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शेख हसीना को फांसी की सजा:बांग्लादेशी कोर्ट ने छात्रों की हत्याओं का दोषी माना; यूनुस बोले- भारत हसीना को सौंपे

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शेख हसीना को फांसी की सजा:बांग्लादेशी कोर्ट ने छात्रों की हत्याओं का दोषी माना; यूनुस बोले- भारत हसीना को सौंपे

ढाका3 मिनट पहलेलेखक: वैभव पलनीटकर

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सोमवार को मौत की सजा सुनाई गई है। उन्हें ढाका की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने हत्या के लिए उकसाने और हत्या का आदेश देने के लिए मौत की सजा दी। बाकी मामलों में उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई। ICT ने उन्हें 5 मामलों में आरोपी बनाया था।

ट्रिब्यूनल ने शेख हसीना को जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हत्याओं का मास्टरमाइंड बताया। वहीं दूसरे आरोपी पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान को भी हत्याओं का दोषी माना और फांसी की सजा सुनाई। सजा का ऐलान होते ही कोर्ट रूम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।

तीसरे आरोपी पूर्व IGP अब्दुल्ला अल-ममून को 5 साल जेल की सजा सुनाई गई। ममून हिरासत में हैं और सरकारी गवाह बन चुके हैं। कोर्ट ने हसीना और असदुज्जमान कमाल की प्रॉपर्टी जब्त करने का आदेश दिया है। फैसले के बाद बांग्लादेश के अंतरिम पीएम ने मोहम्मद यूनुस ने भारत से हसीना को डिपार्ट करने की मांग की है।

तख्तापलट के बाद भारत आ गईं थीं हसीना

5 अगस्त 2024 को तख्तापलट के बाद शेख हसीना और पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमान ने देश छोड़ दिया था। दोनों नेता पिछले 15 महीने से भारत में रह रहे हैं।

बांग्लादेश के पीएम ऑफिस ने बयान जारी कर कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच जो प्रत्यर्पण संधि है, उसके मुताबिक यह भारत की जिम्मेदारी बनती है कि वह पूर्व बांग्लादेशी पीएम को हमारे हवाले करे।

हसीना ने जिस कोर्ट की स्थापना की, उसी ने सजा सुनाई

हसीना को मौत की सजा सुनाने वाले इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल की स्थापना उन्होंने ही की थी। इसे 2010 में बनाया गया था। इस कोर्ट को 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान हुए वॉर क्राइम्स और नरसंहार जैसे मामलों की जांच और सजा के लिए बनाया गया था।

हालांकि इस ट्रिब्यूनल को बनाने के लिए 1973 में ही कानून बना दिया गया था, लेकिन दशकों तक प्रक्रिया रुकी रही। इसके बाद 2010 में हसीना ने इसकी स्थापना की ताकि अपराधियों पर मुकदमा चल सके।

हसीना के तख्तापलट के दौरान की 5 तस्वीरें…

हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की एक गाड़ी ने आंदोलनकारियों को कुचल दिया था।
हिंसक प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की एक गाड़ी ने आंदोलनकारियों को कुचल दिया था।
पिछले साल प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंदोलनकारी छात्रों और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया था।
पिछले साल प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंदोलनकारी छात्रों और प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया था।
पिछले साल अगस्त में हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई जगह आगजनी की थी।
पिछले साल अगस्त में हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई जगह आगजनी की थी।
शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद ढाका में पीएम आवास में प्रदर्शनकारी घुस गए। वहां लूटपाट की, जिसे जो मिला उठा ले गए।
5 अगस्त को हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना हेलिकॉप्टर से ढाका से दिल्ली आ गईं थीं।

फैसले के बाद शेख हसीना गूगल पर ट्रेंड कर रही हैं…

सोर्स-

शेख हसीना के मामले से जुड़े सभी बड़े अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइये…

लाइव अपडेट्स

6 मिनट पहले

भारत बोला- बांग्लादेश की शांति के लिए बातचीत जारी रखेंगे

बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल द्वारा सुनाए गए फैसले पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी किया है।

बयान में कहा गया है कि भारत ने इस फैसले को संज्ञान में लिया है। भारत ने याद दिलाया कि वह बांग्लादेश का करीबी पड़ोसी है और बांग्लादेश के लोगों के हित, शांति, लोकतंत्र, सभी समुदायों की भागीदारी और देश में स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत, बांग्लादेश की शांति और स्थिरता को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों के साथ रचनात्मक तरीके से बातचीत जारी रखेगा।

9 मिनट पहले

हसीना के पिता का घर तोड़ने बुलडोजर पहुंचा

बांग्लादेश के संस्थापक नेता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के ऐतिहासिक घर के जो भी अवशेष अब बचे हैं, उन्हें गिराने के लिए मौके पर बुलडोजर लाया गया है।यह घर बांग्लादेश के इतिहास और मुजीबुर रहमान की विरासत का प्रतीक माना जाता है।

13 मिनट पहले

बांग्लादेशी अधिकारी बोले- हसीना के मामले में भारत को कईं लेटर लिखे

मीडिया से बात करते हुए बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार ने कहा कि हमने कई बार भारत को लेटर लिखकर शेख हसीना को डिपोर्ट करने की मांग की है, लेकिन भारत सरकार की तरफ से कोई पॉजिटिव प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

32 मिनट पहले

पूर्व मंत्री बोले-हसीना के खिलाफ फैसला पहले से तय था

हसीना की पार्टी की नेता और पूर्व सूचना मंत्री मोहम्मद अली अराफत ने कहा है कि पूर्व PM के खिलाफ सुनाया गया फैसला पहले से तय था। उनके मुताबिक यह ऐसा फैसला है जो ट्रायल शुरू होने से पहले ही लिख दिया गया था।

अराफत ने आरोप लगाया कि आज इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) में जो कुछ भी हुआ वह स्क्रिप्टेड था। उन्होंने कहा कि पूरा फैसला सुनाने की प्रक्रिया दिखावे के लिए थी और असली नतीजा पहले ही तय कर लिया गया था।

38 मिनट पहले

शेख हसीना पर 5 आरोप

  • आरोप 1- हत्याओं का आदेश देना
  • आरोप 2- भड़काऊ भाषण देकर हिंसा कराना
  • आरोप 3- न्याय में बाधा डालना/ सबूत मिटाने की कोशिश
  • आरोप 4- छात्र अबु सईद की हत्या का आदेश देना
  • आरोप 5- चांखारपुल में 5 लोगों की हत्या कराना और उनकी लाशें जलाना

शेख हसीना आरोप 1, आरोप 2 और आरोप 3 में दोषी पाई गईं। उन्हें पहले और दूसरे आरोपों में मौत की सजा मिली

04:46 PM17 नवम्बर 2025

यूनुस बोले- भड़काऊ या गैरकानूनी हरकत न करें

पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सजा पर यूनुस सरकार ने बयान जारी कर इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है। अंतरिम सरकार ने जनता से शांत, संयमित और जिम्मेदार बने रहने की अपील की है।

सरकार ने खास तौर पर लोगों से कहा है कि फैसले के बाद किसी तरह की गड़बड़ी, भड़काऊ हरकत, हिंसा या गैरकानूनी हरकत न करें।

सरकार ने साफ कहा है कि अगर कोई अराजकता, गड़बड़ी या कानून-व्यवस्था तोड़ने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

04:44 PM17 नवम्बर 2025

हसीना बोलीं- ये फैसला गलत और पक्षपाती

शेख हसीना ने कहा कि उनके खिलाफ आया फैसला गलत, पक्षपाती और राजनीति से प्रेरित है। उनका कहना है कि यह फैसला ऐसे ट्रिब्यूनल ने दिया है जिसे एक गैर-निर्वाचित सरकार चला रही है और जिसके पास जनता का कोई जनादेश नहीं है।

उन्होंने कहा कि लोग जानते हैं कि यह पूरा मामला असली घटनाओं की जांच नहीं, बल्कि अवामी लीग को निशाना बनाने की कोशिश है।

हसीना ने कहा कि यूनुस सरकार में पुलिस व्यवस्था कमजोर हो गई है। न्याय व्यवस्था कमजोर हो गई है, अवामी लीग समर्थकों और हिंदू-मुस्लिम अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़े हैं, महिलाओं के अधिकार दबाए जा रहे हैं और कट्टरपंथियों का असर बढ़ता जा रहा है।

हसीना ने कहा कि डॉ. यूनुस को किसी ने चुना नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का अगला चुनाव पूरी तरह स्वतंत्र और निष्पक्ष होना चाहिए।

04:32 PM17 नवम्बर 2025

सरकारी वकील बोले- हसीना ने PM रहते भडकाऊ बयान दिए

सरकारी वकील ताजुल इस्लाम ने ट्रिब्यूनल्स को दलील दी कि बीते साल जुलाई और अगस्त के दौरान 1,400 लोगों की हत्या की गई थी। इसमें करीब 25 हजार लोग घायल हुए। ताजुल ने मृत लोगों की लिस्ट भी सौंपी।

ताजुल इस्लाम ने बताया कि शेख हसीना ने न सिर्फ हिंसक एक्टिविटी में शामिल रहीं बल्कि बीते साल 14 जुलाई को प्रधानमंत्री पद पर रहने के दौरान एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों को ‘रजाकार’ के बेटे और पोते बताते हुए उकसावे वाली टिप्पणी भी की थी। इससे मामला और भड़क गया था।

03:54 PM17 नवम्बर 2025

हसीना की पार्टी ने कल बांग्लादेश बंद का ऐलान किया

शेख हसीना की पार्टी बांग्लादेश अवामी लीग ने फैसले के खिलाफ 18 नवंबर (कल) को देश में बंद का ऐलान किया है।

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