बांग्लादेश में सियासी उथल-पुथल के बीच एक और बड़ी खबर सामने आई है। वहां की एक अदालत ने देश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनकी भांजी व ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीक को जमीन घोटाले (Land Scam) के एक मामले में दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने माना है कि सत्ता में रहते हुए हसीना ने नियमों को ताक पर रखकर अपने परिवार को फायदा पहुंचाया।
अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए राज्य के अधिकारों का दुरुपयोग किया। उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अवैध रूप से सरकारी प्लॉट्स का आवंटन करवाया, जो कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है।
जांच में सामने आया है कि शेख हसीना ने कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर ढाका के पॉश इलाके ‘पुरबचल’ (Purbachal) के सेक्टर-27 स्थित डिप्लोमैटिक ज़ोन में 6 बेशकीमती प्लॉट अवैध रूप से आवंटित कराए थे। यह आवंटन ‘ढाका इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (लैंड अलॉटमेंट) रूल्स, 1969’ का स्पष्ट उल्लंघन है। डिप्लोमैटिक ज़ोन की जमीनें आमतौर पर विदेशी दूतावासों या विशिष्ट प्रयोजनों के लिए आरक्षित होती हैं, जिन्हें निजी लाभ के लिए बांट दिया गया।
यह घोटाला सिर्फ शेख हसीना तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके पूरे परिवार को अवैध रूप से लाभ पहुँचाने का एक बड़ा मामला बन गया। जिन प्रमुख व्यक्तियों के नाम पर ये प्लॉट आवंटित किए गए, उनमें उनके बेटे साजीब वाजेद जॉय, बेटी साइमा वाजेद पुतुल, उनकी बहन शेख रेहाना, और उनकी भांजी और ब्रिटेन की लेबर पार्टी की सांसद ट्यूलिप रिजवाना मुजीब सिद्दीक शामिल थे। यह अनियमित आवंटन दर्शाता है कि प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए हसीना ने किस तरह सत्ता का दुरुपयोग करते हुए अपने करीबी पारिवारिक सदस्यों को अनुचित लाभ पहुँचाया, जो देश के कानूनी और नैतिक मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इस फैसले के बाद ब्रिटिश सांसद ट्यूलिप सिद्दीक की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं, क्योंकि उनका नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस भ्रष्टाचार के मामले से जुड़ गया है।
