राबड़ी आवास में लालू के सामने उस रात क्या हुआ:रोहिणी बोली- संजय हार का जिम्मेदार, उधर से आवाज आई- गंदी औरत, मुंह बंद रख
बिहार विधानसभा चुनाव और 14 नवंबर को नतीजे वाली शाम। सत्ता हासिल करने की सबसे बड़ी उम्मीदें राख में बदल चुकी थीं। राबड़ी आवास के बाहर जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ रहा था…अंदर किसी तूफान की आहट तेज हो रही थी।
कम रोशनी, सभी लोग चुप। सिर्फ घड़ी की टिक-टिक। घर में सब थे- लालू, मीसा, रोहिणी और तेजस्वी के करीबी संजय और रमीज। हार किसकी वजह से हुई? सबके दिल में सवाल था…पर ज़ुबान किसी की नहीं खुल रही थी।
तभी गुस्से में रोहिणी बोलती हैं- हार की वजह साफ है… गलत फैसले हुए हैं… और इसके पीछे जिम्मेदार कौन है, सब जानते हैं।
बस… इतना सुनते ही कमरे का माहौल गर्म हो गया। जिस बात को सब कहने से डर रहे थे… वो अब तीर की तरह उड़कर कमरे में घूम रही थी।
एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़िए, 14 नवंबर की शाम से 16 नवंबर तक लालू फैमिली में क्या क्या हुआ…।
उससे पहले संजय यादव और रमीज की कहानी जानने के लिए साथ ही जाने किडनी देकर लालू की जान बचाने वाली रोहिणी आचार्य की पूरी कहानी।
तारीख 14 नवंबर। शाम का वक्त।
टेलीविजन स्क्रीन पर बिहार चुनाव की मतगणना के रुझान लगातार सामने दिख रहे थे। नतीजों में राजद एक के बाद एक सीटें हार रही थी।
घर में मौजूद सभी टकटकी निगाहों से टीवी को निहार रहे थे। पार्टी और परिवार की बागडोर तेजस्वी के हाथ में होने के कारण सभी इसका जिम्मेदार उसे ही मान रहे थे, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं थी कि यह बात बोल सके।
सब चुपचाप बैठे हुए थे, लेकिन रोहणी से रहा नहीं गया। वो इस हार का ठीकरा संजय यादव पर फोड़ने लगी। रोहिणी झल्लाते हुए बोलीं- ‘यह सब संजय की वजह से हुआ है।’
कमरे में एक तरफ लालू, मीसा, राबड़ी बैठे थे, जो सब कुछ चुपचाप सुन रहे थे। दूसरी तरफ तेजस्वी, संजय और रमीज थे।
अचानक दूसरी तरफ से झुंझलाहट में चिल्लाते हुए आवाज आई- ‘गंदी औरत, तुम अपना मुंह बंद रखो…तुमने अपनी गंदी किडनी बेची है…हमसे करोड़ों रुपए लिए और अपने मनपसंद लोगों को टिकट दिलवाया…अच्छा होगा कि तुम यहां से चली जाओ।’
यह सुनते ही रोहिणी अवाक रह गईं। कुछ देर तक अपने छोटे भाई को बस निहारती रही। उसके मन में सवाल था कि जिसे गोद में खिलाया, उसने उसका ये सिला दिया।
फिर आवाजें और तेज होने लगी। तेजस्वी की तरफ से आवाज आई- ‘मुंह क्या देख रही हो…तुम्हारी वजह से हम हारे हैं…यहां से अभी के अभी निकलो…तुम्हारा इस घर और परिवार से कोई रिश्ता नहीं है।’
रोहणी बोलना तो बहुत कुछ चाह रही थी, लेकिन जुबान साथ नहीं दे रहे थे। आंखों से सिर्फ आंसू बह रहे थे। उसके आंखों के सामने अस्पताल की वह तस्वीरें झलक रही थी, जब वो खुशी-खुशी अपने पिता को किडनी देने के लिए ऑपरेशन थिएटर में जा रही थी।
रोहिणी कुछ देर तक रुकीं, अपने पूरे परिवार को देखा। लालू, राबड़ी और मीसा, सभी की आंखों में आंसू थे, लेकिन सभी ने चुप्पी साध रखी थी।
तारीख 15 नवंबर। दोपहर का वक्त।
यह रात बीत गई। 15 नवंबर की दोपहर 2.52 बजे रोहिणी ने सोशल मीडिया ‘X’ पर पोस्ट कर बताया- ‘मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं…संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।’
रोहिणी की पोस्ट के बाद ही राबड़ी आवास में हलचल और तेज हुई। चारों तरफ चीखने-चिल्लाने की आवाज गूंजने लगी। कुछ घंटे तक यह सब चलता रहा।
तारीख 15 नवंबर। रात का वक्त।
शनिवार रात में रोहिणी अपना बैग उठाकर एयरपोर्ट निकल गईं। पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की।
रोहिणी ने कहा- ‘मेरा कोई परिवार नहीं है…उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है…सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।’
रोहिणी ने तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। रोहिणी ने कहा- ‘ये सवाल अब तेजस्वी यादव से पूछिए….सवाल पूछोगे तो गाली दी जाएगी….चप्पल से मारा जाएगा।’
पटना से दिल्ली पहुंचते ही रोहिणी एक बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट कर अपनी भड़ास निकालने लगी।
तारीख 16 नवंबर। सुबह 11.20 का वक्त।
रोहिणी आचार्य ने X पर रविवार सुबह 11.20 बजे फिर पोस्ट कर लिखा- ‘कल एक बेटी, एक बहन, एक शादीशुदा महिला, एक मां को जलील किया गया….गंदी गालियां दी गयीं….मारने के लिए चप्पल उठाई गई।’
रोहिणी ने आगे लिखा- ‘मैंने अपने आत्म सम्मान से समझौता नहीं किया….सच का समर्पण नहीं किया….सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पड़ी।
रोहिणी ने मायका छुड़वाने और अनाथ बनाने का आरोप लगाते हुए लिखा- ‘कल एक बेटी मजबूरी में अपने रोते हुए मां-बाप बहनों को छोड़ आई….मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया….मुझे अनाथ बना दिया गया। ‘आप सब मेरे रास्ते कभी ना चलें….किसी घर में रोहिणी जैसी बेटी-बहन पैदा न हो।’
तारीख 16 नवंबर। दोपहर 12.16 का वक्त।
रविवार को अपने पहले पोस्ट के 1 घंटे बाद रोहिणी का तीसरा पोस्ट सामने आया। रोहिणी ने लिखा- ‘कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूं….मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी…करोड़ों रुपए लिए…टिकट लिया…तब लगवाई गंदी किडनी।’
रोहिणी ने तेजस्वी और संजय यादव पर तंज कसते हुए लिखा- ‘सभी बेटी-बहन, जो शादीशुदा हैं…उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा-भाई हो…तो भूलकर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं….अपने भाई, उस घर के बेटे को ही बोलें कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे”
रोहिणी ने – ‘सभी बहन-बेटियां अपना घर-परिवार देखें…अपने माता-पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे…अपना काम…अपना ससुराल देखें…सिर्फ अपने बारे में सोचें…मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनों बच्चों को नहीं देखा।’
रोहिणी ने आगे लिखा- ‘किडनी देते वक्त न अपने पति…न अपने ससुराल से अनुमति ली…अपने भगवान…अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया, जिसे आज गंदा बता दिया गया…आप सब मेरे जैसी गलती कभी ना करें…किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो’
रोहिणी आचार्य के राबड़ी आवास छोड़ने के बाद रविवार को तीन और बहनें रागिनी, राजलक्ष्मी और चंदा यादव भी दिल्ली रवाना हो गईं। ये तीनों बहनें अपने परिवार और बच्चों के साथ चली गई हैं। अब राबड़ी आवास खाली हो गया है। घर में सिर्फ लालू, राबड़ी और तेजस्वी रह गए हैं।
