दे
पंजाब के फिरोजपुर में 68 दिन पहले जिस पिता ने अपनी बेटी को हाथ बांधकर नहर में फेंका था, वही बेटी अब जिंदा लौटकर उसे बचाने की गुहार लगा रही है। जिस बेटी का वीडियो वायरल हुआ था, जिसे पुलिस लगातार ढूंढ रही थी, वह अचानक मीडिया के सामने आ गई। उसने बताया कि वह कैसे बची और क्यों अपने ही पिता को जेल से छुड़वाना चाहती है।
दरअसल, बेटी को नहर में फेंकने के बाद पुलिस ने पिता को गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह जेल में है। बेटी ने कहा कि पिता जेल में हैं, ऐसे में घर में मौजूद बहनों को कौन देखेगा। पिता को जेल से बाहर निकालने के लिए मैं कोर्ट में जाऊंगी। इस मामले में अब आरोपी पिता को जमानत पर रिहा करने पर कोर्ट विचार कर सकती है।
बेटी की लौटने के बाद मां भी सामने आई है। मां ने कहा
बेटी, हमसे जो गलती हुई है, हमें माफ कर दे। अपने पापा की गलती को भी माफ कर दे। पापा को जेल से बाहर निकलवा दे

लड़की ने बताई अपने जिंदा निकलने की कहानी
- धक्का देते ही बह डूब गई, अंदर पानी में चुनरी से हाथ खुले: लड़की ने बताया कि जैसे ही उसके पिता ने उसे नहर में धक्का दिया तो वह डूब गई। उसने बचने के लिए पैर चलाए। जैसे ही वह ऊपर आई तो उसे सांस लेने का वक्त मिला। इसके बाद वह फिर डूब गई। हाथ खोलने की कोशिश की जिससे एक हाथ चुन्नी से खुल गया। इस बीच उसका सिर नहर के अंदर एक सरिए से टकरा गया। इस पर उसने जोर से सरिया पकड़ लिया।
- आधे घंटे तक सरिया पकड़कर जूझती रही: लड़की ने बताया कि सरिया पकड़ने के बाद भी वह घबराई हुई थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। रात का टाइम था। नहर से कैसे बाहर निकला जाए। वह आधे घंटे तक नहर से बाहर निकलने के लिए संघर्ष करती रही। किसी तरह से वह सरिए पर पैर टिकाने में कामयाब हो गई। इसके बाद नहर से बाहर निकल पाई।
- बाहर निकलकर गीले कपड़ों में आधा किलोमीटर तक चली: लड़की ने बताया की गीले कपड़ों में वह नहर की पटरी के किनारे-किनारे चलती रही और आधा किलोमीटर दूर सड़क पर किसी स्कूटी वाली महिला से लिफ्ट दी। उसके कपड़े गीले थे और ठंड लग रही थी। इससे उसने महिला से उसकी शाल मांगी और उसे ओढ़कर ठंड से बची। महिला के फोन से ही उसने अपने जानकार को फोन मिलाया।
- पिता का नहीं, धक्का दिलाने में मां का कसूर: नहर से जिंदा बची लड़की ने आरोप लगाया कि धक्का देने में उसके पिता का नहीं बल्कि मां का हाथ ज्यादा था। पिता का डॉक्टर के पास इलाज चल रहा था। पिता ने शराब पी रखी थी और दवा भी खाई थी। इससे वह नशे में था। मां ने पिता को मेरे खिलाफ उकसाया। जिससे पिता ने गुस्से में आकर मुझे धक्का दे दिया। मगर जब मैंने होश में आने पर वीडियो देखा तो पता चला कि वहां पर मां मेरे लिए रो रही है, लेकिन ये सच्चाई नहीं है।
- बहनों का फ्यूचर देखकर सामने आना पड़ा: नहर से बचकर निकली लड़की ने बताया कि उसकी और भी 3 बहनें हैं। वह कैसे पलेंगे और कैसे पढ़ेंगी। इनका फ्यूचर देखकर मैं सामने आई हूं। पिता को भी जेल होने का मुझे दुख है। मेरा पिता जेल से बाहर आ जाएं, इसके लिए मैं कोर्ट में जाउंगी। पिता ही घर में कमाने वाले हैं। मां तीन बहनों को कैसे पालेगी, ये सब सोचने के बाद ही मैंने सबके सामने आने का फैसला लिया। 3 महीने में कहां रही, किसके पास रही, ये मैं सार्वजनिक नहीं करना चाहती।
अब पढ़िए युवती की मां की अहम बातें…
- हमसे गलती हो गई, माफ कर दे : बेटी के लौटने पर मां ने कहा कि हमसे गलती हुई है। हमें माफ कर दे। अपने पापा की गलती को भी माफ कर दे। उनको जेल से बाहर निकलवा दे। मुझे उसकी याद आती थी। लेकिन गलती हो गई। उसके पापा जेल में है, मैं उनसे भी मिलने जाती थी तो कहते थे कि गलती हो गई।
- बेटियां बहन को याद कर रोज रोती थीं: मां ने कहा कि बेटियां रोज पूछती थीं कि बहन कहां चली गई है। वो कब आएगी। एक बेटी बड़ी है, उसे समझ थी कि बहन नहर में बह गई है। वह रोती रहती थी। कहती थी कि मुझे लगता है कि दीदी जिंदा होगी। अभी तक उसकी लाश भी नहीं मिली है।
- बच्चियों को पालने के लिए दिहाड़ी लगा रही हूं: मां ने कहा कि मुझसे गलती हुई है, बेटी मुझे माफ कर दे। बच्चियों को पालने के लिए और स्कूल की फीस देने के लिए दिहाड़ी लगानी पड़ रही है। मेरे पति नौकरी करते थे। इसलिए घर का खर्च चल रहा था, अब उसे काम करना पड़ रहा है। लोगों के घर में काम करना पड़ रहा है।
- 12 दिसंबर को पेश होने की बात कही है: मां ने कहा कि मुझे पता नहीं है कि बेटी कहां है। मेरी उसके साथ बात नहीं हुई है। मुझे सुनने में आया था कि उसके पिता की 12 दिसंबर को कोर्ट में तारीख है। उम्मीद है कि वो उसी दिन कोर्ट में पेश होगी।
बेटी के चरित्र पर शक करता था पिता 30 सितंबर को फिरोजपुर से इस घटना का वीडियो सामने आया था। जिसमें दिख रहा था कि मां की मौजूदगी में ही बेटी के दोनों हाथ बांधकर पिता नहर में फेंक देता है। वह 17 साल की बेटी के चरित्र पर शक करता था। पड़ोसियों का भी कहना था कि बेटियों को लेकर बाप बहुत सख्ती करता था। वारदात की जानकारी मृतका की बुआ ने पुलिस को दी थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कहा कि उसने बेटी को कई बार समझाने की कोशिश की, पर वह उसकी बातों पर ध्यान नहीं दे रही थी तो उसने उसे मार डाला।
बेटी को नहर में फेंकने के VIDEO में क्या दिखा था
- बाप ने पूछा- क्या कमी रह गई थी प्यार में: वीडियो में आरोपी बेटी से पूछता है- ‘क्या कमी रह गई थी प्यार में?’ बेटी जवाब देती है – ‘कुछ नहीं।’ इसके बाद आरोपी कहता है – ‘तो फिर…’ इसके बाद बेटी का हाथ पकड़कर उसे नहर के पास ले जाता है। पत्नी रोकने की कोशिश करती है व रोते हुए बेटी से कहती है – ‘रुक जा।’ लेकिन आरोपी बेटी को जोर से धक्का देकर नहर में फेंक देता है।
- रोते हुए मां बोली- मैं भी जा रही हूं: बेटी पानी में डूबती है और मां चीख-चीखकर उसे आवाजें देती है। मां कहती है – ‘मैं भी जा रही हूं *(बेटी का नाम) के साथ।’ लेकिन आरोपी बेरहमी से ठंडे लहजे में जवाब देता है – ‘क्यों, बाकी बेटियों को कौन संभालेगा?’ बेटी को डूबते हुए देख वह ‘बाय-बाय’ भी कहता है।
- 3 बार मेरा मुंह काला किया, समझाया भी था: आरोपी कहता है- ‘मैंने उसे कई बार समझाया था, उसने तीन बार मेरा मुंह काला किया। आज फेंक दी।’ इतना कहने के बाद वह ठंडेपन से कैमरे की ओर देखकर कहता है – ‘सुट्ट ती, मार के परे कीती। चलो हुण, सवेरे आ वीडियो शेयर करांगे।’
SSP बोले- रिश्तेदार के पास, पुलिस के पास नहीं आई फिरोजपुर के SSP भूपिंदर सिंह ने कहा कि लड़की अभी तक पुलिस के पास पेश नहीं हुई है। वो अपने किसी रिश्तेदार के पास है। अभी वो डरी हुई है। जिसे मीडिया कर्मी के साथ उसने संपर्क किया था, उससे बात हुई है। लड़की पुलिस के पास आना चाहती है, लेकिन अभी आई नहीं है। जैसे ही लड़की आएगी, इस केस में उसके बयानों के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी पिता को अब मिल सकती है कोर्ट से जमानत इस मामले में युवती द्वारा अदालत में दिए गए बयान और एफिडेविट के बाद पुलिस द्वारा दायर की जाने वाली चार्जशीट के आधार पर आरोपी को जमानत पर रिहा करने पर कोर्ट विचार कर सकती है। संभव है कि अब यह मामला हाईकोर्ट में जाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी पिता को इस मामले में राहत मिल सकती है।
