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PM ने शहीदी दिवस पर सिक्का जारी किया:श्री गुरु तेगबहादुर जी पर लिखी किताब का विमोचन किया; बोले- कुरुक्षेत्र सिख परम्परा का प्रमुख केंद्र

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PM ने शहीदी दिवस पर सिक्का जारी किया:श्री गुरु तेगबहादुर जी पर लिखी किताब का विमोचन किया; बोले- कुरुक्षेत्र सिख परम्परा का प्रमुख केंद्र

कुरुक्षेत्र4 मिनट पहलेलेखक: सुनील धीमान, रिंकू नरवाल, अजय जौली
PM ने श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित किताब का विमोचन किया और सिक्का भी रिलीज किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 25 नवंबर को हरियाणा के दौरे पर हैं। कुरुक्षेत्र में उन्होंने ज्योतिसर अनुभव केंद्र का लोकार्पण और पाञ्चजन्य शंख स्मारक का शुभारंभ किया। उन्होंने अनुभव केंद्र का दौरा कर महाभारत की कहानियां देखीं।

अब PM श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर हो रहे समागम में पहुंचे हैं। इससे पहले उन्होंने शहीदी दिवस पर लगाई गई प्रदर्शनी देखी। PM ने श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित किताब का विमोचन किया और सिक्का भी रिलीज किया।

गुरु ग्रंथ साहिब मंच से करीब ढाई फुट ऊपर विराजमान हैं। PM मोदी समेत अन्य नेता जमीन पर बैठे हैं। यहां पटियाला से आईं 350 बच्चियों से कीर्तन भी किया। आखिर में प्रधानमंत्री इंटरनेशल गीता जयंती महोत्सव में शामिल होंगे और ब्रह्मसरोवर पर संध्याकालीन आरती में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री करीब ढाई घंटे कुरुक्षेत्र में रुकेंगे।

PM मोदी के दौरे की तस्वीरें…

PM मोदी श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर हो रहे समागम में शामिल हुए। इससे पहले उन्होंने प्रदर्शनी भी देखी।
श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर हो रहे समागम में PM मोदी जमीन पर बैठे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुभव केंद्र का उद्घाटन करने के बाद महाभारत की कहानियां भी देखीं।
PM ने कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर अनुभव केंद्र का लोकार्पण और पाञ्चजन्य शंख स्मारक का शुभारंभ किया।

PM दौरे से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

4 मिनट पहले

PM बोले- कुरुक्षेत्र सिख परंपरा का मुख्य केंद्र

PM मोदी ने कहा- आज का दिन भारत की विरासत का अद्भुत संगम बनकर आया है। आज सुबह मैं रामायण की नगरी अयोध्या में था, और अब यहां गीता की नगरी कुरुक्षेत्र में हूं। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर उन्हें नमन कर रहा हूं। साथियों, पांच छह साल पहले, एक और अद्भुत संयोग बना था, साल 2019 में 9 नवंबर को जब राम मंदिर पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आया था

उस दिन में करतारपुर कारीडोर के लिए प्रयास कर रहा था। मैं यही प्रार्थना कर रहा था कि राम मंदिर बनने का निर्माण प्रशस्त हो। सभी की प्रार्थना पूरी हुई, उसी दिन राम मंदिर के पक्ष में निर्णय आया। आज जब अयोध्या में धर्म ध्वजा हुई है वहां आज यहां मुझे संगत का आशीर्वाद मिला है।

कुरुक्षेत्र की इस धरती पर भगवान श्रीकृष्ण ने कहा था कि सत्य के मार्ग पर अपने धर्म के लिए प्राण देना भी श्रेष्ठ है। गुरु तेग बहादुर जी ने भी सत्य और न्याय को अपना धर्म माना और उन्होंने इसकी रक्षा के लिए अपने प्राण तक दे दिए। इस ऐतिहासिक मौके पर भारत सरकार ने उनके सम्मान में एक डाक टिकट और एक विशेष सिक्का जारी किया है। कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि सिख परंपरा का मुख्य केंद्र है। जब नौंवी पातशाही गुरु तेग बहादुर यहां आए, तो उन्होंने यहां अपनी साहसिक छाप छोड़ी।”

14 मिनट पहले

CM बोले- 1984 दंगों के पीड़ित परिवारों को नौकरी देंगे

सीएम सैनी ने कहा, “वर्ष 2021 में जब अफगानिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता आई, तो आपने वहां से गुरु ग्रंथ साहिब के तीनों पावन स्वरूपों को विशेष विमान से भारत लाने का प्रबंध किया। आपकी पहल पर ही अब पूरे देश में दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह के शहीदी दिवस को हर वर्ष ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।”

आपके प्रयासों को हमने हरियाणा में भी आगे बढ़ाया है। चाहे वर्ष 2021 में श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व हो, या वर्ष 2017 में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी का 350वां प्रकाश पर्व, या श्री गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व, हमने इन्हें पूरे राज्य में पूरी धूमधाम से मनाया है।

हमने यमुनानगर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज का नाम ‘हिन्द की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर सिंह जी के नाम पर रखा है। प्रधानमंत्री जी, आपने देश में न सिर्फ 1984 की चोट को समझा, बल्कि उनके घाव भरने की सच्ची कोशिश भी शुरू की। साथ ही दोषी लोगों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया। आपके नेतृत्व में ऐसी ही पीड़ा झेलने वाले 121 परिवारों की आशा का सम्मान करते हुए हमने हरियाणा के इन प्रत्येक परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी देने का निर्णय किया।

हमने सिरसा स्थित गुरुद्वारा श्री चिल्ला साहिब को 27 जून, 2024 को 70 कनाल (8 एकड़ 6 कनाल) भूमि मुफ्त दी है। इस स्थान पर प्रथम पातशाह श्री गुरु नानक देव जी के चरण पड़े थे। कहने का भाव यह है कि हरियाणा भी गुरुओं की धरती है। हम अपनी नई पीढ़ियों को उनके संदेश, आदर्शों और विचारों से प्रेरित करने के लिए निरंतर काम करते रहेंगे। इसी दिशा में श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर इस समागम का आयोजन किया गया है।”

अंत में, मैं प्रधानमंत्री जी का धन्यवाद करता हूं कि आपने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत को नमन करने के लिए, उनको अकीदत पेश करने के लिए हरियाणा को चुना। आप समय-समय पर हमारा हौसला बढ़ाते आए हैं। उसके लिए मैं सभी हरियाणावासियों की ओर से आपका धन्यवाद करता हूं।”

“वाहे गुरु जी का खालसा वाहे गुरु जी की फतेह।”

18 मिनट पहले

सैनी बोले- गीता का संदेश हर हरियाणवी के DNA में

CM सैनी ने कहा- हमने यमुनानगर जिले के कलेसर में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर वन लगाने का निर्णय लिया। वहां वन्य जीव संरक्षण ब्लॉक में विद्यार्थियों के साथ 350 पौधे लगाए गए हैं तथा श्री गुरु तेग बहादुर द्वार बनाया गया है। प्रधानमंत्री जी, गीता का संदेश हर हरियाणवी के डीएनए में है। 6 अक्टूबर, 2014 को जब आप कुरुक्षेत्र में आए थे, तो आपने कहा था कि कुरुक्षेत्र को गीता स्थली के रूप में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

आपसे प्रेरणा प्राप्त कर हमने वर्ष 2016 में कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाने की शुरुआत की थी। तब से अब तक इसमें 4 देशों व 6 राज्यों ने भागीदारी की है। यही नहीं, देश से बाहर 6 देशों में भी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाया गया है। आज इस पावन धरा पर आपके कर कमलों से अनुभव केंद्र का उद्घाटन हुआ है। इसके माध्यम से अब पूरी दुनिया महाभारत के युग को साक्षात देख सकेगी। इसी प्रकार, आपने भगवान श्री कृष्ण जी के पवित्र शंख ‘पंचजन्य’ का लोकार्पण भी किया है।

सीएम सैनी ने कहा, “महान गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस को मनाने की प्रेरणा भी हमें आपसे मिली है। आपने भारत भूमि के लिए सिख गुरुओं के योगदान के प्रति बार-बार कृतज्ञता व्यक्त की है। आपकी पहल पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश वर्ष को देश भर में मनाया गया। उनकी स्मृति में डाक टिकट और एक सिक्का भी जारी किया गया। आप ही के कर कमलों से पाकिस्तान स्थित ननकाना साहिब तक श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर का लोकार्पण किया गया था। इसी कॉरिडोर से हरियाणा के भी 1 हजार 739 श्रद्धालुओं ने ननकाना साहिब के दर्शन किए हैं। मैं साध संगत की ओर से आपका धन्यवाद करता हूं।

21 मिनट पहले

CM सैनी बोले- 27 हजार यूनिट ब्लड इकट्‌ठा किया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा- आज गीता और गुरुओं की इस पावन धरा की गरिमा कई गुना बढ़ गई है। देश और धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले ‘हिंद की चादर’ श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर इस विशाल समागम का आयोजन किया गया है। गुरु जी के शहीदी दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार ने हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के साथ मिलकर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं, ताकि गुरु जी की शिक्षाएं प्रदेश के बच्चे-बच्चे तक पहुंच सकें।

मैं उनका संक्षिप्त विवरण देना चाहूंगा। हमने गत 1 नवंबर से पूरे प्रदेश में सिरसा से रोड़ी, पंचकूला जिले से पिंजौर, फरीदाबाद और सढौरा से चार यात्राएं निकालीं। तब से लेकर आज तक प्रदेश में 350 रक्तदान शिविर आयोजित किए गए हैं, जिनमें 27 हजार यूनिट रक्त एकत्रित किया गया है। गुरु जी के जीवन पर प्रदेश के सभी स्कूलों में संस्कृत, हिन्दी, पंजाबी और अंग्रेजी भाषाओं में निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें 3 लाख 50 हजार बच्चों ने भाग लिया।

इसी प्रकार, तीन भाषाओं की कहानी प्रतियोगिता में 350 विद्यार्थियों ने भाग लिया। चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी, सिरसा में राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार का आयोजन किया गया। हमने वहां श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, दर्शन और कार्यों पर चेयर स्थापित करने का निर्णय भी लिया। इसी प्रकार, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, अंबाला का नाम श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखा गया।

हमने करनाल में ‘हिंद की चादर’ मैराथन का आयोजन किया, जिसमें 80 हजार लोगों ने भाग लिया। गुरु जी के शीश को आनंदपुर साहिब पहुंचाने के प्रण से अपना शीश कुर्बान करने वाले दादा कुशाल सिंह दहिया जी के बलिदान स्थल बढ़खालसा में उनकी याद में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया।

37 मिनट पहले

शहीदी दिवस समागम में PM जमीन पर बैठ

48 मिनट पहले

PM ने समागम में माथा टेका

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