कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि भाजपा को केरल में डबल डिजिट में सीट तभी मिलेंगीं, जब ये दो जीरो होंगे। भाजपा केरल का इतिहास और संस्कृति नहीं समझती है। यहां सांप्रदायिकता ज्यादा दूर नहीं चल सकती है। थरूर ने ये बयान PM मोदी के डबल डिजिट में सीट जीतने के बयान के बाद दिया है।
दरअसल, 28 फरवरी को PM मोदी केरल के तिरुवनंतपुरम के दौरे पर थे। यहां उन्होंने कहा कि 2019 में केरल के लोगों के दिलों में उभरी ‘उम्मीद’ अब 2024 में उनका ‘विश्वास’ बन गई है। 2019 में केरल में NDA को दोहरे अंकों में वोट मिले। ऐसा लग रहा है कि 2024 में केरल ने दोहरे अंक में ‘सीटें’ देने का फैसला कर लिया है।
भाजपा ईसाई समुदाय को लुभाने में लगी है
थरूर ने कहा- मैं नरेंद्र मोदी को इतना क्रेडिट दूंगा कि वे 6 पर्सेंट पार्टी को 12-13 पर्सेंट तक ले आए हैं। इससे ज्यादा कुछ नहीं। हमें ये भी पता है कि भाजपा ईसाई समुदाय को लुभाने में लगी हुई है। प्रधानमंत्री खुद दिल्ली और केरल में राज्य के कई ईसाई धार्मिक नेताओं से मिल चुके हैं। केरल के सेंट्रल त्रावणकोर एरिया में ईसाई समुदाय की महत्वपूर्ण उपस्थिति है और कहते हैं कि उनका वोट वहां के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र में जीत-हार तय करता है, लेकिन मणिपुर हिंसा के बाद भाजपा की रणनीति विफल हो गई है।
पार्टी ने अभी किसी नाम की घोषणा नहीं की है
तिरुवनंतपुरम संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवारी के बारे में थरूर ने कहा कि कांग्रेस ने अभी तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और उन्होंने हम में से किसी से यह भी नहीं कहा कि हम चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। मैं बतौर सांसद अपने कर्तव्य का पालन कर रहा हूं।
हिमाचल में जो हुआ वो लोकतंत्र पर हमला करने जैसा है- थरूर
हिमाचल मुद्दे पर थरूर ने कहा कि मुझे अभी पूरी जानकारी नहीं है और मैं केवल सुर्खियां पढ़कर जवाब नहीं देना चाहता, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा पहले भी 4-5 राज्यों में ऐसा कर चुकी है और यह लोकतंत्र पर हमला करने जैसा है।
