कर्नाटक मुख्यमंत्री विवाद- गृहमंत्री जी परमेश्वर का शिवकुमार को समर्थन:खुद भी CM बनने की इच्छा जताई; सीएम सिद्धारमैया के बेटे बोले- अभी कुर्सी खाली नहीं
कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच गुरुवार को गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि वह डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री मानने के लिए तैयार हैं।
परमेश्वर को सिद्धारमैया का करीबी माना जाता है। हालांकि उन्होंने खुद भी CM बनने की इच्छा जताई। उन्होंने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा,
मुख्यमंत्री बनने की इच्छा उनके भीतर भी है और हाईकमान उनके योगदान को जानता है।

सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया और करीबी मंत्री जमीर अहमद खान ने मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली नहीं है।
उधर, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बार फिर मामले को मिलकर सुलझाने की बात कही है, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को लेकर सभी से बातचीत की जाएगी।
यतींद्र सिद्धारमैया बोले- पावर शेयरिंग पर बातचीत का पता नहीं
सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा- मेरी राय में मुख्यमंत्री बदलने की कोई जरूरत नहीं है। सिद्धारमैया ही पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री रहेंगे। पता नहीं बार-बार नेतृत्व बदलने की बात क्यों उठाई जा रही है।
पहले कभी पावर शेयरिंग पर कोई बात हुई थी या नही, इसके बारे में मुझे नहीं पता। हाईकमान का फैसला ही अंतिम फैसला होता है। दिल्ली जाकर लॉबिंग करना पहली बार नहीं है, पहले भी अलग-अलग पार्टियों में ऐसा होता रहा है।
2.5 साल पूरे होने पर बढ़ी खींचतान
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। अब सत्ता संतुलन को लेकर बयानबाजी जारी है। कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर खड़गे से मिले थे। हालांकि शिवकुमार ने ऐसे किसी कार्यक्रम की जानकारी होने से इनकार किया।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं। जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के अंदरूनी हलको में यह भी माना जा रहा है कि यदि हाई कमान कैबिनेट विस्तार को मंजूरी देता है, तो इससे सिद्धारमैया के पूरे कार्यकाल (5 साल) तक टिके रहने का संकेत मिल सकता है, जो शिवकुमार की सीएम बनने की संभावनाओं को कम कर देगा।
पिछले एक हफ्ते के 2 बड़े घटनाक्रम…
- शिवकुमार के समर्थन में कुछ विधायक 23 नवंबर को दिल्ली गए थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, वे हाईकमान से मिलकर शिवकुमार को सीएम बनाने की मांग रखना चाहते हैं।
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बेंगलुरु में थे, लेकिन शिवकुमार उनसे मिले नहीं थे। हालांकि मंगलवार को शिवकुमार खड़गे को एयरपोर्ट तक छोड़ने गए।
अब खींचतान के बीच जारी बयानबाजी और अपडेट पढ़ें…
26 नवंबरः खड़गे बोले- पार्टी हाईकमान इस समस्या को सुलझा लेगा
इससे पहले खड़गे ने बुधवार को कहा था कि पार्टी हाईकमान मिलकर इस समस्या को सुलझा लेंगे, जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता भी करेंगे। उन्होंने ANI से बातचीत में कहा- वहां की जनता ही बता सकती है कि सरकार कैसा काम कर रही है। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि में राहुल गांधी, सोनिया गांधी एक साथ बैठकर इस पर चर्चा करेंगे।
राहुल ने डीके को इंतजार करने को कहा
इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि पिछले एक हफ्ते से शिवकुमार राहुल गांधी से संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद राहुल गांधी ने वाट्सएप मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था- “कृपया प्रतीक्षा करें, मैं कॉल करूंगा।” इस पर बुधवार को शिवकुमार ने कहा,
अगर जरूरत हुई तो मैं हाईकमान से समय मांगूंगा। मुझे 4 एमएलसी सीटों के उम्मीदवार तय करने हैं। इसके साथ ही मैं कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ट्रस्ट और पार्टी की संपत्तियों के पुनर्गठन पर भी वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करना चाहता हूं।

कांग्रेस विधायक बोले- शिवकुमार 200% मुख्यमंत्री बनेंगे
- रमणागारा के विधायक इकबाल हुसैन ने कहा- हाईकमान जैसा फैसला करेगा, वे सब उसका पालन करेंगे। उन्होंने दावा किया कि 100% नहीं, बल्कि 200% शिवकुमार ही जल्द मुख्यमंत्री बनेंगे।
- मैदूर के विधायक केएम उदय ने बताया- विधायकों ने हाईकमान से मंत्रिमंडल विस्तार में नए और युवा चेहरों को मौका देने की मांग रखी है। उन्हें संकेत मिला है कि इस पर विचार किया जाएगा।
- मगड़ी के विधायक एचसी बालकृष्ण ने कहा- किसे मुख्यमंत्री बनाना है, यह मुद्दा नहीं, लेकिन मौजूदा हालात पार्टी के लिए ठीक नहीं हैं, इसलिए हाईकमान को तुरंत कदम उठाना चाहिए।
25 नवंबरः भाजपा ने डीके शिवकुमार का AI वीडियो जारी किया
कर्नाटक बीजेपी ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का AI वीडियो जारी किया। इसमें शिवकुमार लैपटॉप में ऑनलाइन मुख्यमंत्री कुर्सी खरीद रहे हैं, लेकिन जैसे ही वह इसे कार्ट में जोड़ते हैं, स्क्रीन पर “आउट ऑफ स्टॉक” लिखा आता है। साथ ही कैप्शन में लिखा- “DK शिवकुमार अभी।”
शिवकुमार बोले- मुख्यमंत्री बदलाव 4-5 लोगों के बीच की सीक्रेट डील
इधर मंगलवार को एक ही दिन में कांग्रेस अध्यक्ष, कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बयान आए थे। डिप्टी सीएम और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा- मैं मुख्यमंत्री बदलाव पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहूंगा, यह हम 4-5 लोगों के बीच की सीक्रेट डील है।
वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी हाईकमान को इस पूरे भ्रम पर अंतिम फैसला लेना चाहिए, ताकि यह मुद्दा खत्म हो सके। साथ ही कहा कि अगर हाईकमान सीएम बदलने को लेकर कोई फैसला लेता है तो वे उसका पालन करेंगे।
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- कर्नाटक में नेतृत्व बदलने से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक मंच पर चर्चा नहीं की जा सकती। राहुल से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा- पार्टी अध्यक्ष कहीं भी चर्चा नहीं करते। अगर मुलाकात होती है, तो वहीं बात होगी।
21 नवंबर: सीएम बदलाव को शिवकुमार ने खारिज किया
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने 21 नवंबर को सीएम पद को लेकर चल रही अटकलों को खारिज किया था। शिवकुमार ने X पर पोस्ट किया था कि CM सिद्धारमैया अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं। CM और मैंने, दोनों ने बार-बार कहा है कि हम हाईकमान की बात मानते हैं।
यह चर्चा शिवकुमार के करीबी विधायकों के 20 नवंबर को दिल्ली में हाईकमान से मुलाकात के बाद शुरू हुई थी। समर्थकों ने दावा किया कि शिवकुमार को अगला सीएम बनना चाहिए। हालांकि डिप्टी सीएम ने कहा कि सभी विधायक हम सब के हैं। गुटबाजी मेरे खून में नहीं है।
19 नवंबर: शिवकुमार ने प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के संकेत दिए
डीके शिवकुमार ने संकेत दिए थे कि वे जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ सकते हैं। उन्होंने बेंगलुरु में इंदिरा गांधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कहा था- मैं इस पद पर हमेशा नहीं रह सकता।
शिवकुमार ने कहा था…
साढ़े पांच साल हो चुके हैं और मार्च में छह साल हो जाएंगे। अब दूसरे नेताओं को भी अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा- मैं लीडरशिप में रहूंगा। चिंता मत करिए, मैं फ्रंटलाइन में रहूगा। मैं रहूं या न रहूं, इससे फर्क नहीं पड़ता। मेरी कोशिश है कि अपने कार्यकाल में पार्टी के 100 ऑफिस बनवाऊं।

16 नवंबर: सिद्धारमैया की खड़गे से मुलाकात
कर्नाटक सरकार में फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 16 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात की थी। कांग्रेस नेताओं ने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया था, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि सिद्धारमैया ने खड़गे के साथ राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा की।
क्या है रोटेशन फॉर्मूला? 2023 विधानसभा चुनाव के बाद दोनों नेताओं में तीखी प्रतिस्पर्धा थी। उस समय ढाई-ढाई साल के रोटेशन फॉर्मूले की चर्चा थी, जिसके मुताबिक शिवकुमार 2.5 साल बाद CM बन सकते थे, लेकिन कांग्रेस ने इसे कभी आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।
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