अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के पास शुक्रवार को 20 किलो विस्फोटक मिला था। इसके बाद रविवार सुबह एसपी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई। पुलिस की टीमें स्कूल के आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं।
यह विस्फोटक सबसे पहले गुरुवार को स्कूल के कुछ बच्चों ने झाड़ियों में देखा था। बच्चों ने इसकी सूचना शिक्षकों और फिर पुलिस को दी, जिसके बाद शुक्रवार को भिकियासैंण पुलिस, डॉग स्क्वॉड और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी, जहां से 20 किलो 125 ग्राम 161 जिलेटिन छड़ें बरामद कीं गईं।
हाल ही में हुए दिल्ली ब्लास्ट के बाद पूरे प्रदेश की पुलिस अलर्ट मोड पर है, ऐसे में अल्मोड़ा से मिले विस्फोटक के बाद पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए एक अज्ञात के खिलाफ बीएनएस की धारा 4(क) विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 एवं 288 के तहत केस दर्ज किया है।
161 जिलेटिन छड़ें बरामद, दोबारा फोरेंसिक जांच शुरू
फोरेंसिक विशेषज्ञ जिलेटिन के नमूनों का दोबारा परीक्षण कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह सामग्री कहां से आई और किस प्रकार की है। टीम ने मौके की मैपिंग कर अलग-अलग बिंदुओं से मिट्टी और अन्य सबूत भी एकत्र किए हैं।
बम डिस्पोजल, डॉग स्क्वॉड और IRB की कम्बाइंड सर्चिंग
शनिवार को एसएसपी के निर्देश पर बम डिस्पोजल टीम, डॉग स्क्वॉड, थाना पुलिस, एलआईयू और आईआरबी की संयुक्त टीमों ने जंगल, झाड़ियों, स्कूल परिसर और आसपास की पगडंडियों में सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस किसी अतिरिक्त सामग्री या छूटे हुए सुराग को तलाश रही है।
इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक क्यों लाया गया
पुलिस यह जानने की कोशिश में है कि 20 किलो विस्फोटक को स्कूल के पास की झाड़ियों में क्यों और किस उद्देश्य से छिपाया गया था। बरामद सामग्री के सुरक्षित निस्तारण के लिए भिकियासैंण कोर्ट से अनुमति ले ली गई है।
दिल्ली-जम्मू धमाकों के बाद बढ़ी सतर्कता, अल्मोड़ा केस संवेदनशील श्रेणी में
हाल ही में दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में हुए धमाकों के बाद यह मामला प्रशासन के लिए अत्यधिक संवेदनशील बन गया है। खुफिया इकाइयों को अलर्ट कर दिया गया है और हर मूवमेंट पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों से अपील- किसी भी संदिग्ध जानकारी को साझा करें
पुलिस ने लोगों से कहा है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या वस्तु की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। अधिकारियों ने बताया कि सामुदायिक सहयोग से ही ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
