अल फलाह यूनिवर्सिटी के 10 लोग लापता:दिल्ली ब्लास्ट से जुड़े होने का शक; जैश और आत्मघाती हमले के लिए PAK एप पर चंदा मांग रहा
दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर शक के घेरे में है। यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 लोग दिल्ली ब्लास्ट के बाद से लापता हैं। उनके फोन भी बंद है। एजेंसी को शक है कि ये सभी ब्लास्ट में शामिल हो सकते हैं, जो ग्राउंड वर्कर का काम कर रहे थे।
उधर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने भारत पर और आत्मघाती हमले के लिए फंड जुटाना शुरू कर दिया है। जैश ने 6400 रुपए का फंड मांगा है। ये पैसे पाकिस्तान के एक ऑनलाइन पेमेंट एप के जरिए इकठ्ठे किए जा रहे हैं। इन पैसों से आतंकियों के लिए जूते और कपड़े खरीदे जाएंगे।
वहीं जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि लाल किले के सामने विस्फोटक से भरी कार उड़ाने वाला आतंकी डॉ. उमर नबी अपने जैसे कई और सुसाइडल बॉम्बर तैयार करने की साजिश रच रहा था। इसके लिए वह लगातार वीडियो बनाकर युवाओं को भेजता था, ताकि उनका ब्रेनवॉश किया जा सके।
डॉ उमर के मोबाइल से 70 वीडियो मिले थे
NIA सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन में डॉ. उमर के 12 वीडियो समेत 70 से ज्यादा वीडियो मिले हैं। ऐसे ही वीडियो 11 लोगों को भेजे गए थे। इनमें से 7 युवा कश्मीरी मूल के बताए जा रहे हैं और सभी का अल-फलाह यूनिवर्सिटी से लिंक मिला है। बाकी 4 युवा उत्तर प्रदेश, केरल और कर्नाटक के रहने वाले हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि आमिर रशीद अली, जिसने उमर नबी को I-20 कार दिलवाई थी, खुद सुसाइड बॉम्बर बनने को तैयार नहीं था। इसके बाद उमर ने उसे भी ऐसे ही ब्रेनवॉश करने वाले वीडियो भेजे थे। एजेंसियों को शक है कि उमर नबी एक पूरी फिदायीन टीम तैयार कर रहा था और उसका टारगेट कई राज्यों के युवा थे।
दिल्ली ब्लास्ट से पहले पुलवामा गया था आतंकी उमर
दिल्ली कार ब्लास्ट में खुद को उड़ाने वाला आतंकी डॉ. उमर मोहम्मद हमले से करीब 2 हफ्ते पहले पुलवामा के कोइल गांव में अपने घर गया था। उमर ने अपने दो मोबाइल फोन में से एक अपने भाई जहूर इलाही को दिया और कहा कि अगर मेरे कोई खबर आए तो फोन पानी में फेंक देना।
इसी फोन से वह वीडियो मिला है, जिसमें उमर आत्मघाती हमले को ‘शहादत का ऑपरेशन’ बता रहा है। जहूर ने सुरक्षा एजेंसियों को पूछताछ में फोन के बारे में जानकारी दी है। जहूर ने बताया कि उमर ने उसे 26 से 29 अक्टूबर के बीच फोन दिया था। 9 नवंबर को अल-फलाह यूनिवर्सिटी से उमर के साथियों की गिरफ्तारी की खबर सुनते ही उसने घबराकर फोन घर के पास एक तालाब में फेंक दिया था।
जांच एजेंसियों ने 9 नवंबर को उमर के दोनों फोन तलाशे तो दोनों बंद मिले थे। एक फोन की आखिरी लोकेशन दिल्ली और दूसरे की पुलवामा थी। इसी दौरान जहूर से पूछताछ चल रही थी कि तभी दिल्ली में आत्मघाती धमाका हो गया था। बाद में तालाब से फोन बरामद हुआ, हालांकि पानी में डूबने से वह खराब था, फिर भी एक वीडियो रिकवर कर लिया गया। फोन और डिजिटल सबूत अब NIA को सौंप दिए गए हैं।
पढ़िए वीडियो में उमर ने क्या कहा….
वीडियो में उमर टूटी-फूटी अंग्रेजी में बात कर रहा है। उसने कहा- एक बात जो नहीं समझी गई कि यह शहीद होने के लिए ऑपरेशन (मार्टरडम ऑपरेशन) है, न कि सुसाइड हमला। इसको लेकर कई विरोधाभास हैं। दरअसल, मार्टरडम ऑपरेशन के लिए माना जाता है कि कोई व्यक्ति निश्चित रूप से किसी जगह पर निश्चित समय पर जान देता है।
डॉ. उमर ने दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुंडई i20 कार में आत्मघाती धमाका किया था। इससे 15 लोगों की मौत हुई थी और 20 से ज्यादा घायल हुए थे। मामले में अब तक 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है, इसमें से 5 डॉक्टर है।
अब तक 8 लोग अरेस्ट, इनमें 5 डॉक्टर हैं
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अपडेट्स
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन पर 400 करोड़ के ठगी का मामला
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पैसों की हेरफेर का मामला भी सामने आया है। ईडी का आरोप है कि अल-फलाह यूनिवर्सिटी के ट्रस्टी ने कम से कम 415.10 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के माता-पिता को फर्जी मान्यता के दावे करके करोड़ों रुपये हड़पे गए हैं। कोर्ट ने चेयरमैन जवाद अहमद को 13 दिन की कस्टडी पर भेजने का आदेश दिया है।
सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर के आखिरी 10 दिन की कहानी
दिल्ली में लाल किले के सामने खुद को विस्फोटक से भरी कार समेत उड़ाने वाले डॉ. उमर नबी के आखिरी 10 दिनों की कहानी सामने आई है। फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नबी ने नूंह की हिदायत कॉलोनी में खुद को एक कमरे में 10 दिन बंद रखा।
हालात ये थे कि वो टॉयलेट या शौच के लिए भी कमरे से बाहर नहीं निकला। कमरे के अंदर ही गंदगी फैलाता रहा। न कपड़े बदले, न नहाया। रात के अंधेरे में कभी-कभार खाना खाने घर से बाहर गया।
जम्मू की भलवाल जेल में छापेमारी, आतंकी नेटवर्क से लिंक का शक
जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने बुधवार को जम्मू के हाई-सिक्योरिटी कोट भलवाल जेल में बड़ी छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई अभी भी जारी है और इसका मकसद जेल के अंदर से चल रहे संभावित आतंकी नेटवर्क का खुलासा करना है।
कोट भलवाल सेंट्रल जेल में पाकिस्तानी और स्थानीय कुख्यात आतंकियों के साथ-साथ कई गंभीर अपराधी भी बंद हैं। इसी वजह से सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर यहां निगरानी बढ़ाती हैं। अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में मिले इनपुट्स के बाद पुलिस टीम ने आज तड़के ही ऑपरेशन शुरू किया।
जांच एजेंसियों को शक है कि जेल के अंदर से कुछ कैदी आतंकी मॉड्यूल से जुड़े लोगों को निर्देश दे रहे थे। इसी संदर्भ में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, संदिग्ध दस्तावेज और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी खत्म होने के बाद बरामद सामान और मिले सुरागों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी 13 दिन की ED कस्टडी में
दिल्ली की एक अदालत ने अल-फला ग्रुप के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी को 13 दिन की ED कस्टडी में भेज दिया है। अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि ऐसे उचित आधार मौजूद हैं, जो बताते हैं कि सिद्दीकी बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, फर्जी मान्यता (एक्रेडिटेशन) और अल-फला यूनिवर्सिटी से जुड़े फंड की हेराफेरी में मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर अपराध में शामिल रहे हैं। उन्हें 18 नवंबर की देर रात PMLA की धारा 19 का पालन करते हुए गिरफ्तार किया गया।
आदेश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शीतल चौधरी प्रधान ने अपने कैम्प ऑफिस में रात में जारी किया। ED ने अदालत को बताया कि जांच शुरुआती चरण में है और उनके पास धोखाधड़ी, गलत बयानबाजी और अपराध की आय के स्थानांतरण से जुड़े ठोस सबूत हैं। एजेंसी ने कस्टोडियल पूछताछ की मांग करते हुए कहा कि अगर सिद्दीकी को हिरासत में न लिया गया, तो वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या डिजिटल व वित्तीय रिकॉर्ड नष्ट करवा सकते हैं।
डॉ. उमर अपनी तरह सुसाइड बॉम्बर टीम तैयार कर रहा था
जांच एजेंसियों का दावा है कि डॉ. उमर अपने जैसे और भी सुसाइडल बॉम्बर तैयार करने की कोशिश में था। वह मोटिवेशनल वीडियो बनाकर लगातार युवाओं को शेयर करता था, जिससे उनका ब्रेन वॉश हो।
NIA सूत्रों के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल से डॉ. उमर के कई वीडियो सामने आए हैं। इस तरह के वीडियो 11 लोगों को भेजे गए थे। इनमें 7 युवा कश्मीरी मूल के थे। सभी का लिंक अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा है। बाकी 4 लोग उत्तर प्रदेश, केरल और कर्नाटक के बताए जा रहे हैं।
